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बिहार : गयाजी की रामशिला पहाड़ी पर सीड बॉल रोपण अभियान, विधानसभा अध्यक्ष ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

बिहार : गयाजी की रामशिला पहाड़ी पर सीड बॉल रोपण अभियान, विधानसभा अध्यक्ष ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बिहार : गयाजी की रामशिला पहाड़ी पर सीड बॉल रोपण अभियान, विधानसभा अध्यक्ष ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

गयाजी, 1 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के गयाजी शहर की ऐतिहासिक रामशिला पहाड़ी पर शनिवार को गया वन प्रमंडल की ओर से 'सीड बॉल रोपण कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गया को हरा-भरा बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को हर वर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसके वृक्ष बनने तक उसकी सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि पर्यावरण केवल प्राकृतिक संसाधनों का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य का आधार है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल, हरित वन, उपजाऊ भूमि और जैव विविधता के संरक्षण के बिना सतत विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और जैव विविधता के क्षरण जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के सामने हैं, जिनसे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा सदैव प्रकृति के सम्मान और संरक्षण की रही है। वृक्षों, नदियों, पर्वतों और जीव-जंतुओं को पूजनीय मानने की परंपरा आज भी समाज को पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देती है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाने की अपील करते हुए जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, स्वच्छता और ऊर्जा संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि बिहार कृषि प्रधान राज्य है और यहां प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल संचयन, जैविक खेती तथा हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में व्यापक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। इस अवसर पर गया वन प्रमंडल के अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में पारंपरिक पौधारोपण की तुलना में 'सीड बॉल' तकनीक अधिक प्रभावी साबित हो रही है। मिट्टी, कंपोस्ट खाद और स्थानीय जलवायु के अनुकूल देशी प्रजातियों जैसे नीम, पीपल, बरगद, जामुन और शीशम के बीजों से तैयार सीड बॉल मानसून के दौरान वर्षा का पानी मिलने पर स्वतः अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं, जिससे प्राकृतिक रूप से हरियाली विकसित होती है।

वन प्रमंडल के अनुसार वर्ष 2026-27 में गया वन प्रमंडल क्षेत्र में करीब 24 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले समय में गया की अन्य ऐतिहासिक और धार्मिक पहाड़ियों पर भी इसी प्रकार के सीड बॉल रोपण और पौधारोपण अभियान चलाए जाएंगे। कार्यक्रम में बेलागंज की विधायक मनोरमा देवी, वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पर्यावरणविद, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

--आईएएनएस

एमएनपी/पीएम

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