Home Gardening: खेत नहीं, गमले में उगाएं स्वादिष्ट मूली! 40-50 दिन में तैयार होगी फसल, जानें पूरा तरीका
मूली के पराठे, सलाद और अचार का स्वाद बहुत से लोगों को पसंद आता है। सर्दियों के मौसम में तो मूली लगभग हर घर की रसोई का हिस्सा बन जाती है। लेकिन अगर बाजार से बार-बार मूली खरीदने के बजाय आप इसे अपने घर पर ही उगाना चाहते हैं, तो इसके लिए बड़े खेत या जमीन की जरूरत नहीं है।
थोड़ी सी जगह, सही गमला और अच्छी मिट्टी की मदद से आप घर की छत, बालकनी या आंगन में भी मूली उगा सकते हैं। खास बात यह है कि मूली जल्दी तैयार होने वाली सब्जियों में शामिल है और सामान्य परिस्थितियों में करीब 40 से 50 दिनों में इसकी जड़ खाने लायक हो सकती है।
इतना ही नहीं, मूली के हरे पत्तों से स्वादिष्ट भुर्जी और साग भी बनाया जा सकता है। अगर आप घर पर ताजी सब्जियां उगाने का शौक रखते हैं, तो मूली आपके लिए एक आसान विकल्प हो सकती है।
सबसे पहले सही गमले का करें चुनाव
मूली जमीन के अंदर विकसित होती है, इसलिए गमले का आकार चुनते समय उसकी गहराई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए करीब 10 से 12 इंच गहरा गमला बेहतर रहेगा।
गमले के नीचे पानी बाहर निकलने के लिए पर्याप्त ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए। अगर पानी लगातार मिट्टी में जमा रहेगा तो जड़ों के विकास पर असर पड़ सकता है।
मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
मूली की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी का हल्का और भुरभुरा होना जरूरी है। बहुत ज्यादा कठोर या भारी मिट्टी में जड़ को फैलने में परेशानी हो सकती है।
आप मिट्टी तैयार करने के लिए लगभग 50 फीसदी सामान्य मिट्टी, 30 फीसदी अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद और 20 फीसदी रेत का मिश्रण तैयार कर सकते हैं। इससे मिट्टी अपेक्षाकृत ढीली रहेगी और जड़ों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी।
बीज बोते समय इन बातों का रखें ध्यान
गमला और मिट्टी तैयार होने के बाद अच्छी गुणवत्ता वाले मूली के बीज लें। गमले में बीजों को एक साथ जमा करके डालने के बजाय उनके बीच उचित दूरी रखना जरूरी है।
उंगली या किसी छोटी लकड़ी की मदद से करीब आधा से एक इंच गहरा स्थान बनाएं और उसमें बीज डालें। दो बीजों के बीच लगभग 3 से 4 इंच की दूरी रखने की कोशिश करें।
बीज डालने के बाद उसके ऊपर मिट्टी की हल्की परत डालें। शुरुआत में पानी तेज धार से देने के बजाय स्प्रेयर की मदद से हल्का पानी देना बेहतर रहेगा, ताकि बीज अपनी जगह से बाहर न निकलें।
कुछ दिनों में दिखने लगेंगे अंकुर
उचित नमी और अनुकूल मौसम मिलने पर करीब 4 से 6 दिनों में छोटे पौधे दिखाई देने लग सकते हैं। अगर एक ही जगह बहुत सारे पौधे निकल आएं तो कमजोर पौधों को सावधानी से अलग कर दें।
पौधों के बीच पर्याप्त जगह रहने से मूली की जड़ को नीचे और आसपास फैलने में मदद मिलेगी। इसके बाद नियमित देखभाल, उचित सिंचाई और पर्याप्त धूप के साथ पौधों को बढ़ने दें।
इस तरह बिना बड़े खेत के भी आप अपने घर की छोटी सी जगह में मूली की फसल तैयार कर सकते हैं और ताजी मूली के साथ उसके हरे पत्तों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

