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'10 दिनों तक सो नहीं पाई थी': वर्ल्ड चैंपियन बनने के भावुक सफर को मनीषा ने खेल मंत्री के साथ साझा किया

'10 दिनों तक सो नहीं पाई थी': वर्ल्ड चैंपियन बनने के भावुक सफर को मनीषा ने खेल मंत्री के साथ साझा किया
'10 दिनों तक सो नहीं पाई थी': वर्ल्ड चैंपियन बनने के भावुक सफर को मनीषा ने खेल मंत्री के साथ साझा किया

नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में महिलाओं के 59 किलोग्राम वर्ग में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय पहलवान मनीषा भनवाला ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की।

इस बातचीत के दौरान, मनीषा ने चयन प्रक्रिया के दौरान मानसिक तनाव और उस शानदार वापसी के बारे में बताया, जिसकी बदौलत देश के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया। महिला पहलवान ने बताया कि सिलेक्शन ट्रायल से गुजरने के बाद, उन्हें 10 दिनों तक ठीक से नींद नहीं आई थी।

मनीषा ने मनसुख मांडविया से कहा, "सर, मैं सिलेक्शन ट्रायल से होकर आई थी। मैं 10 दिनों तक सो नहीं सकी थी।"

मनीषा ने 30 अक्टूबर को इतिहास रच दिया। वह सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय पहलवान बन गईं। 59 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में, उन्होंने 0-6 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए अमेरिका की अबीगेल नेट्टे को 8-6 से मात दी थी।

नेट्टे के खिलाफ खिताबी मुकाबले को याद करते हुए, भारतीय पहलवान ने बताया कि एक समय वह छह अंकों से पिछड़ रही थीं, लेकिन फिर उन्होंने बाजी पलट दी। जब उनसे पूछा गया कि पिछड़ने के बाद उन्होंने क्या किया, तो मनीषा ने कहा, "मैंने फिर से शुरुआत की।"

जब मनीषा से पूछा गया कि फाइनल जीतने के बाद उन्हें कैसा लगा, तो भारतीय पहलवान ने फिर से चयन प्रक्रिया के बाद की उन रातों का जिक्र किया जब वह सो नहीं सकी थीं। उन्होंने कहा, "लेकिन सर, अब मैं सुकून से सो पाई।"

केंद्रीय खेल मंत्री ने उनसे पूछा, "आप भी आई हैं यहां, दो साल पहले मेरे सामने धरना दिया था कि नहीं?" मनीषा ने जवाब दिया, "सर, मैं उस समय वर्ल्ड चैंपियनशिप में गई हुई थी।"

खेल मंत्री ने कहा, "हां, मैंने ही तो आपको भेजा था। तो फिर मेरा काम क्या है? किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। आपको भेजा जाना ही चाहिए था। आप सभी मेरे एथलीट हो। आप मेरे देश के एथलीट हो।"

कड़ी मेहनत और अपनी कोशिशों पर भरोसा रखने की अहमियत बताते हुए, मांडविया ने भगवद गीता का श्लोक उद्धृत किया: "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। अपने कर्म पर भरोसा रखें। आपको उसका फल जरूर मिलेगा।"

इस चैंपियनशिप में भारत के पास 2 अन्य गोल्ड मेडल जीतने के मौके थे, लेकिन 50 किलोग्राम वर्ग में नीलम और 76 किलोग्राम वर्ग में काजल अपने-अपने फाइनल मुकाबले हार गईं और उन्हें सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा।

--आईएएनएस

आरएसजी

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