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12 साल की देरी के बाद खुल रहा उत्तर कोरिया-चीन का नया 'यालू रिवर ब्रिज'

12 साल की देरी के बाद खुल रहा उत्तर कोरिया-चीन का नया 'यालू रिवर ब्रिज'
12 साल की देरी के बाद खुल रहा उत्तर कोरिया-चीन का नया 'यालू रिवर ब्रिज'

सोल, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया और चीन के बीच बना नया पुल 12 साल की देरी के बाद चालू होगा। व्यापार तथा आवाजाही को बढ़ावा देने वाला नया यालू नदी पुल गुरुवार को आधिकारिक तौर पर यातायात के लिए खोला जाएगा। चीनी सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच इस पुल के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जाएगा।

करीब 12 साल पहले निर्माण पूरा होने के बावजूद यह पुल अब तक इस्तेमाल में नहीं आया था।

दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप के मुताबिक, 3,024 मीटर लंबा यह चार लेन वाला सड़क पुल चीन के पूर्वोत्तर शहर दानदोंग को उत्तर कोरिया के सिनुइजू शहर से जोड़ता है। इसका निर्माण अक्टूबर 2011 में शुरू हुआ था और अक्टूबर 2014 में पूरा हो गया था। हालांकि, उत्तर कोरिया की ओर संपर्क मार्गों, सीमा शुल्क कार्यालयों और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण पुल लंबे समय तक बंद रहा।

हाल के दिनों में इस पुल पर वाहनों की आवाजाही देखी गई थी, जिससे इसके जल्द खुलने की अटकलें तेज हो गई थीं। अब इसके आधिकारिक उद्घाटन से दोनों देशों के बीच व्यापार और लोगों की आवाजाही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यह पुल ऐसे समय में खुल रहा है, जब उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जून में प्योंगयांग में हुई मुलाकात के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक स्तर पर मजबूत करने और आपसी आदान-प्रदान बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

नया पुल दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद मैत्री पुल का पूरक होगा। पुराने पुल का उद्घाटन 1943 में हुआ था और लंबे समय से यालू नदी के पार दोनों देशों के बीच संपर्क का प्रमुख मार्ग रहा है। पुराने पुल पर रेल और सड़क यातायात दोनों संचालित होते हैं, लेकिन सड़क पर एक समय में केवल एक दिशा में वाहनों की आवाजाही संभव होने के कारण क्षमता सीमित रहती है।

नए पुल के चालू होने से सीमा पार माल ढुलाई में लगने वाला समय कम करने और पुराने मार्ग पर दबाव घटाने में मदद मिल सकती है। चीन उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और उसे आर्थिक तथा कूटनीतिक समर्थन देने वाला प्रमुख देश भी है।

--आईएएनएस

केआर/

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