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सोशल मीडिया पर छाया मिनोक्सिडिल! गंजेपन का पक्का इलाज या खतरा? जानिए एक्सपर्ट्स का सच

सोशल मीडिया पर छाया मिनोक्सिडिल! गंजेपन का पक्का इलाज या खतरा? जानिए एक्सपर्ट्स का सच

बाल झड़ने की समस्या से परेशान लोगों के बीच इन दिनों मिनोक्सिडिल काफी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं, जिसके चलते लोग बिना डॉक्टर की सलाह के भी इसका इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक मिनोक्सिडिल हर तरह के हेयर लॉस का इलाज नहीं है।मिनोक्सिडिल का इस्तेमाल खास तरह के बाल झड़ने की समस्या, खासकर एंड्रोजेनेटिक एलोपेशिया में किया जाता है। इसलिए बाल झड़ने का कारण जाने बिना इसे अपनी मर्जी से लगाना सही नहीं माना जाता।

मिनोक्सिडिल कैसे काम करती है?

मिनोक्सिडिल एक ऐसी दवा है जो स्कैल्प पर इस्तेमाल किए जाने पर बालों के फॉलिकल्स को ग्रोथ फेज में बनाए रखने में मदद कर सकती है। इससे कुछ लोगों में पतले बालों की मोटाई और बालों की ग्रोथ में सुधार देखने को मिल सकता है।

हालांकि, हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता। अगर बाल झड़ने की वजह कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, तो केवल मिनोक्सिडिल इस्तेमाल करने से मूल समस्या दूर नहीं होगी।

हर तरह के हेयर लॉस में नहीं आती काम

बाल झड़ने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। इनमें पोषण की कमी, थायरॉइड से जुड़ी समस्या, ऑटोइम्यून कंडीशन, स्कैल्प इंफेक्शन, कुछ दवाओं का असर या किसी गंभीर बीमारी के बाद होने वाला हेयर लॉस शामिल हो सकता है।

ऐसे मामलों में सबसे पहले बाल झड़ने की असली वजह का पता लगाना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर कुछ टेस्ट कराने की सलाह भी दे सकते हैं।

क्या बिना डॉक्टर की सलाह के लगाना सुरक्षित है?

मिनोक्सिडिल का ओवर-द-काउंटर मिलना यह साबित नहीं करता कि इसे हर व्यक्ति बिना सलाह के इस्तेमाल कर सकता है। अगर अचानक बहुत ज्यादा बाल झड़ने लगें, किसी खास हिस्से से बाल तेजी से कम हों या स्कैल्प पर सूजन, घाव और जलन जैसी समस्या हो, तो पहले डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।

डॉक्टर बाल झड़ने के पैटर्न और स्कैल्प की स्थिति देखकर यह तय कर सकते हैं कि मिनोक्सिडिल आपके लिए उपयुक्त है या नहीं।

ज्यादा मिनोक्सिडिल लगाने से जल्दी नहीं आएंगे बाल

कई लोगों को लगता है कि दवा की मात्रा बढ़ाने से बाल तेजी से उगेंगे, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा और इस्तेमाल का तरीका ही अपनाना चाहिए। जरूरत से ज्यादा मिनोक्सिडिल लगाने पर फायदा बढ़ने के बजाय साइड इफेक्ट का खतरा बढ़ सकता है।

मिनोक्सिडिल अलग-अलग कंसंट्रेशन और फॉर्म में उपलब्ध होती है। किस व्यक्ति के लिए कौन सा विकल्प सही है, यह उसकी उम्र, हेयर लॉस के पैटर्न और स्कैल्प की स्थिति पर निर्भर कर सकता है।

मिनोक्सिडिल के हो सकते हैं ये साइड इफेक्ट

टॉपिकल मिनोक्सिडिल के इस्तेमाल से कुछ लोगों को स्कैल्प में खुजली, रूखापन, लालिमा, जलन या परत निकलने जैसी समस्या हो सकती है। अगर दवा स्कैल्प से बाहर फैल जाए तो चेहरे पर अनचाहे बाल भी उग सकते हैं।

कुछ मामलों में चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज या असामान्य महसूस होना, सूजन या ब्लड प्रेशर से जुड़ी परेशानी जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

असर दिखने में लग सकता है समय

मिनोक्सिडिल रातों-रात बाल उगाने वाली दवा नहीं है। इसके असर को दिखाई देने में कई महीने लग सकते हैं। शुरुआत में कुछ लोगों को सामान्य से ज्यादा बाल झड़ते हुए भी नजर आ सकते हैं, क्योंकि हेयर फॉलिकल्स के ग्रोथ साइकिल में बदलाव हो सकता है।

अगर लंबे समय तक इस्तेमाल के बावजूद हेयर लॉस में सुधार नहीं हो रहा है या बाल लगातार तेजी से झड़ रहे हैं, तो डॉक्टर से दोबारा सलाह लेना जरूरी है।

इस्तेमाल बंद करने पर क्या होगा?

मिनोक्सिडिल बाल झड़ने की मूल वजह को हमेशा के लिए खत्म नहीं करती। खासकर एंड्रोजेनेटिक हेयर लॉस में यह बालों की ग्रोथ को बनाए रखने में मदद कर सकती है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना इसे शुरू करना और फिर अचानक बंद कर देना सही तरीका नहीं है।

अगर बाल अचानक तेजी से झड़ रहे हैं, जगह-जगह से बाल गायब हो रहे हैं या बाल झड़ने के साथ दर्द, सूजन अथवा स्कैल्प में अन्य बदलाव दिखाई दे रहे हैं, तो खुद से मिनोक्सिडिल शुरू करने की बजाय पहले विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।

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