सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष की SIR याचिका में मिलीं 14 खामियां, फुटेज में देंखे खड़गे के ID कार्ड की साफ कॉपी मांगी; कोर्ट फीस भी कम जमा
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में रजिस्ट्री ने करीब 14 खामियां बताई हैं। इस याचिका में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 11 विपक्षी नेताओं की ओर से मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और अनियमितताओं के आरोप उठाए गए हैं। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका दाखिल करने वाले वकील से कई दस्तावेजों में सुधार करने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है।
याचिका में बताई गईं करीब 14 खामियां
रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका की जांच के दौरान लगभग 14 कमियां दर्ज कीं। इनमें याचिकाकर्ताओं की सहमति, पहचान संबंधी दस्तावेज, दस्तावेजों की स्पष्टता और कोर्ट फीस से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।रजिस्ट्री ने याचिका दाखिल करने वाले वकील से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की स्पष्ट कॉपी मांगी है। इसके अलावा बताया गया कि नौ याचिकाकर्ताओं ने याचिका दाखिल करने के लिए अपनी लिखित सहमति नहीं दी थी। ऐसे में रजिस्ट्री ने आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की जरूरत बताई।
दस्तावेजों के कुछ पन्ने पढ़ने लायक नहीं
याचिका के साथ जमा किए गए दस्तावेजों को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ पन्ने स्पष्ट नहीं हैं और कुछ दस्तावेजों के पन्ने गायब हैं। अदालत में दाखिल याचिका के साथ सभी जरूरी दस्तावेज स्पष्ट और पूरे होने चाहिए, ताकि मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित तथ्यों की जांच की जा सके।इसके अलावा याचिका के साथ जमा की गई कोर्ट फीस में भी 220 रुपये की कमी बताई गई है। रजिस्ट्री ने इन खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुधारों की ओर ध्यान दिलाया है।
12 अक्टूबर को दायर की गई थी याचिका
विपक्षी नेताओं की ओर से यह याचिका 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। इसमें भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को पक्षकार बनाया गया है।याचिका का मुख्य मुद्दा एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने और अनियमितताओं के आरोप हैं। विपक्षी दल इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं।हालांकि, रजिस्ट्री की ओर से खामियां बताना अपने आप में याचिका पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं है। इन कमियों को दूर करने के बाद याचिका की आगे की प्रक्रिया और सुनवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के मामले में दो एफआईआर
इस बीच, विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये मामले बाराखंभा रोड और तिलक मार्ग पुलिस थानों में दर्ज किए गए हैं।विपक्षी नेताओं ने सोमवार को एफआईआर के विरोध में बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे।
आगे क्या होगा?
अब याचिका में बताई गई खामियों को दूर करना याचिकाकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद अदालत में मामले की आगे की प्रक्रिया निर्धारित हो सकेगी। एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियों और निर्वाचन आयोग के पक्ष पर आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।फिलहाल, रजिस्ट्री की आपत्तियों को दूर किए जाने और याचिका की सुनवाई से संबंधित आधिकारिक अपडेट का इंतजार है।

