Samachar Nama
×

रोटी कम खाने के बाद भी मोटापा नहीं हो रहा कंट्रोल? वजह जानकर चौंक जाएंगे
 

रोटी कम खाने के बाद भी मोटापा नहीं हो रहा कंट्रोल? वजह जानकर चौंक जाएंगे


अगर आप खाने में सिर्फ दो रोटी खाते हैं और इसके बावजूद आपका वजन लगातार बढ़ रहा है, तो इसकी वजह केवल रोटी को मानना सही नहीं होगा। वजन बढ़ने पर अक्सर लोग सबसे पहले खाने की मात्रा कम करने के बारे में सोचते हैं, लेकिन शरीर के वजन पर कुल कैलोरी, फिजिकल एक्टिविटी, नींद, तनाव और रोजमर्रा की आदतों का भी असर पड़ता है।

ऐसे में सिर्फ रोटी की संख्या गिनने के बजाय पूरे दिन की डाइट और लाइफस्टाइल पर नजर डालना ज्यादा जरूरी है।

दो रोटी खाने के बाद भी वजन बढ़ने की क्या वजह हो सकती है?
पूरे दिन की डाइट पर ध्यान देना जरूरी

वजन सिर्फ रोटी से तय नहीं होता। अगर दो रोटी के साथ सब्जी में ज्यादा तेल, मिठाई, नमकीन, पैकेज्ड स्नैक्स या दूसरी ज्यादा कैलोरी वाली चीजें ली जा रही हैं, तो दिनभर की कुल कैलोरी जरूरत से ज्यादा हो सकती है।

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड में अक्सर कैलोरी अधिक और फाइबर व प्रोटीन जैसे पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ बार-बार खाने से कुल कैलोरी बढ़ सकती है।

चाय-कॉफी और मीठे ड्रिंक्स भी बढ़ा सकते हैं कैलोरी

कई बार खाने की प्लेट में कैलोरी कम दिखाई देती है, लेकिन दिनभर की चाय, कॉफी, शरबत, कोल्ड ड्रिंक या दूसरे मीठे पेय कुल कैलोरी बढ़ा देते हैं।खासकर मीठे पेय आसानी से ज्यादा कैलोरी दे सकते हैं और इन्हें पीने के बाद ठोस भोजन की तरह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता। इसलिए वजन कम करने की कोशिश में सिर्फ खाने पर नहीं, बल्कि क्या पी रहे हैं, इस पर भी ध्यान देना चाहिए।

दिनभर बैठे रहना भी बन सकता है बड़ी वजह

अगर आपका ज्यादातर समय बैठकर गुजरता है, ऑफिस के बाद भी मोबाइल या टीवी के सामने लंबे समय तक बैठे रहते हैं और रोजाना चलना-फिरना कम है, तो शरीर की कुल गतिविधि कम हो जाती है।ऐसे में खाने की मात्रा बहुत ज्यादा न होने के बावजूद वजन बढ़ सकता है। रोजाना थोड़ी-थोड़ी गतिविधि बढ़ाना, लंबे समय तक लगातार बैठने से बचना और खाने के बाद हल्की वॉक जैसी आदतें मददगार हो सकती हैं।

नींद और तनाव को भी नजरअंदाज न करें

वजन पर नींद और तनाव का भी असर पड़ सकता है। लगातार तनाव में रहने या पर्याप्त नींद न लेने से भूख और खाने के पैटर्न में बदलाव आ सकता है। कुछ लोगों को ऐसे समय में मीठा या ज्यादा कैलोरी वाला खाना खाने की इच्छा बढ़ जाती है।इसलिए वजन घटाने की कोशिश में सिर्फ कैलोरी कम करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए। पर्याप्त नींद, तनाव को संभालना और नियमित दिनचर्या भी महत्वपूर्ण हैं।

बार-बार सख्त डाइट लेना क्यों पड़ सकता है भारी?

वजन कम करने के लिए अचानक बहुत कम खाना शुरू करना लंबे समय तक टिकाऊ तरीका नहीं माना जाता। कुछ समय बाद जब व्यक्ति सामान्य खान-पान पर लौटता है, तो वजन फिर बढ़ सकता है। वजन घटाने और दोबारा बढ़ने के इस चक्र को आम तौर पर यो-यो डाइटिंग कहा जाता है।इसलिए ऐसी डाइट और एक्सरसाइज रूटीन अपनाना बेहतर है जिसे लंबे समय तक जारी रखा जा सके।

सिर्फ रोटी कम करने के बजाय इन चीजों पर दें ध्यान
पूरे दिन की कुल डाइट और खाने की मात्रा पर नजर रखें।
मीठे पेय और ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थ कम करें।
पैकेज्ड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन सीमित करें।
खाने में पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर वाले विकल्प शामिल करें।
दिनभर बैठने के बीच छोटे-छोटे एक्टिविटी ब्रेक लें।
रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार चलने-फिरने या व्यायाम की आदत बनाएं।
पर्याप्त नींद लेने और तनाव कम करने पर ध्यान दें।
बार-बार बेहद सख्त डाइट शुरू करने के बजाय टिकाऊ खान-पान अपनाएं।

ध्यान रखें: अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के वजन लगातार बढ़ रहा है, तेजी से वजन बढ़ रहा है या इसके साथ दूसरे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर है। वजन बढ़ने के पीछे केवल खान-पान ही नहीं, कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारण या दवाइयां भी हो सकती हैं।

Share this story

Tags