'1857 की क्रांति विद्रोह नहीं, भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम था', अंबाला में शहीद स्मारक के उद्घाटन पर गृह मंत्री शाह बोले
अंबाला, 5 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के अंबाला कैंट स्थित गांधी मैदान में शहीद स्मारक का उद्घाटन किया। इस मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने 1857 की क्रांति को भारत का स्वतंत्रता संग्राम बताते हुए कहा कि अंग्रेजों से प्रेरित वामपंथी इतिहासकारों ने इसे महज विद्रोह करार दिया था, जबकि वीर सावरकर ने सच्चाई बताते हुए इसे स्वतंत्रता का संग्राम कहा था।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों के लिए 1857 की क्रांति विद्रोह हो सकती है, लेकिन भारत माता के बच्चों के लिए यह विद्रोह नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का संग्राम था। इसके लिए हम बार-बार नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद आज मनोहर लाल और नायब सिंह सैनी के प्रयासों से अंबाला में 1857 की क्रांति के शहीदों का भव्य स्मारक बनकर तैयार हुआ है।
गृह मंत्री ने 1857 की क्रांति के वीर सेनानियों को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, वकील अजीमुल्लाह खान, बेगम हजरत महल और दिल्ली के सम्राट बहादुर शाह जफर सहित अनेक वीर योद्धाओं ने अपना पराक्रम दिखाया और सर्वोच्च बलिदान दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कोई भी देश तब तक प्रगति नहीं कर सकता, जब तक वह अपनी स्वतंत्रता का महत्व नहीं समझता, आजादी के लिए खून बहाने वाले शहीदों का गौरवगान नहीं करता और इतिहास के पन्नों को रक्तरंजित अक्षरों से स्वर्णिम अक्षरों में नहीं लिखता। उन्होंने कहा कि अंबाला में बना यह स्मारक आने वाले दिनों में देशभर के युवाओं और किशोरों के लिए राष्ट्रभक्ति की बड़ी प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज हम सभी के लिए बेहद गौरव का दिन है। अंबाला की धरती पर आज इतिहास, शौर्य और राष्ट्रीय गौरव का एक नया अध्याय लिखा गया है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि इस अध्याय का लेखन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करकमलों से हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अमित शाह की संगठनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित शाह ने मेहनत के दम पर संगठन में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। उन्होंने भाजपा को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया है और आज उनके नेतृत्व में भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है।
--आईएएनएस
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