विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अमेरिका यात्रा, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर अहम चर्चा
दोहा, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अमेरिका में भारतीय दूतावास के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स में पोस्ट के अनुसार विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊर्जा सेक्रेटरी क्रिस राइट से मुलाकात की। इस दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र ऊर्जा सुरक्षा को आगे बढ़ाना, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करना और ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने के लिए नए रास्ते तलाशना रहा।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सार्थक चर्चा की। उन्होंने एनएससी के नेतृत्व से मुलाकात की और हिंद महासागर रणनीतिक पहल तथा पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों सहित आपसी रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
एक अन्य पोस्ट के अनुसार इंडिया हाउस में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा की ओर से आयोजित एक स्वागत समारोह में, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पूरे अमेरिकी प्रशासन से आए मित्रों और सहयोगियों के साथ बातचीत की; इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत और जीवंत द्विपक्षीय साझेदारी तथा संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साझा प्रयासों की पुष्टि की।
इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ एक अहम मीटिंग की। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के डायरेक्टर काश पटेल समेत सीनियर अमेरिकी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य मुद्दा रक्षा, आतंकवाद का विरोध और क्षेत्रीय सुरक्षा रहा।
भारतीय दूतावास ने कहा कि अपने मौजूदा दौरे के दौरान मिस्री ने आज विदेश सचिव मार्को रुबियो से मुलाकात की और आगे कहा, “हम इन जरूरी क्षेत्रों में अपने जुड़ाव को और गहरा करने और भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए और भी बहुत कुछ करने की उम्मीद करते हैं।”
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को एक प्रोडक्टिव मीटिंग बताया। उन्होंने कहा कि यह हमारे द्विपक्षीय संबंध, खासकर व्यापार, जरूरी मिनरल्स, रक्षा और क्वाड पर केंद्रित थी।
गोर ने कहा, “विदेश सचिव रुबियो अगले महीने भारत आने का इंतजार कर रहे हैं!” यह एक संभावित उच्च स्तरीय दौरे का संकेत देता है।
--आईएएनएस
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