1962 के हीरो जसवंत सिंह रावत के गांव पहुंचे सांसद अनिल बलूनी, घर को स्मारक और संग्रहालय बनाने का ऐलान
कोटद्वार, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने रविवार को पौड़ी गढ़वाल के 1962 के भारत-चीन युद्ध के महानायक जसवंत सिंह रावत के पैतृक गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वीर जवान को श्रद्धांजलि दी और उनके घर को संरक्षित धरोहर स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
पत्रकारों से बात करते हुए सांसद बलूनी ने कहा, "देखिए, आज मेरे जीवन का बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज मैं जसवंत सिंह रावत जी के गांव गया, जो 1962 के चीन युद्ध के हीरो थे। मैंने उनके गांव का दौरा किया, उन्हें श्रद्धांजलि दी और उस जमीन की मिट्टी को अपने सिर पर लगाया।"
उन्होंने बताया कि उन्होंने गांव के लोगों के साथ काफी समय बिताया और उनकी समस्याओं को सुना। बलूनी ने कहा, "गांव के लोगों ने कई विचार साझा किए और मुझसे उन पर चर्चा की। मैंने तय किया है कि उनके घर और उसके आस-पास के पूरे गांव को एक संरक्षित धरोहर स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।"
सांसद ने बताया कि उन्होंने जसवंत सिंह रावत के परिवार के सदस्यों से उनके घर पर और बाद में फोन पर भी बात की है। उन्होंने घोषणा की कि उनके पैतृक घर को एक स्मारक और संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा और इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। गांव वालों की मांग पर वहां एक भव्य प्रवेश द्वार भी बनाया जाएगा। बलूनी ने कहा, "मैं शनिवार रात को एक गांव में गया, जहां पर गांव वालों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुना।"
सांसद ने बताया कि 17 नवंबर का दिन बेहद ऐतिहासिक है। इसी दिन जसवंत सिंह रावत, जिन्हें स्थानीय लोग श्रद्धा से 'जसवंत बाबा' कहते हैं, ने अकेले दम पर 300 चीनी सैनिकों को मार गिराया था और पूरी चीनी सेना को 72 घंटों तक रोके रखा था।
उन्होंने कहा, "हम उस जगह जाएंगे, वहां से मिट्टी लाएंगे और 17 नवंबर को संग्रहालय परियोजना की शुरुआत करने के लिए उसका उपयोग करेंगे। हम वहां पर एक शानदार म्यूजियम तैयार करेंगे, जिससे देश-दुनिया के लोग वहां पर आए और वे उससे प्रेरणा ले सकें कि फोर्थ गढ़वाल राइफल के जसवंत रावत ने पूरे दुश्मनों के दांत खट्टे किए थे।"
उल्लेखनीय है कि राइफलमैन जसवंत सिंह रावत की वीरता की कहानी आज भी भारतीय सेना के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखी गई है।
--आईएएनएस
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