'प्यार, धोखा और अकेलापन... आखिर प्यार में मिले धोखे के बाद कैसे संभाले खुदको ? वीडियो में जानिए अचूक उपाय
प्यार, एक ऐसा शब्द जिसमें समर्पण, विश्वास और भावनाओं का समंदर समाया होता है। लेकिन जब इसी प्यार में धोखा मिलता है, तो यह जीवन की सबसे कड़वी यादों में बदल जाता है। हाल ही में देशभर में युवा वर्ग में प्रेम में मिले धोखे के बाद मानसिक तनाव और अवसाद के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेकअप के बाद भावनात्मक आघात से उबरने के लिए सही दिशा में कदम उठाना बेहद ज़रूरी है।
भावनात्मक चोट का असर
किसी अपने पर भरोसा कर जीवन के सपने बुनना और फिर उसी का धोखा देना दिल और दिमाग दोनों को झकझोर देता है। यह न सिर्फ भावनात्मक रूप से इंसान को तोड़ता है, बल्कि कई बार शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। नींद न आना, भूख न लगना, घबराहट, आत्मविश्वास की कमी, और अवसाद इसके आम लक्षण हैं।राजस्थान विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और साइकोलॉजिस्ट डॉ. मीनाक्षी शर्मा कहती हैं, "ब्रेकअप या धोखे के बाद का दर्द किसी भी शोक प्रक्रिया जैसा होता है। पहले इनकार, फिर गुस्सा, फिर दुख और अंत में स्वीकार्यता – यह एक क्रमिक प्रक्रिया है। इसे समय और समझदारी से पार किया जा सकता है।"
समाज और सोशल मीडिया का प्रभाव
आज के दौर में सोशल मीडिया रिश्तों को जितना जोड़ता है, उतना ही तोड़ने पर भावनात्मक तनाव को और बढ़ा देता है। फेसबुक या इंस्टाग्राम पर एक्स की तस्वीरें देखना, उनकी लाइफ की अपडेट्स को ट्रैक करते रहना, दिल को और अधिक चोट पहुंचाता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ऐसे समय सोशल मीडिया डिटॉक्स लेना बेहद मददगार हो सकता है।
दर्द से उबरने के व्यावहारिक तरीके
स्वीकृति और भावनाओं को स्वीकारना
सबसे पहला कदम होता है यह स्वीकार करना कि आपको चोट लगी है और यह सामान्य है। अपने जज़्बातों को छुपाने की बजाय उन्हें महसूस करें, लिखें, बात करें या किसी काउंसलर से साझा करें।
समय को दोस्त बनाएं, दुश्मन नहीं
दर्द तुरंत खत्म नहीं होता, लेकिन वक्त के साथ ज़रूर कम होता है। जब दिल टूटा हो, तो धैर्य सबसे बड़ा सहारा होता है।
रूटीन को एक्टिव रखें
खुद को व्यस्त रखना बहुत जरूरी है। पढ़ाई, नौकरी, नए स्किल्स सीखना, योग, म्यूज़िक या घूमना — जो भी आपके दिल को सुकून दे, उसे दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
बॉडी को हेल्दी रखें, माइंड खुद सुधरता है
हेल्दी डाइट, पर्याप्त नींद और एक्सरसाइज न सिर्फ शरीर को ठीक रखती है, बल्कि ब्रेन में डोपामिन और सेरोटोनिन जैसे हैप्पी हार्मोन भी रिलीज़ करती है, जिससे मूड बेहतर होता है।
खुद को दोषी ठहराना बंद करें
रिश्ता टूटने का कारण एकतरफा नहीं होता। खुद को कोसने की बजाय सीखने की कोशिश करें और आत्ममूल्य को बनाकर रखें।
नई शुरुआत के लिए खुद को तैयार करें
हर अंत एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है। जब दिल टूटता है, तो आत्मा को निखारने का भी मौका मिलता है। एक नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना ही सही रास्ता है।
फिल्मी दुनिया और साहित्य से उदाहरण
बॉलीवुड फिल्मों से लेकर साहित्यिक कृतियों तक, प्रेम में धोखा और उससे उबरने की कहानियाँ हमेशा से लोगों को प्रेरित करती रही हैं। चाहे वह ‘जब वी मेट’ की गीत हो या ‘ए दिल है मुश्किल’ का अयान, इन पात्रों की जर्नी दर्शाती है कि टूटने के बाद भी जीवन चलता है और हर दर्द के बाद उम्मीद की एक किरण होती है।
परामर्श की बढ़ती भूमिका
देशभर में ब्रेकअप काउंसलिंग और ऑनलाइन थैरेपी प्लेटफॉर्म्स की मांग तेजी से बढ़ी है। जयपुर, दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में युवा अब मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने लगे हैं और प्रोफेशनल हेल्प लेने में झिझक नहीं करते।

