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35 की उम्र के बाद हाथ-पैरों की ढीली त्वचा को कैसे टाइट करें? एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

35 की उम्र के बाद हाथ-पैरों की ढीली त्वचा को कैसे टाइट करें? एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

उम्र बढ़ने के साथ चेहरे की तरह हाथ और पैरों की त्वचा पर भी एजिंग के संकेत दिखाई देने लगते हैं। खासतौर पर 30 की उम्र के बाद त्वचा में ढीलापन नजर आ सकता है और स्किन पहले की तुलना में कम टाइट महसूस होने लगती है। हालांकि, सही स्किन केयर रूटीन और कुछ जरूरी सावधानियों की मदद से त्वचा को लंबे समय तक हेल्दी और जवां बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

मशहूर डर्मेटोलॉजिस्ट नीरा नाथन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किए गए एक वीडियो में हाथ और पैरों की त्वचा की देखभाल से जुड़े कुछ तरीके बताए हैं। आइए जानते हैं किन बातों का ध्यान रखकर आप अपनी बॉडी स्किन की इलास्टिसिटी बनाए रखने की कोशिश कर सकते हैं।

नंबर 1- धूप और टैनिंग से करें बचाव

अगर आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा लंबे समय तक हेल्दी और यंग नजर आए, तो सबसे पहले उसे सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से बचाना जरूरी है। लंबे समय तक धूप में रहने से त्वचा के कोलेजन और इलास्टिन पर असर पड़ सकता है, जिससे समय के साथ स्किन में ढीलापन और एजिंग के दूसरे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

इसलिए घर से बाहर निकलते समय सिर्फ चेहरे पर ही नहीं, बल्कि हाथ, पैर और गर्दन जैसे खुले हिस्सों पर भी ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं। जरूरत के मुताबिक इसे दोबारा लगाना भी जरूरी है, खासकर अगर आप लंबे समय तक बाहर रह रहे हैं।

नंबर 2- एक्सफोलिएशन को रूटीन में करें शामिल

डेड स्किन सेल्स को हटाने और त्वचा की सतह को स्मूद बनाए रखने के लिए एक्सफोलिएशन मददगार हो सकता है। डर्मेटोलॉजिस्ट ने बॉडी स्किन के लिए ग्लाइकोलिक एसिड जैसे केमिकल एक्सफोलिएंट का इस्तेमाल करने की बात कही है।

ग्लाइकोलिक एसिड त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन सेल्स हटाने और सेल टर्नओवर को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। इसे हाथों और पैरों पर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन शुरुआत कम मात्रा और कम फ्रीक्वेंसी से करना बेहतर है। अगर त्वचा संवेदनशील है, तो इस्तेमाल से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें।

नंबर 3- रेटिनॉल का इस्तेमाल

रेटिनॉल को सिर्फ चेहरे की स्किन केयर तक सीमित नहीं माना जाता। इसे बॉडी के कुछ हिस्सों पर भी इस्तेमाल किया जाता है। यह त्वचा के सेल टर्नओवर को सपोर्ट करने के साथ कोलेजन से जुड़ी प्रक्रियाओं में मदद कर सकता है।

हालांकि, रेटिनॉल कुछ लोगों की त्वचा में ड्राईनेस, जलन या लालिमा पैदा कर सकता है। इसलिए बॉडी पर इस्तेमाल शुरू करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है। साथ ही, रेटिनॉल का इस्तेमाल करते समय धूप से बचाव और मॉइस्चराइजर का ध्यान रखना भी जरूरी है।

नंबर 4- कोलेजन सप्लीमेंट्स पर एक्सपर्ट से लें सलाह

डर्मेटोलॉजिस्ट ने त्वचा की इलास्टिसिटी और टोन को सपोर्ट करने के लिए कोलेजन सप्लीमेंट्स का भी जिक्र किया है। कुछ अध्ययनों में हाइड्रोलाइज्ड कोलेजन सप्लीमेंट्स के त्वचा की नमी और इलास्टिसिटी पर संभावित फायदे देखे गए हैं।

हालांकि, हर व्यक्ति के लिए सप्लीमेंट जरूरी या समान रूप से प्रभावी हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए किसी भी कोलेजन सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।

स्किन केयर के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

हाथ-पैर की त्वचा को हेल्दी बनाए रखने के लिए सिर्फ कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय पर्याप्त नींद, संतुलित खानपान, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि जैसी आदतों पर भी ध्यान दें। अगर त्वचा में अचानक ज्यादा ढीलापन, असामान्य बदलाव या कोई अन्य समस्या दिखाई दे, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

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