रिश्तों में चिड़चिड़ाहट और नाराजगी क्यों बढ़ती है? जानें इसके असली कारण और माइंडफुल सुधार
कोई भी रिश्ता हमेशा एक जैसा नहीं रहता। समय के साथ लोगों की प्राथमिकताएं, भावनाएं और एक-दूसरे से उम्मीदें बदल सकती हैं। कई बार जिस इंसान के साथ कभी बहुत प्यार और लगाव महसूस होता था, उसी की छोटी-छोटी बातें धीरे-धीरे परेशान करने लगती हैं।
ऐसा भी हो सकता है कि आप रोज उस व्यक्ति से मिलते हों, साथ खाना खाते हों और काफी समय साथ बिताते हों, लेकिन मन के अंदर उसके लिए नाराजगी या चिढ़ बढ़ती जा रही हो। ऐसी भावनाओं को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते समझना जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक मन में जमा नाराजगी रिश्ते में दूरी बढ़ा सकती है।फ्लोरिडा के थेरेपिस्ट जेफ्री मेल्टजर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रिलेशनशिप से जुड़े वीडियो शेयर करते हैं। एक वीडियो में उन्होंने कुछ ऐसे संकेत बताए हैं, जिनसे यह समझने में मदद मिल सकती है कि आप किसी करीबी व्यक्ति से मन ही मन नाराज होने लगे हैं।
1. छोटी-छोटी बातें भी परेशान करने लगें
अगर सामने वाले की छोटी-छोटी आदतें भी आपको लगातार चिढ़ाने लगी हैं, तो यह ध्यान देने वाला संकेत हो सकता है। हर किसी को कभी-कभी गुस्सा या चिढ़ महसूस होती है, लेकिन अगर उस व्यक्ति की लगभग हर बात आपको खटकने लगे, तो अपनी भावनाओं पर गौर करना जरूरी है।ऐसी स्थिति में सामने वाले से शांत तरीके से बात करना और यह समझना मददगार हो सकता है कि असल परेशानी किस बात को लेकर है।
2. रिश्ते में एहसानों का हिसाब रखने लगना
क्या आपको बार-बार याद रहता है कि आपने सामने वाले के लिए क्या-क्या किया और बदले में उसने आपके लिए क्या किया?अगर आप रिश्ते में किए गए हर काम का हिसाब रखने लगे हैं, तो यह अंदर जमा नाराजगी या अधूरी उम्मीदों का संकेत हो सकता है। कई बार हम चाहते हैं कि सामने वाला बिना कहे हमारी जरूरत और भावनाएं समझ जाए। जब ऐसा नहीं होता, तो मन में निराशा और नाराजगी बढ़ने लगती है।
3. मदद करने के बाद मन में गुस्सा आना
अगर कोई आपसे मदद मांगता है और आप तुरंत हां कह देते हैं, लेकिन बाद में उसी मदद को लेकर मन में गुस्सा या नाराजगी महसूस करने लगते हैं, तो इस भावना को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।कई लोग सामने वाले को मना नहीं कर पाते और अपनी क्षमता से ज्यादा जिम्मेदारियां ले लेते हैं। काम पूरा करने के बाद उन्हें लगने लगता है कि आखिर मैंने इसके लिए हां क्यों कहा। ऐसी स्थिति बार-बार होने पर रिश्ते में मनमुटाव बढ़ सकता है।
4. सामने वाले से मदद मांगना बंद कर देना
एक और संकेत यह हो सकता है कि आप धीरे-धीरे उस व्यक्ति से मदद या सहयोग मांगना ही बंद कर दें।
अगर आपको लगने लगे कि अपनी बात बताने या मदद मांगने से कोई फायदा नहीं होगा, तो आप हर चीज खुद संभालने लगते हैं। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाई दे सकता है, लेकिन अंदर ही अंदर आप सामने वाले से उम्मीद करना छोड़ चुके होते हैं।
नाराजगी को नजरअंदाज न करें
रिश्ते में कभी-कभी गुस्सा, नाराजगी या मतभेद होना सामान्य है। लेकिन अगर ये भावनाएं लगातार बनी रहें और आप सामने वाले से बातचीत, मदद या उम्मीद करना ही बंद कर दें, तो रिश्ते की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।ऐसे समय में आरोप लगाने के बजाय अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर और शांत तरीके से बात करना बेहतर हो सकता है। अगर समस्या लंबे समय से बनी हुई है और दोनों के लिए इसे संभालना मुश्किल हो रहा है, तो रिलेशनशिप काउंसलर या योग्य थेरेपिस्ट की मदद भी ली जा सकती है।

