एक नवंबर की रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे: अलका लांबा
जयपुर, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। उन्होंने इसे सामान्य रैली के बजाय महारैली बताते हुए दावा किया कि देशभर से दस लाख लोग इसमें शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचेंगे। लांबा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कांग्रेस नेताओं पर की गई टिप्पणियों और एससीओ की बैठक में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
अलका लांबा ने कहा कि एक नवंबर की रैली के लिए 'वोट बचाओ, देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ' का नारा दिया गया है। रैली की तैयारियां चल रही हैं और अब इसे रोका नहीं जा सकता। राहुल गांधी ने सुझाव दिया है कि यदि केंद्र सरकार 30 अक्टूबर से पहले ज्ञानेश कुमार को पद से हटा देती है तो रैली वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ता अपनी मांगों के साथ दिल्ली पहुंचेंगे। लांबा ने रैली की प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों ने भी दस महीने के दौरान 14 पत्र लिखकर पक्षपातपूर्ण फैसलों और निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं किए जाने संबंधी शिकायतें की हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर का इस्तेमाल मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस इस प्रक्रिया का विरोध जारी रखेगी। इसके साथ ही उन्होंने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। उनकी चौथी मांग मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भारत के मुख्य न्यायाधीश को दोबारा शामिल करने की है। लांबा ने दावा किया कि देश में लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम हटाने के मामले में उन्हें घुसपैठिया या बांग्लादेशी बताने पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने राजस्थान में 41 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इन लोगों के भारतीय नागरिक होने और प्रदेश में रहने के बावजूद उनके नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी पात्र नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी। विपक्ष लोकतंत्र और संविधान के तहत मिले एक वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने भाजपा पर मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कांग्रेस नेताओं के बारे में की गई टिप्पणियों पर लांबा ने कहा कि राजनीतिक बहस में परिवार और महिलाओं से जुड़े व्यक्तिगत संदर्भों का इस्तेमाल उचित नहीं है। उन्होंने भाजपा से कांग्रेस नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के बजाय नीतिगत मुद्दों पर बात करने को कहा। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर भाजपा की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाया। लांबा ने कहा कि भाजपा नेताओं को राहुल गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के बजाय लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के लोकतंत्र बचाने संबंधी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि भाजपा भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आ रही है, तो उसका स्वागत है।
एससीओ की बैठक में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर लांबा ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को जांच के लिए बुलाए जाने का उल्लेख किया और कहा कि सरकार की मौजूदा नीति पर सवाल उठते हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के सरकार के दावों का हवाला देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्यापार शुल्क संबंधी मांगों को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा। लांबा ने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी दबाव में फैसले ले रही है।
अलका लांबा ने भाजपा को चुनौती दी कि वह राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले करने के बजाय अपनी सरकारों की उपलब्धियां जनता के सामने रखे। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और मणिपुर की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने पंजाब और चंडीगढ़ में गैंगस्टर हिंसा की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेता जनसमस्याओं पर चर्चा करने के बजाय कांग्रेस नेताओं पर टिप्पणियां कर रहे हैं। लांबा ने कहा कि एक नवंबर की रैली में लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे तथा कांग्रेस इन मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेगी।
--आईएएनएस
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