Wall Dampness: छत से पानी नहीं टपकता फिर भी दीवार पर आ रही सीलन? इन 7 जगहों पर छिपा हो सकता है कारण
घर की दीवार पर सीलन, नमी, पेंट उखड़ना या सफेद दाग दिखाई दें तो अक्सर लोगों का ध्यान सबसे पहले छत की तरफ जाता है। लेकिन अगर छत बिल्कुल ठीक है और वहां से पानी नहीं आ रहा, तब भी दीवार में सीलन की समस्या हो सकती है। दरअसल, नमी का स्रोत दीवार के अंदर छिपी पाइपलाइन, बाथरूम, किचन, बाहरी दरार या घर में मौजूद ज्यादा नमी भी हो सकता है।
शुरुआत में यह समस्या छोटी लगती है, लेकिन समय के साथ प्लास्टर कमजोर होने, पेंट खराब होने और फफूंद जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए छत से पानी नहीं आने के बावजूद दीवार गीली नजर आए तो इन जगहों की जांच जरूर करें।
1. दीवार के अंदर पाइपलाइन तो लीक नहीं?
अगर सीलन बाथरूम, किचन या वॉश एरिया से लगी दीवार पर दिखाई दे रही है, तो सबसे पहले छिपी हुई पाइपलाइन की जांच करवानी चाहिए। पाइप के अंदर छोटा लीकेज होने पर पानी बाहर दिखाई नहीं देता, लेकिन वह धीरे-धीरे दीवार के अंदर नमी बढ़ा सकता है।
अगर दीवार का कोई खास हिस्सा लगातार गीला या बाकी हिस्से की तुलना में ठंडा महसूस हो रहा है, तो पाइपलाइन लीकेज की संभावना हो सकती है।
2. बाथरूम की नमी दीवार तक तो नहीं पहुंच रही?
सीलन के लिए हमेशा पानी का सीधे दीवार में रिसना जरूरी नहीं है। बाथरूम में नहाने के दौरान बनने वाली भाप और नमी अगर बाहर नहीं निकलती, तो लंबे समय तक दीवारों पर जमा रह सकती है।
इसका असर खासतौर पर कोनों, खिड़की के आसपास और छत से जुड़े हिस्सों में दिखाई दे सकता है। बाथरूम में पर्याप्त वेंटिलेशन और एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल नमी को कम करने में मदद कर सकता है।
3. किचन की दीवार को भी करें चेक
खाना बनाते समय निकलने वाली भाप भी घर में नमी बढ़ा सकती है। अगर किचन में धुआं और भाप बाहर निकालने की उचित व्यवस्था नहीं है, तो आसपास की दीवारों पर इसका असर पड़ सकता है।
किचन से लगी दीवार पर बार-बार पेंट फूलना, उखड़ना या काले धब्बे दिखाई देना इस बात का संकेत हो सकता है कि वहां सिर्फ पेंट की नहीं, बल्कि नमी के स्रोत की समस्या है।
4. बाहरी दीवार में छोटी दरार भी बन सकती है वजह
कभी-कभी बारिश का पानी छत से नहीं बल्कि बाहरी दीवार से घर के अंदर पहुंचता है। दीवार में मौजूद छोटी दरार, खराब प्लास्टर या पुरानी सीलिंग पानी के लिए रास्ता बना सकती है।
अगर बारिश के बाद दीवार की सीलन बढ़ जाती है, तो घर की उस दीवार के बाहरी हिस्से की जांच जरूर करवाएं। खिड़की के आसपास और दीवारों के जोड़ भी ध्यान से देखें।
5. खिड़की-दरवाजे के आसपास पानी तो नहीं रुक रहा?
खिड़की के फ्रेम और दीवार के बीच मौजूद छोटी जगह भी नमी का कारण बन सकती है। बारिश के दौरान पानी अगर फ्रेम के आसपास जमा होता है और सीलिंग खराब है, तो धीरे-धीरे पानी दीवार में प्रवेश कर सकता है।
अगर सीलन मुख्य रूप से खिड़की के आसपास ही दिखाई दे रही है, तो फ्रेम की सीलिंग और बाहरी हिस्से की जांच करना बेहतर रहेगा।
6. कमरे में जरूरत से ज्यादा नमी तो नहीं?
कपड़े घर के अंदर सुखाना, कमरे को लगातार बंद रखना, कम वेंटिलेशन और धूप की कमी भी नमी बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में सीलन अक्सर कमरे के कोनों, खिड़कियों के आसपास या ठंडी दीवारों पर दिखाई देती है।
अगर दीवार पर काले धब्बों के साथ फफूंद भी नजर आने लगे, तो केवल पेंट कराने के बजाय कमरे में हवा के सही प्रवाह की व्यवस्था करना जरूरी है।
7. अलमारी के पीछे छिपी सीलन को न करें नजरअंदाज
बड़ी अलमारी या फर्नीचर अगर दीवार से बिल्कुल चिपका हुआ है, तो उसके पीछे हवा का आवागमन कम हो जाता है। इससे नमी फंस सकती है और कुछ समय बाद दीवार पर सीलन या फफूंद दिखाई देने लगती है।
अगर समस्या सिर्फ अलमारी के पीछे है, तो फर्नीचर को दीवार से थोड़ा आगे करके उस हिस्से को सूखने दें और दीवार की स्थिति की जांच करें।
सिर्फ पेंट कराने से नहीं जाएगी सीलन
सीलन वाली दीवार पर नया पेंट करा देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। अगर नमी का स्रोत बना हुआ है तो कुछ समय बाद पेंट दोबारा फूल या उखड़ सकता है।
इसलिए पहले यह पता लगाना जरूरी है कि पानी या नमी कहां से आ रही है। पाइपलाइन लीकेज, बाहरी दरार, खराब सीलिंग, वॉटरप्रूफिंग या वेंटिलेशन की समस्या को ठीक करने के बाद ही दीवार की मरम्मत और पेंटिंग कराना ज्यादा प्रभावी रहेगा।

