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सोते-सोते या चलते-चलते पैर में अचानक दर्द? डॉक्टर से जानिए किस विटामिन की कमी की वजह से हो रहा है ऐसा

सोते-सोते या चलते-चलते पैर में अचानक दर्द? डॉक्टर से जानिए किस विटामिन की कमी की वजह से हो रहा है ऐसा

पैरों में दर्द, ऐंठन या झनझनाहट होना आम समस्या है. लंबे समय तक खड़े रहने, लगातार बैठे रहने, ज्यादा चलने या शारीरिक थकान के बाद अक्सर पैरों में इस तरह की परेशानी महसूस हो सकती है. कई बार आराम करने के बाद यह समस्या अपने आप ठीक भी हो जाती है.

लेकिन अगर पैरों में दर्द या ऐंठन बार-बार हो रही है, लंबे समय तक बनी रहती है या बिना किसी चोट और ज्यादा मेहनत के भी महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ मामलों में शरीर में जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी भी मांसपेशियों और नसों से जुड़ी परेशानियों में योगदान दे सकती है.

आइए जानते हैं किन पोषक तत्वों की कमी से पैरों से जुड़ी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं.

विटामिन D की कमी

विटामिन D शरीर में हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए भी जरूरी है. इसकी कमी होने पर कुछ लोगों को मांसपेशियों में कमजोरी और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द महसूस हो सकता है.

पैरों, कमर और पीठ में दर्द भी विटामिन D की कमी से जुड़ा हो सकता है. शरीर को विटामिन D का एक प्रमुख स्रोत धूप से मिलता है, जबकि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से इसकी जांच और सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं.

कैल्शियम की कमी से हो सकती है ऐंठन

कैल्शियम को आमतौर पर हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए भी महत्वपूर्ण है. शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने पर कुछ लोगों को मांसपेशियों में खिंचाव या ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है.

डाइट के जरिए कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए दूध, दही, पनीर और तिल जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है. हालांकि, अगर लगातार ऐंठन हो रही है तो सिर्फ कैल्शियम की कमी मानकर सप्लीमेंट लेना सही नहीं है. डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर है.

विटामिन B12 की कमी से हो सकती है झनझनाहट

विटामिन B12 शरीर की नसों के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है. इसकी कमी होने पर कुछ लोगों को हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, कमजोरी या असामान्य संवेदना महसूस हो सकती है.

अगर पैरों में बार-बार सुन्नपन या झनझनाहट के साथ दर्द हो रहा है, तो B12 की कमी भी संभावित कारणों में से एक हो सकती है. हालांकि, पैरों की ऐसी समस्या के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए बिना जांच के खुद से B12 की दवा या सप्लीमेंट शुरू नहीं करना चाहिए.

सिर्फ सप्लीमेंट नहीं, डाइट पर भी दें ध्यान

शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देने के लिए संतुलित आहार सबसे महत्वपूर्ण है. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, दूध और डेयरी उत्पाद, अंडे, दालें, नट्स, बीज और मौसमी फल शामिल किए जा सकते हैं.

इसके अलावा पर्याप्त पानी पीना, लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठे रहना और रोजाना हल्की शारीरिक गतिविधि या एक्सरसाइज करना भी सामान्य फिटनेस के लिए फायदेमंद हो सकता है.

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर पैरों में दर्द या ऐंठन कभी-कभार होती है और आराम के बाद ठीक हो जाती है, तो आमतौर पर ज्यादा चिंता की बात नहीं होती. लेकिन अगर समस्या लगातार बनी रहती है, बार-बार लौटती है, रात में ज्यादा परेशान करती है या इसके साथ सुन्नपन, कमजोरी, सूजन या चलने में परेशानी होने लगे, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

पैरों में दर्द का कारण हमेशा किसी विटामिन या मिनरल की कमी नहीं होता. नसों से जुड़ी समस्या, मांसपेशियों की परेशानी, ब्लड सर्कुलेशन या अन्य स्वास्थ्य कारण भी इसके पीछे हो सकते हैं. इसलिए लंबे समय से बनी समस्या में सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट कराना बेहतर विकल्प है.

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