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इंडियन बैंक और केनरा बैंक ने घटाई होम और व्हीकल लोन की ब्याज दरें, अब EMI में मिलेगी राहत

अगर आप घर खरीदने या नई गाड़ी लेने का सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके काम की है. दो बड़े सरकारी बैंक इंडियन बैंक और केनरा बैंक ने होम लोन और व्हीकल लोन की ब्याज दरें कम करने का ऐलान किया है.  अब होम और व्हीकल लोन की EMI होगी कम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने हाल ही में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की थी. इसी के बाद, इंडियन बैंक और केनरा बैंक ने भी अपने लोन की ब्याज दरें घटा दी हैं. इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा, क्योंकि उनकी EMI अब पहले से थोड़ी कम हो जाएगी.  PauseUnmute Fullscreen इंडियन बैंक ने कितनी ब्याज दर घटाई? इंडियन बैंक ने होम लोन की ब्याज दर को घटाकर 8.15% से 7.90% प्रति वर्ष कर दिया है. वहीं, व्हीकल लोन (कार लोन) की ब्याज दर अब 8.50% से घटकर 8.25% हो गई है. इसके अलावा, बैंक अपने ग्राहकों को कुछ खास ऑफर भी दे रहा है, जैसे कि कम प्रोसेसिंग फीस,कोई डॉक्यूमेंटेशन चार्ज नहीं (Zero documentation charges).  केनरा बैंक ने भी RLLR में कटौती की केनरा बैंक ने भी अपनी रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) में 0.25% की कटौती की है. ये नई दरें 12 अप्रैल, 2025 से लागू हो चुकी हैं. अब बैंक का होम लोन 7.90% प्रति वर्ष से शुरू हो रहा है और व्हीकल लोन की दरें 8.20% प्रति वर्ष से शुरू हैं.  क्या आपको नया लोन लेना चाहिए? अगर आप घर या गाड़ी लेने की सोच रहे हैं, तो ये समय आपके लिए सही हो सकता है. ब्याज दरों में कटौती का सीधा असर आपकी EMI पर पड़ता है. मतलब अब हर महीने आपको थोड़ा कम भुगतान करना पड़ेगा. साथ ही, कई बैंक अभी प्रोसेसिंग फीस जैसे चार्जेस में भी छूट दे रहे हैं. तो अगर आपने अभी तक होम लोन या कार लोन लेने का फैसला नहीं किया है, तो इस रेट कट के बाद एक बार फिर से सोचना बनता है.

अगर आप अपने सपनों का घर खरीदने की सोच रहे हैं या फिर नई कार लेने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकती है। देश के दो प्रमुख सरकारी बैंक—इंडियन बैंक और केनरा बैंक—ने होम लोन और व्हीकल लोन की ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है। इससे न सिर्फ आपकी EMI कम हो जाएगी, बल्कि लोन लेना अब पहले के मुकाबले सस्ता हो जाएगा।

RBI की रेपो रेट कटौती के बाद बैंकों का कदम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने हाल ही में रेपो रेट में 0.25% की कटौती की थी। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। जब रेपो रेट घटती है, तो बैंक भी अपने कर्ज सस्ते कर देते हैं ताकि ज्यादा लोग लोन लें और बाजार में पैसे का प्रवाह बढ़े। इसी सिलसिले में इंडियन बैंक और केनरा बैंक ने अपने कर्ज पर लगने वाली ब्याज दरों में कटौती की है।

इंडियन बैंक ने कितनी घटाई दरें?

इंडियन बैंक ने अपने होम लोन की ब्याज दर को 8.15% से घटाकर 7.90% प्रति वर्ष कर दिया है। वहीं व्हीकल लोन, यानी कार या टू-व्हीलर लोन की ब्याज दर को 8.50% से घटाकर 8.25% कर दिया गया है। इसके साथ ही बैंक ग्राहकों को कई विशेष लाभ भी दे रहा है, जैसे:

  • कम प्रोसेसिंग फीस

  • नो डॉक्यूमेंटेशन चार्ज (Zero Documentation Charges)

इन ऑफर्स का मतलब है कि लोन लेने पर अतिरिक्त खर्च भी कम हो जाएगा, जिससे कुल लोन कॉस्ट घटेगी।

केनरा बैंक ने भी की RLLR में कटौती

केनरा बैंक ने अपने रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) में 0.25% की कटौती की है। नई ब्याज दरें 12 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो चुकी हैं। अब केनरा बैंक का होम लोन 7.90% प्रति वर्ष से शुरू होता है, जबकि व्हीकल लोन की शुरुआती दर 8.20% प्रति वर्ष रखी गई है।

RLLR का मतलब है कि आपकी लोन की ब्याज दर सीधे-सीधे RBI की रेपो रेट से जुड़ी होती है। जैसे ही RBI रेपो रेट घटाता है, वैसे ही आपकी लोन दरें भी कम हो जाती हैं।

EMI में कैसे मिलेगी राहत?

लोन की ब्याज दर घटने का सीधा असर EMI यानी मासिक किस्त पर पड़ता है। उदाहरण के लिए, अगर पहले किसी व्यक्ति की EMI ₹20,000 बन रही थी, तो ब्याज दर घटने के बाद वही EMI ₹19,200 या उससे भी कम हो सकती है (लोन राशि और अवधि के अनुसार)। इस तरह हर महीने सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये तक की बचत हो सकती है।

क्या यह लोन लेने का सही समय है?

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आप घर या गाड़ी लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय सही हो सकता है। ब्याज दरें कम होने के साथ-साथ बैंकों द्वारा दी जा रही प्रोसेसिंग फीस में छूट और अन्य ऑफर्स इसे और फायदेमंद बनाते हैं। साथ ही, अगर भविष्य में ब्याज दरें फिर से बढ़ती हैं, तो अभी लिए गए लोन पर आप सस्ती EMI का लाभ उठाते रहेंगे।

किन बातों का रखें ध्यान?

हालांकि लोन लेने से पहले कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, कुल ब्याज उतना ज्यादा देना होगा।

  • ब्याज दर चाहे कम हो, लेकिन समय पर भुगतान न करने पर पेनल्टी लग सकती है।

  • बैंक द्वारा दिए जा रहे ऑफर्स (जैसे प्रोसेसिंग फीस छूट) की वैधता सीमित समय के लिए हो सकती है, इसलिए पूरी जानकारी लें।

निष्कर्ष

इंडियन बैंक और केनरा बैंक की इस पहल से आम ग्राहकों को बड़ा फायदा मिल सकता है। लोन की ब्याज दरों में हुई कटौती से EMI का बोझ हल्का होगा और लोग अपने सपनों का घर या गाड़ी खरीदने का फैसला आसानी से ले सकेंगे। अगर आप भी लोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह मौका हाथ से जाने न दें। बैंक से पूरी जानकारी लेकर जल्द ही कदम उठाना बेहतर रहेगा।

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