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'सैन्य विस्फोटक और प्रणोदक: सुरक्षा और अनुपालन' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन

'सैन्य विस्फोटक और प्रणोदक: सुरक्षा और अनुपालन' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन
'सैन्य विस्फोटक और प्रणोदक: सुरक्षा और अनुपालन' विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन

पुणे, 31 जुलाई (आईएएनएस)। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय के अधीन गुणवत्ता आश्वासन नियंत्रक (सैन्य विस्फोटक), पुणे ने पुणे में 'सैन्य विस्फोटक और प्रणोदक: सुरक्षा और अनुपालन' विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया।

इस संगोष्ठी में रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। स्वागत भाषण गुणवत्ता आश्वासन के महानिदेशक एन. मनोहरन ने दिया।

इस संगोष्ठी में प्रतिष्ठित नीति निर्माता, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, रक्षा उत्पादन क्षेत्र के नेता, वैज्ञानिक, उद्योग विशेषज्ञ और शिक्षाविद एक साथ आए। उपस्थित विशिष्ट प्रतिनिधियों में डॉ. गरिमा भगत, संयुक्त सचिव (भूमि प्रणाली), प्रकाश राजपुरोहित, संयुक्त सचिव (डीआईपी), और मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक; विस्फोटक उद्योग के प्रतिनिधि; रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक; और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल थे।

इस संगोष्ठी ने सैन्य विस्फोटक और प्रणोदक क्षेत्र में सुरक्षा और अनुपालन को सुदृढ़ करने हेतु नीतियों और संस्थागत तंत्रों पर विचार-विमर्श के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया। चर्चाओं में प्रक्रिया सुरक्षा को बढ़ाने, विस्फोटक निर्माण संयंत्रों में दुर्घटनाओं को कम करने, स्वचालन को बढ़ावा देने, उन्नत सुरक्षा प्रौद्योगिकियों को अपनाने और सरकारी एजेंसियों, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, निजी उद्योग, अनुसंधान संगठनों और शिक्षाविदों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

सैन्य विस्फोटकों और प्रणोदकों के संपूर्ण जीवन चक्र को कवर करने वाले एक व्यापक सुरक्षा ढांचे की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया - डिजाइन और विकास से लेकर निर्माण, परीक्षण, परिवहन, भंडारण, संचालन और परिचालन उपयोग तक।

इस संगोष्ठी ने नीतिगत रूपरेखा तैयार करने और सरकार, रक्षा प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक और निजी उद्योग, अनुसंधान संगठनों और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों से मिलकर बने एक संयुक्त कार्य समूह की स्थापना पर विचार-विमर्श करने में योगदान दिया। प्रस्तावित कार्य समूह का उद्देश्य समन्वित कार्रवाई को सुगम बनाना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना, सामान्य सुरक्षा प्रोटोकॉल विकसित करना और दुर्घटना निवारण उपायों में निरंतर सुधार करना था।

इस संगोष्ठी का अंतिम उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण हथियारों और गोला-बारूद की उपलब्धता का समर्थन करना था, साथ ही घरेलू रक्षा उद्योग में नवाचार, तकनीकी उन्नति और जिम्मेदार विकास को सक्षम बनाना था।

पुणे स्थित गुणवत्ता आश्वासन नियंत्रक कार्यालय (सैन्य विस्फोटक) के नियंत्रक और राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजक डॉ. टीके वरदराजन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

इस संगोष्ठी में भारत सरकार की सैन्य विस्फोटक और प्रणोदक क्षेत्र में सुरक्षा, अनुपालन, नवाचार और सहयोग की एक मजबूत संस्कृति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता परिलक्षित हुई।

--आईएएनएस

एमएस/

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