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क्या आपका प्यार टिकेगा जिंदगी भर? लव टेस्ट से जानें शादी के बाद की लाइफ और पार्टनर की कंपैटिबिलिटी

क्या आपका प्यार टिकेगा जिंदगी भर? लव टेस्ट से जानें शादी के बाद की लाइफ और पार्टनर की कंपैटिबिलिटी

भारतीय समाज में शादी से पहले अक्सर लड़के और लड़की की जन्मपत्री मिलाई जाती है। पंडित कुंडली देखकर शादी के भविष्य को लेकर अपनी राय देते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों ने रिश्तों को समझने के लिए एक ऐसा मनोवैज्ञानिक टेस्ट विकसित किया है, जिसमें जन्म की तारीख, समय या स्थान की जरूरत नहीं पड़ती।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, किसी व्यक्ति के पार्टनर की तस्वीर देखते ही उसके दिमाग में कुछ ही पल के लिए सकारात्मक या नकारात्मक प्रतिक्रिया पैदा हो सकती है। इसी शुरुआती प्रतिक्रिया को समझकर रिश्ते को लेकर व्यक्ति की भावनाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।

तस्वीर देखकर देना होता है तुरंत जवाब

इस टेस्ट में व्यक्ति को अपने पार्टनर की तस्वीर बेहद कम समय के लिए दिखाई जाती है। इसके बाद उसे बिना ज्यादा सोचे कुछ शब्दों में से अपनी प्रतिक्रिया बतानी होती है। शोधकर्ताओं ने इस दौरान जवाब देने की गति और आवाज के तरीके पर भी ध्यान दिया।

टेस्ट के पीछे विचार यह है कि जब किसी व्यक्ति के मन में अपने पार्टनर को लेकर सकारात्मक भावनाएं होती हैं, तो तस्वीर देखते ही उसकी शुरुआती प्रतिक्रिया भी सकारात्मक हो सकती है। वहीं, रिश्ते को लेकर नकारात्मक भावनाएं होने पर प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।

135 नवविवाहित जोड़ों पर हुई रिसर्च

इस शोध में 135 नए शादीशुदा जोड़ों को शामिल किया गया था। शोधकर्ताओं ने इन जोड़ों के रिश्तों का लंबे समय तक अध्ययन किया और लगभग हर छह महीने में उनकी स्थिति का आकलन किया।

यह निगरानी करीब चार साल तक चली। शोधकर्ताओं ने यह समझने की कोशिश की कि शादी की शुरुआत में पार्टनर को लेकर दिखाई देने वाली भावनाएं आगे चलकर रिश्ते की स्थिति से किस तरह जुड़ती हैं।

शुरुआती नकारात्मक सोच से रिश्ते पर असर

शोध में पाया गया कि जिन लोगों की शुरुआती प्रतिक्रियाएं अपने पार्टनर को लेकर नकारात्मक थीं, उनमें समय के साथ वैवाहिक संतुष्टि कम होने की संभावना अधिक देखी गई। कुछ मामलों में रिश्ते इतने खराब हुए कि शादी टूटने तक की स्थिति सामने आई।

हालांकि इस तरह के टेस्ट को शादी के भविष्य की पक्की भविष्यवाणी मानना सही नहीं होगा। किसी रिश्ते पर आपसी समझ, बातचीत, व्यवहार, आर्थिक परिस्थितियां और समय के साथ बदलती भावनाओं समेत कई चीजों का असर पड़ता है।

इस रिसर्च का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि व्यक्ति की तुरंत और अनजानी मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया उसके रिश्ते को लेकर अंदर की भावनाओं के बारे में क्या संकेत दे सकती है।

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