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16 अगस्त का पंचांग: भगवान गणेश की पूजा करना रहेगा फलदाई, दोपहर 12:05 से 12:56 बजे तक अभिजित मुहूर्त

16 अगस्त का पंचांग: भगवान गणेश की पूजा करना रहेगा फलदाई, दोपहर 12:05 से 12:56 बजे तक अभिजित मुहूर्त
16 अगस्त का पंचांग: भगवान गणेश की पूजा करना रहेगा फलदाई, दोपहर 12:05 से 12:56 बजे तक अभिजित मुहूर्त

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।

16 अगस्त 2026 (रविवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शाम 4:52 बजे तक है। इसके बाद पंचमी तिथि लग जाएगी। इस दिन विनायक चतुर्थी होने की वजह से भगवान गणेश की पूजा करना फलदाई रहेगा। रविवार को शाम 4:52 बजे से नाग पंचमी की तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

रविवार को सुबह 6:07 बजे सूर्योदय और शाम 6:54 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, सुबह 9:21 बजे चंद्रोदय और शाम 9:16 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 16 अगस्त 2026 को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा हस्त नक्षत्र में रहेगा।

रविवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि अगले दिन सुबह 4:08 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल रात 9:43 से 11:21 बजे तक रहेगा।

वहीं, राहुकाल शाम 5:19 बजे से 6:54 बजे और गुलिक काल दोपहर 3:43 से शाम 5:19 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल दोपहर 12:31 से 2:07 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

रविवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा कन्या राशि में स्थित रहेगा। पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

--आईएएनएस

एसडी/एएस

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