Bashir Badr Romantic Shayari: बशीर बद्र के बेहतरीन शेर- 'मोहब्बत एक खुशबू है हमेशा साथ चलती है'
बशीर बद्र ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से एमए और पीएचडी की उपाधि हासिल की और वहीं पढ़ाने लगे. बाद में उन्होंने मेरठ कॉलेज मेरठ में विभाग प्रमुख के रूप में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं.
बशीर बद्र आम आदमी के शायर हैं. उन्होंने जिंदगी की आम बातों को बेहद ख़ूबसूरती और सलीके से अपनी ग़ज़लों में उतारा है.
बशीर बद्र ने उर्दू ग़ज़ल को एक नया लहजा दिया. बशीर साहब ने श्रोता और पाठकों के दिलों में अपनी ख़ास जगह बनाई है.
बशीर बद्र साब बहुत सरल भाषा में अपनी बात, भाव और एहसास अपनी रचनाओं के माध्यम से आम आदमी तक पहुंचाते हैं.
बशीर बद्र 10 साल की उम्र से ही शायरी करने लगे थे. वे लगभग 5 दशकों तक मुशायरों में छाए रहे. वर्तमान में वे भोपाल में रह रहे हैं.
महज 20 साल की उम्र में ही बशीर बद्र के शेर-शायरी भारत की सरहदों को पार करते हुए पाकिस्तान समेत कई देशों में मशहूर होने लगीं.
बशीर बद्र अलहदा किस्म की शायरी के लिए जाने जाते थे. उनको सुनने के लिए लोग दूर-दूर से मुशायरों में पहुंचते थे.
बशीर बद्र साहब अब लम्बे समय से डिमेंशिया बीमारी से जूझ रहे हैं. उनकी याददाश्त बहुत कमजोर हो गई है.











