Samachar Nama
×

Pressure Cooker Safety: कुकर की ढीली रबर को आटा या टेप से न करें ठीक, ये गलती पड़ सकती है भारी
 

Pressure Cooker Safety: कुकर की ढीली रबर को आटा या टेप से न करें ठीक, ये गलती पड़ सकती है भारी

प्रेशर कुकर ने खाना पकाने को काफी आसान बना दिया है। दाल, चावल, सब्जी और कई दूसरी चीजें इसमें कम समय में तैयार हो जाती हैं। यही वजह है कि ज्यादातर भारतीय रसोई में प्रेशर कुकर का इस्तेमाल रोजाना होता है। लेकिन इसकी सुविधा के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

खासकर कुकर के ढक्कन में लगी रबर गैसकेट को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। यही गैसकेट कुकर को सही तरीके से सील करने और अंदर दबाव बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।

ढीली हो गई है कुकर की रबर तो क्या करें?
समय के साथ प्रेशर कुकर की गैसकेट पुरानी होकर ढीली या कठोर हो सकती है। कई बार उसमें दरार या कट भी दिखाई देने लगते हैं। ऐसी स्थिति में कुकर को किसी घरेलू जुगाड़ से चलाना सुरक्षित नहीं माना जाता।

अगर रबर अपनी जगह पर ठीक से फिट नहीं हो रही है या बार-बार बाहर निकल रही है, तो उसे बदल देना ही बेहतर विकल्प है। कुकर के मॉडल और निर्माता के निर्देश के मुताबिक सही साइज की गैसकेट ही लगानी चाहिए।

ठंडे पानी से रबर कसने का तरीका कितना सही?
कुछ लोग ढीली गैसकेट को ठंडे पानी से ठंडा करके या कुछ देर ठंडी जगह पर रखकर दोबारा फिट करने की कोशिश करते हैं। इससे रबर थोड़ी देर के लिए सिकुड़ सकती है और पहले की तरह फिट महसूस हो सकती है।

लेकिन इसे स्थायी समाधान नहीं समझना चाहिए। अगर गैसकेट बार-बार ढीली हो रही है, तो यह उसके खराब या पुराना होने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में नई गैसकेट लगाना ज्यादा सुरक्षित है।

आटा और टेप लगाने की गलती न करें
कुकर की रबर को कसने के लिए कई तरह के घरेलू जुगाड़ इंटरनेट और लोगों के बीच बताए जाते हैं। इनमें ढक्कन के आसपास आटा लगाना या गैसकेट पर टेप चिपकाना भी शामिल है।

लेकिन प्रेशर कुकर की सीलिंग को आटे या टेप के सहारे ठीक करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ये चीजें गैसकेट का सुरक्षित विकल्प नहीं हैं और दबाव के दौरान कुकर की सीलिंग व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
इसी तरह कुकर का ढक्कन दबाव बनने के दौरान हाथ से पकड़कर रखने या किसी बाहरी चीज से जबरदस्ती बंद रखने की कोशिश बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।

गैसकेट खराब होने के ये संकेत पहचानें
कुकर की रबर को समय-समय पर जरूर जांचें। अगर इनमें से कोई संकेत दिखाई दे तो गैसकेट बदलने पर विचार करें:
•    रबर में कट या दरार आना
•    गैसकेट का जरूरत से ज्यादा ढीला होना
•    रबर का कठोर हो जाना
•    गैसकेट का आकार बिगड़ना
•    ढक्कन में सही तरीके से फिट न होना
•    बार-बार अपनी जगह से निकलना
इन संकेतों को नजरअंदाज करके कुकर चलाना सही नहीं है।
हर इस्तेमाल के बाद गैसकेट की सफाई जरूरी
कुकर इस्तेमाल करने के बाद गैसकेट को निकालकर साफ पानी से धोना चाहिए। इसमें दाल, तेल, मसाले और खाने के छोटे कण फंस सकते हैं। लंबे समय तक सफाई न करने पर गंदगी जम सकती है और गैसकेट की हालत खराब हो सकती है।
धोने के बाद रबर को अच्छी तरह सुखाकर ही वापस लगाएं। सफाई और देखभाल के लिए अपने कुकर के निर्माता की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करना सबसे बेहतर है।
कुकर इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
प्रेशर कुकर को हमेशा समतल और स्थिर सतह पर रखें। उसे जरूरत से ज्यादा गर्म करने और खाली कुकर चलाने जैसी गलतियों से बचें। गैसकेट के साथ-साथ ढक्कन, सीटी और दूसरे सुरक्षा हिस्सों की भी समय-समय पर जांच करते रहें।
छोटी बचत के चक्कर में न लें बड़ा जोखिम
प्रेशर कुकर की गैसकेट एक छोटी-सी चीज जरूर है, लेकिन कुकर की सुरक्षित कार्यप्रणाली में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए अगर रबर पुरानी या खराब हो चुकी है तो उसे घरेलू जुगाड़ से ठीक करने के बजाय नई और सही गैसकेट लगाना बेहतर है।
आटे, टेप या किसी अस्थायी उपाय से कुकर को सील करने की कोशिश न करें। रसोई में थोड़ी सी सावधानी आपको अनावश्यक जोखिम से बचा सकती है।
 

Share this story

Tags