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Health Tips: दिन में कितनी बार और कब धोने चाहिए हाथ? जानिए 20 सेकंड का सही तरीका, जो संक्रमण से बचाने में करेगा मदद

Health Tips: दिन में कितनी बार और कब धोने चाहिए हाथ? जानिए 20 सेकंड का सही तरीका, जो संक्रमण से बचाने में करेगा मदद

हाथ धोना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन कई बार जल्दबाजी में हम हाथों को सही तरीके से साफ नहीं करते। सिर्फ हथेलियों पर साबुन लगाकर पानी से धो लेना पर्याप्त नहीं है। हाथों की उंगलियों के बीच, नाखूनों के नीचे और हाथों के पिछले हिस्से की सफाई करना भी जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को अच्छी तरह रगड़कर धोने से संक्रमण फैलने का खतरा कम करने में मदद मिलती है।

हर साल 15 अक्टूबर को विश्व हाथ धुलाई दिवस (World Handwashing Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हाथों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।

हाथ धोने से क्यों बच सकती हैं कई बीमारियां?

दिनभर हम मोबाइल फोन, दरवाजों के हैंडल, लिफ्ट के बटन और कई दूसरी सतहों को छूते हैं। इस दौरान हाथों पर कीटाणु और गंदगी जमा हो सकती है। अगर इन्हीं हाथों से आंख, नाक या मुंह को छुआ जाए, तो संक्रमण शरीर तक पहुंच सकता है।

सही तरीके से हाथ धोने से डायरिया और सांस संबंधी संक्रमणों का खतरा कम करने में मदद मिलती है। हाथों की सफाई न केवल खुद को बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि दूसरों तक संक्रमण फैलने से रोकने में भी अहम भूमिका निभाती है।

हाथ धोने का सही तरीका क्या है?

हाथ साफ करने के लिए इन आसान स्टेप्स को अपनाएं:

  1. साफ बहते पानी से हाथों को गीला करें।
  2. साबुन लगाकर दोनों हथेलियों पर अच्छी तरह झाग बनाएं।
  3. हथेलियों के साथ हाथों के पिछले हिस्से को भी रगड़ें।
  4. उंगलियों के बीच और नाखूनों के नीचे अच्छी तरह सफाई करें।
  5. अंगूठों और कलाई को भी साफ करें।
  6. कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को रगड़ें।
  7. बहते पानी से साबुन पूरी तरह धो लें।
  8. साफ तौलिए या पेपर टॉवल से हाथ सुखाएं।

20 सेकंड याद रखने के लिए मन ही मन ‘Happy Birthday’ गाना दो बार गुनगुना सकते हैं।

दिन में किन मौकों पर हाथ धोना जरूरी है?

हाथ धोने की जरूरत केवल खाना खाने से पहले नहीं होती। कुछ खास मौकों पर हाथ साफ करना संक्रमण से बचाव के लिए बेहद जरूरी है।

  • खाना बनाने से पहले और बाद में।
  • कच्चा मांस, मछली या अंडे संभालने के बाद।
  • खाना खाने से पहले।
  • टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद।
  • खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद।
  • कचरा उठाने या साफ-सफाई करने के बाद।
  • पालतू जानवरों को छूने या उनका खाना संभालने के बाद।
  • डायपर बदलने या किसी बीमार व्यक्ति की देखभाल करने के बाद।
  • घाव साफ करने या पट्टी करने से पहले और बाद में।
  • सार्वजनिक जगहों से घर लौटने के बाद, खासकर जब हाथ गंदे हों।

क्या एंटीबैक्टीरियल साबुन इस्तेमाल करना जरूरी है?

नहीं। सामान्य साबुन और साफ बहते पानी से हाथ धोना ज्यादातर लोगों के लिए पर्याप्त है। आम इस्तेमाल में एंटीबैक्टीरियल साबुन सामान्य साबुन की तुलना में अतिरिक्त लाभ देता है, इसका पर्याप्त प्रमाण नहीं है। हालांकि, अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं में काम करने वाले लोगों के लिए अलग दिशानिर्देश लागू हो सकते हैं।

साबुन-पानी नहीं है तो हैंड सैनिटाइजर का करें इस्तेमाल

अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं हैं, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे हाथों की सभी सतहों पर लगाकर सूखने तक रगड़ें।

ध्यान रखें कि हाथ बहुत गंदे या चिकने होने पर सैनिटाइजर उतना प्रभावी नहीं होता। ऐसे में साबुन और पानी से हाथ धोना बेहतर है। बच्चों को सैनिटाइजर इस्तेमाल करते समय निगरानी में रखें और इसे उनकी पहुंच से दूर रखें।

बार-बार हाथ धोने से त्वचा को हो सकता है नुकसान

हाथों की सफाई जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा धोने या तेज साबुन इस्तेमाल करने से त्वचा का प्राकृतिक तेल कम हो सकता है। इससे हाथ रूखे, लाल या फटने लग सकते हैं। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में जलन और एक्जिमा की समस्या भी बढ़ सकती है।

ऐसी स्थिति में हल्के साबुन और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल मददगार हो सकता है।

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