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160 करोड़ के लोन फ्रॉड में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मुंबई-वडोदरा में सात ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों के गहने जब्त

160 करोड़ के लोन फ्रॉड में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मुंबई-वडोदरा में सात ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों के गहने जब्त
160 करोड़ के लोन फ्रॉड में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मुंबई-वडोदरा में सात ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों के गहने जब्त

मुंबई, 27 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लोन फ्रॉड के एक बड़े मामले में मुंबई और वडोदरा में एक साथ छापेमारी की है। ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने 25 अगस्त को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 के तहत सात रिहायशी और व्यावसायिक परिसरों और तीन बैंक लॉकरों में तलाशी अभियान चलाया।

यह कार्रवाई मेसर्स बिलपावर लिमिटेड द्वारा किए गए 160.55 करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड के सिलसिले में की गई है। ईडी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर सीबीआई-ईओ-आई, दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इसके बाद सीबीआई ने 30 सितंबर 2024 को मेसर्स बिलपावर लिमिटेड, उसके निदेशकों और सहयोगी कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

आरोप है कि ट्रांसफॉर्मर लैमिनेशन और कोर बनाने वाली कंपनी मेसर्स बिलपावर लिमिटेड ने एसबीआई से लोन सुविधाएं लीं और बाद में धोखाधड़ी से लोन की रकम को दूसरी जगह ट्रांसफर कर दिया और अकाउंट बुक में हेरफेर की, जिससे बैंक को 160.55 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

कंपनी का प्रबंधन राजेंद्र कुमार चौधरी, सुरेश कुमार चौधरी और नरेश कुमार चौधरी करते थे। 2005 से कंपनी के एसबीआई के साथ बैंकिंग संबंध थे, जिसमें कैश क्रेडिट, वर्किंग कैपिटल टर्म लोन, फंडेड इंटरेस्ट टर्म लोन, कॉर्पोरेट लोन और बैंक गारंटी, लेटर ऑफ क्रेडिट और फॉरेन करेंसी एक्सपोजर जैसी नॉन-फंड-बेस्ड सुविधाएं शामिल थीं। लोन अकाउंट 18 अप्रैल 2012 को एनपीए हो गया, जिस पर 160.55 करोड़ रुपए का मूल बकाया था।

जांच से पता चला कि बिलपावर लिमिटेड कुछ शेल और फर्जी फर्मों के साथ लेन-देन में शामिल थी, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर बैंक फंड को दूसरी जगह भेजने और राउंड-ट्रिपिंग के लिए किया जाता था। इन संस्थाओं के पक्ष में लेटर ऑफ क्रेडिट जारी किए गए और जाली दस्तावेजों को असली बताकर जमा किया गया और इस्तेमाल किया गया। इसके बाद फंड को चौधरी परिवार के सदस्यों या उनके सहयोगियों द्वारा नियंत्रित विभिन्न संस्थाओं में ट्रांसफर कर दिया गया।

तलाशी के दौरान ईडी ने लगभग 43.90 लाख रुपए नकद और लगभग 12.20 करोड़ रुपए मूल्य के गहने जब्त किए हैं। इसके अलावा दो बैंक अकाउंट जिनमें लगभग 27 लाख रुपए थे और तीन बैंक लॉकर पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज किए गए हैं।

छापेमारी के दौरान अचल संपत्तियों, जमीन और मशीनरी जैसी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पहचान कर उन्हें बरामद किया गया। इनके अलावा अकाउंट बुक्स, लेजर और डिजिटल डिवाइस जैसे अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद और जब्त किए गए हैं। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

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