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डिजिटल दौर में कम शब्दों में सही खबर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती: गौरव द्विवेदी

डिजिटल दौर में कम शब्दों में सही खबर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती: गौरव द्विवेदी
डिजिटल दौर में कम शब्दों में सही खबर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती: गौरव द्विवेदी

मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने डिजिटल दौर में मीडिया के सामने आ रही चुनौतियों पर बात की। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि आज ऑडियंस के पास कंटेंट की कोई कमी नहीं है। ऐसे में मीडिया संगठनों के सामने खबर और जानकारी को कम शब्दों में, आसान भाषा में और आधुनिक अंदाज में लोगों तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती है।

गौरव द्विवेदी ने कहा, ''मीडिया के लिए अब सबसे बड़ा चैलेंज समय का है। जब लोगों के पास देखने और पढ़ने के लिए इतनी ज्यादा चीजें मौजूद हों, तो वे किसी एक कंटेंट पर ज्यादा समय नहीं देना चाहते। इसलिए समाचार और जानकारी को कम से कम शब्दों में, लेकिन सही तरीके से ऑडियंस तक पहुंचाना जरूरी हो गया है। मीडिया संगठनों की कोशिश यही होनी चाहिए कि खबर सही समय पर और सही अंदाज में लोगों तक पहुंचे।''

गौरव द्विवेदी ने कहा, ''डिजिटल दौर में सिर्फ खबर की जानकारी देना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके प्रेजेंटेशन का तरीका भी मायने रखता है। बदलते समय के मुताबिक मीडिया को अपने कंटेंट के तरीके में भी बदलाव करना पड़ रहा है। अलग-अलग मीडिया ऑर्गेनाइजेशन इसी दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि कम समय में लोगों को जरूरी और सही जानकारी दी जा सके।''

गौरव द्विवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर कहा कि प्रसार भारती जैसे बड़े मीडिया संगठन के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए फंड की जरूरत होती है। इस मामले में सरकार की ओर से मदद मिलने के कारण प्रसार भारती अपने मॉडर्नाइजेशन के काम को काफी हद तक आगे बढ़ाने में सक्षम हुआ है।

बताते चलें कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' आयोजित कर रही है।

इसमें विकास कार्यों की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार, केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को बढ़ावा देना, विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण से नागरिकों को जोड़ना, जन-जागरूकता का प्रसार के साथ ही सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाना शामिल है।

--आईएएनएस

पीके/एबीएम

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