200 करोड़ ठगी केस: मकोका मामले में लीना पॉलोज की जमानत खारिज, मनी लॉन्ड्रिंग में मिली राहत
नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। 200 करोड़ की ठगी से जुड़े मकोका मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉलोज को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत देने के इनकार कर दिया है। लेकिन, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत देने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद पूरा केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
इस मामले की शुरुआत साल 2021 में हुई थी, जब दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने लीना पॉलोज को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि वह एक बड़े ठगी नेटवर्क का हिस्सा थीं, जिसमें करीब 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हेराफेरी की गई थी। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया, जिसके बाद से वह लगातार जेल में हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लीना पॉलोज की तरफ से यह दलील दी गई कि इस अपराध में अधिकतम सजा सात साल तक हो सकती है और वह अब तक लगभग साढ़े चार साल जेल में बिता चुकी हैं। उनके वकील ने कहा कि इतने लंबे समय तक हिरासत में रहना काफी है और अब उन्हें जमानत दी जानी चाहिए।
हालांकि, अदालत ने मकोका मामले को बेहद गंभीर मानते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। लेकिन दूसरी तरफ, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत दे दी गई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट में लीना पॉलोज ने कहा कि उनका सुकेश चंद्रशेखर के साथ संबंध अब ठीक नहीं चल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुकेश का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध हैं।
जब अदालत ने पूछा कि वह दूसरी महिला कौन है, तो लीना के वकील ने फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम लिया।
इस पूरे केस की बात करें तो, जांच एजेंसियों का कहना है कि फर्जी कंपनियों, हवाला नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन के जरिए भारी मात्रा में पैसों का इस्तेमाल लग्जरी लाइफस्टाइल, विदेश यात्राओं और कई प्रभावशाली लोगों को प्रभावित करने के लिए किया गया।
लीना पॉलोज पर आरोप है कि वह इस पूरे नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा थीं और उन्होंने पैसों को अलग-अलग खातों और कंपनियों के जरिए घुमाने में भूमिका निभाई। वहीं, सुकेश चंद्रशेखर को इस पूरे कथित रैकेट का मुख्य चेहरा बताया जाता है, जो पहले से ही कई मामलों में जेल में बंद है।
--आईएएनएस
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