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Homemade Organic Fertilizer For Hibiscus: 2 घंटे में तैयार करें ऑर्गेनिक घोल, कलियों और फूलों से भर जाएगा गुड़हल का पौधा

Homemade Organic Fertilizer For Hibiscus: 2 घंटे में तैयार करें ऑर्गेनिक घोल, कलियों और फूलों से भर जाएगा गुड़हल का पौधा

घर में लगे इंडोर और आउटडोर पौधे तभी खूबसूरत नजर आते हैं, जब उनकी पत्तियां हरी-भरी और चमकदार हों। लेकिन मौसम बदलने के साथ कई बार पौधों की ग्रोथ धीमी हो जाती है, पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और गमले की मिट्टी में फंगस या छोटे कीड़े दिखाई देने लगते हैं।ऐसे में बाजार से महंगे फर्टिलाइजर खरीदने के बजाय घर में मौजूद कुछ चीजों से एक आसान लिक्विड फर्टिलाइजर तैयार किया जा सकता है। कॉफी और हल्दी से तैयार इस मिश्रण को पौधों की मिट्टी में इस्तेमाल करने का तरीका बताया गया है।

कॉफी और हल्दी का घोल बनाने के लिए क्या चाहिए?

इस होममेड फर्टिलाइजर को तैयार करने के लिए आपको सिर्फ कुछ चीजों की जरूरत होगी:

  • 1 लीटर सादा पानी
  • 1 छोटा चम्मच कॉफी पाउडर
  • 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
  • एक साफ बर्तन या मग

सबसे पहले बनाएं कॉफी-हल्दी का घोल

एक साफ बर्तन में 1 लीटर पानी लें। इसमें एक छोटा चम्मच कॉफी पाउडर और एक छोटा चम्मच हल्दी पाउडर डालें।

अब चम्मच की मदद से दोनों चीजों को पानी में अच्छी तरह मिला लें। मिश्रण को तब तक चलाएं, जब तक पाउडर अच्छी तरह फैल न जाए।

2 घंटे के लिए रखें

मिश्रण तैयार होने के बाद इसे तुरंत पौधों में डालने के बजाय करीब 2 घंटे के लिए किसी छायादार जगह पर रख दें।

इसके बाद मिश्रण को एक बार फिर अच्छी तरह मिला लें। ध्यान रखें कि इसे लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ने के बजाय तैयार करने के बाद जल्द इस्तेमाल करना बेहतर है।

इस्तेमाल से पहले घोल को पतला करें

दो घंटे बाद इस मिश्रण में एक लीटर और सादा पानी मिला दें। यानी तैयार घोल की मात्रा लगभग 2 लीटर हो जाएगी।घोल को पतला करने का उद्देश्य यह है कि पौधों की मिट्टी में एक साथ बहुत अधिक कॉफी या हल्दी न पहुंचे। किसी भी घरेलू मिश्रण को इस्तेमाल करने से पहले पौधे की जरूरत और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

पौधों की मिट्टी में कैसे डालें?

तैयार घोल को सीधे पत्तियों पर डालने के बजाय गमले की मिट्टी में थोड़ी मात्रा में डालें। इसे पौधे के तने से बिल्कुल सटाकर डालने से बचें।

इस तरह के घरेलू फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करने से पहले मिट्टी की नमी और पौधे की स्थिति देख लेना चाहिए। अगर मिट्टी पहले से बहुत गीली है, तो तुरंत कोई अतिरिक्त लिक्विड डालने से बचें।

कॉफी और हल्दी से क्या फायदा हो सकता है?

कॉफी के अवशेषों में कुछ पोषक तत्व पाए जाते हैं और इन्हें कंपोस्ट में इस्तेमाल किया जाता है। वहीं हल्दी में करक्यूमिन जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं।

हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि कॉफी और हल्दी का पानी हर पौधे के लिए निश्चित रूप से फर्टिलाइजर या कीटनाशक की तरह काम करेगा। अलग-अलग पौधों की पोषण संबंधी जरूरतें अलग होती हैं और ज्यादा मात्रा में किसी भी घरेलू मिश्रण का इस्तेमाल नुकसान पहुंचा सकता है।

कितनी बार करें इस्तेमाल?

अगर आप इस तरह के घरेलू मिश्रण को आजमाना चाहते हैं, तो शुरुआत कम मात्रा से करें और पौधे की प्रतिक्रिया देखें। हर 15 दिन में इस्तेमाल करने का दावा किया जाता है, लेकिन इसे सभी पौधों के लिए एक तय नियम नहीं माना जा सकता।

खासकर इनडोर पौधों में जरूरत से ज्यादा नमी या पोषक तत्वों की वजह से मिट्टी और जड़ों पर विपरीत असर पड़ सकता है।

पौधों को हरा-भरा रखने के लिए जरूरी बातें

सिर्फ घरेलू फर्टिलाइजर पर निर्भर रहने के बजाय पौधों को सही रोशनी, पानी और मिट्टी देना भी जरूरी है। पौधे की प्रजाति के हिसाब से पानी और धूप की मात्रा तय करें और गमले में पानी की निकासी का सही इंतजाम रखें।अगर पत्तियां लगातार पीली हो रही हैं, जड़ों में सड़न है या मिट्टी में फंगस और कीड़ों की समस्या बढ़ रही है, तो केवल घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय समस्या के कारण की पहचान करना ज्यादा जरूरी है।

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