घुटनों का दर्द जड़ से होगा खत्म! तिल के तेल में मिलाएं बस ₹5 की यह चीज और देखें कमाल
घुटनों, कमर या शरीर के दूसरे जोड़ों में दर्द होते ही कई लोग इसे बढ़ती उम्र, कैल्शियम की कमी या कार्टिलेज घिसने से जोड़ने लगते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक घरेलू नुस्खे का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि तिल के तेल में कपूर मिलाकर मालिश करने से जोड़ों के दर्द में राहत मिल सकती है।
वीडियो में इस नुस्खे को पुराने आयुर्वेद से जोड़ते हुए इसे बनाने और इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया गया है। हालांकि, 99 फीसदी दर्द ठीक होने या सिर्फ सात दिन में निश्चित राहत मिलने जैसे दावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित सलाह नहीं माना जा सकता।
वायरल वीडियो में क्या बताया गया?
वीडियो में बताया गया है कि करीब 100 मिलीलीटर तिल के तेल में 5 ग्राम कपूर मिलाकर मिश्रण तैयार किया जा सकता है। इसके बाद इसे घुटनों या दर्द वाली जगह पर हल्के हाथों से लगाने और कुछ मिनट तक मालिश करने की सलाह दी गई है।
वीडियो में मालिश के बाद प्रभावित हिस्से पर गर्म कपड़ा रखने की बात भी कही गई है। इस तरह की मालिश से कुछ लोगों को अस्थायी आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज मानना सही नहीं होगा।
क्या तिल का तेल और कपूर जोड़ों का दर्द ठीक कर सकते हैं?
कपूर को त्वचा पर लगाने से ठंडक या गर्माहट जैसी संवेदना पैदा हो सकती है। इससे कुछ समय के लिए दर्द का एहसास कम हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कपूर गठिया, कार्टिलेज की समस्या या जोड़ को हुए नुकसान को ठीक कर देता है।
इसी तरह तिल के तेल से मालिश करने पर गर्माहट और आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इसे जोड़ों के दर्द का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता। खास तौर पर लंबे समय से चल रहे दर्द की वजह जानना ज्यादा जरूरी है।
रात में दही खाने से दर्द बढ़ता है? क्या है दावा
इसी तरह वायरल कंटेंट में रात के समय दही, छाछ और लस्सी से बचने की सलाह भी दी गई है। दावा किया जाता है कि ऐसा करने से जोड़ों का दर्द काफी कम हो सकता है।
हालांकि, दही या अन्य डेयरी उत्पादों को रात में खाने से जोड़ों का दर्द 50 फीसदी कम या ज्यादा होने का मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। हर व्यक्ति की खानपान की आदत, स्वास्थ्य स्थिति और किसी खाद्य पदार्थ के प्रति प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
कब घरेलू नुस्खे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए?
अगर जोड़ों में लगातार दर्द बना हुआ है, तो केवल घरेलू नुस्खे पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर अगर जोड़ में अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा हो, चोट लगी हो या चलने-फिरने में काफी परेशानी हो रही हो, तो जांच कराना जरूरी है।
कपूर को कटी या घायल त्वचा पर नहीं लगाना चाहिए और इसे निगलना भी खतरनाक हो सकता है। छोटे बच्चों के आसपास कपूर का इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी जरूरी है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को किसी भी घरेलू मिश्रण को लगाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
दर्द की असली वजह जानना जरूरी
जोड़ों का दर्द सिर्फ उम्र या कैल्शियम की कमी की वजह से नहीं होता। इसके पीछे चोट, ऑस्टियोआर्थराइटिस, सूजन, मांसपेशियों की समस्या या अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं।
इसलिए तिल के तेल और कपूर की मालिश से अगर थोड़ी देर राहत मिलती भी है, तो इसे मूल बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए। लगातार या बढ़ते दर्द की स्थिति में सही कारण का पता लगाना और उचित उपचार लेना सबसे जरूरी है।

