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क्या आपकी खांसी भी है अस्थमा का पहला इशारा? जानें शरीर में धीरे-धीरे कैसे दस्तक देती है यह बीमारी

क्या आपकी खांसी भी है अस्थमा का पहला इशारा? जानें शरीर में धीरे-धीरे कैसे दस्तक देती है यह बीमारी

सुबह उठते ही खांसी होना, सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना, रात में बार-बार खांसी के कारण नींद खुलना या सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना—इन लक्षणों को कई बार लोग मौसम, धूल या कमजोरी का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये अस्थमा के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

अस्थमा सांस की नलियों से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें वायुमार्ग में सूजन और संकुचन के कारण सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं और कुछ खास परिस्थितियों या ट्रिगर के संपर्क में आने पर बढ़ सकते हैं।

क्या अस्थमा अचानक शुरू हो सकता है?

अस्थमा का अटैक अचानक शुरू हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति में बीमारी की शुरुआत इसी तरह हो, यह जरूरी नहीं है। कई लोगों में इससे पहले हल्के और रुक-रुक कर आने वाले लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

शुरुआत में व्यक्ति को कभी-कभी खांसी, सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज, सीने में जकड़न या एक्सरसाइज के दौरान सांस फूलने की समस्या हो सकती है। ये लक्षण इतने हल्के हो सकते हैं कि व्यक्ति इन्हें सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर दे।

वहीं, कुछ लोगों में किसी ट्रिगर के संपर्क में आने के बाद पहली बार सांस लेने में गंभीर परेशानी हो सकती है। वायरल रेस्पिरेटरी इंफेक्शन, धूल, पोलन, धुएं, तंबाकू, वायु प्रदूषण और ठंडी हवा जैसे कारक कुछ लोगों में अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।

अस्थमा के शुरुआती संकेत कौन से हैं?

हर व्यक्ति में अस्थमा के लक्षण एक जैसे नहीं होते। फिर भी कुछ संकेत ऐसे हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है।

1. बार-बार होने वाली खांसी

अगर खांसी बार-बार होती है, खासकर रात में, सुबह जल्दी उठने पर या एक्सरसाइज के बाद, तो इसे लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

कुछ लोगों में खांसी ही अस्थमा का प्रमुख लक्षण हो सकती है और उन्हें शुरुआत में सांस फूलने जैसी स्पष्ट समस्या महसूस नहीं होती। अगर खांसी लंबे समय से बनी हुई है या बार-बार वापस आती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

2. सीढ़ियां चढ़ने या एक्सरसाइज करने पर सांस फूलना

अगर पहले आसानी से सीढ़ियां चढ़ लेते थे या सामान्य एक्सरसाइज कर लेते थे, लेकिन अब थोड़ी गतिविधि के बाद ही सांस फूलने लगी है, तो इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए।

अस्थमा में शारीरिक गतिविधि कुछ लोगों में लक्षणों को ट्रिगर कर सकती है। हालांकि, एक्सरसाइज के दौरान सांस फूलने का कारण केवल अस्थमा नहीं होता। एनीमिया, वजन बढ़ना, फिटनेस कम होना और हृदय या फेफड़ों से जुड़ी दूसरी समस्याएं भी इसके पीछे हो सकती हैं।

3. सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज

सांस छोड़ते समय सीटी या घरघराहट जैसी आवाज को व्हीजिंग कहा जाता है। यह अस्थमा का एक सामान्य लक्षण हो सकता है।

अगर ऐसी आवाज बार-बार सुनाई देती है, खासकर रात में, ठंडी हवा में, धूल के संपर्क में आने के बाद या एक्सरसाइज के दौरान, तो डॉक्टर से जांच कराने पर कारण स्पष्ट हो सकता है। हालांकि, हर तरह की व्हीजिंग अस्थमा के कारण ही हो, यह जरूरी नहीं है।

4. सीने में जकड़न या भारीपन

कुछ लोगों में सांस फूलने से पहले सीने में जकड़न, दबाव या भारीपन महसूस हो सकता है। यह समस्या अगर बार-बार होती है और धूल, मौसम बदलने, रात या किसी खास गतिविधि से जुड़ी नजर आती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हालांकि, सीने में जकड़न कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी हो सकती है। इसलिए केवल इस एक लक्षण के आधार पर अस्थमा की पुष्टि नहीं की जा सकती।

ट्रिगर पहचानना क्यों है जरूरी?

अस्थमा वाले लोगों में अलग-अलग चीजें लक्षणों को बढ़ा सकती हैं। किसी को धूल या पोलन से परेशानी हो सकती है, तो किसी में धुआं, प्रदूषण, ठंडी हवा या एक्सरसाइज के बाद लक्षण बढ़ सकते हैं।

अगर आपको बार-बार खांसी, व्हीजिंग या सांस फूलने की समस्या होती है, तो यह नोट करना उपयोगी हो सकता है कि लक्षण कब और किन परिस्थितियों में बढ़ते हैं। इससे डॉक्टर को समस्या का कारण समझने और उचित जांच या उपचार की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।

क्या इन लक्षणों से खुद ही अस्थमा मान लेना सही है?

नहीं। खांसी, सांस फूलना, सीने में जकड़न और व्हीजिंग जैसी समस्याएं अस्थमा के अलावा कई अन्य स्थितियों में भी हो सकती हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से अस्थमा की दवा शुरू करना उचित नहीं है।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार आपकी मेडिकल हिस्ट्री, लक्षणों के पैटर्न और फेफड़ों की कार्यक्षमता से जुड़े टेस्ट के आधार पर कारण पता कर सकते हैं।

कब तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए?

अगर सांस लेने में अचानक बहुत ज्यादा परेशानी हो, बोलने में दिक्कत होने लगे, होंठ या चेहरा नीला पड़ने लगे, व्यक्ति बहुत ज्यादा कमजोर या भ्रमित महसूस करे या सांस की समस्या तेजी से बढ़ रही हो, तो इसे आपात स्थिति मानकर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

अस्थमा हमेशा अचानक बड़े अटैक के रूप में शुरू हो, यह जरूरी नहीं है। रात में बार-बार खांसी, एक्सरसाइज के दौरान असामान्य सांस फूलना, सीटी जैसी आवाज या सीने में जकड़न जैसे बार-बार होने वाले लक्षण शुरुआती संकेत हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब सीधे तौर पर अस्थमा होना नहीं है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।

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