घर के गमले में उगाएं ताजी सेम, 80 दिन में मिलेगा भरपूर उत्पादन; जानें आसान तरीका
आजकल लोग बाजार की सब्जियों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों और केमिकल को लेकर काफी सजग हो गए हैं। यही वजह है कि होम गार्डनिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है। घर की बालकनी, छत या छोटे से खाली कोने में लोग अपनी जरूरत की सब्जियां उगा रहे हैं।
अगर आप भी घर पर सब्जियां उगाने की शुरुआत करना चाहते हैं, तो सेम की फली एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह बेल वाली सब्जी कम जगह में आसानी से उगाई जा सकती है और सही देखभाल मिलने पर लंबे समय तक ताजी फलियां देती रहती है।
ज्यादा जगह की नहीं होगी जरूरत
सेम उगाने के लिए बड़े खेत या बगीचे की जरूरत नहीं है। आप इसे छत, बालकनी या आंगन में एक बड़े गमले में भी उगा सकते हैं।
चूंकि सेम की जड़ें फैलती हैं, इसलिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनना बेहतर रहेगा। गमले के नीचे पानी निकालने के लिए ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी जमा न हो।
ऐसी तैयार करें पौधे के लिए मिट्टी
अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी का सही मिश्रण बेहद जरूरी है। सेम के पौधे के लिए मिट्टी को भुरभुरा और पोषक तत्वों से भरपूर रखना चाहिए।
इसके लिए आप मिट्टी का मिश्रण इस तरह तैयार कर सकते हैं—
• 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी
• 30 प्रतिशत वर्मीकम्पोस्ट या पुरानी गोबर की खाद
• 20 प्रतिशत रेत
इस मिश्रण से मिट्टी में नमी और हवा का संतुलन बना रहता है, जिससे पौधे की जड़ें अच्छी तरह विकसित होती हैं।
बीज लगाने से पहले करें यह काम
सेम के बीजों को सीधे मिट्टी में लगाने से पहले करीब 6 से 8 घंटे पानी में भिगोकर रखना उपयोगी हो सकता है। इससे बीज जल्दी अंकुरित होने में मदद मिलती है।
इसके बाद गमले की मिट्टी में लगभग 1 से 1.5 इंच गहराई पर बीज लगाएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें। बीज लगाने के बाद थोड़ा पानी दें।
सही परिस्थितियों में करीब 5 से 8 दिनों के भीतर छोटे पौधे निकलने लग सकते हैं।
धूप और पानी का रखें सही संतुलन
सेम की बेल को अच्छी धूप की जरूरत होती है। गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोजाना लगभग 5 से 6 घंटे धूप मिल सके।
पानी देते समय इस बात का ध्यान रखें कि मिट्टी नम रहे, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी महसूस हो, तभी हल्का पानी देना बेहतर रहता है।
बेल को जरूर दें सहारा
जब सेम का पौधा करीब 6 से 8 इंच ऊंचा होने लगे, तो उसे सहारे की जरूरत पड़ने लगती है। आप गमले में लकड़ी की डंडी, बांस या क्रीपर नेट लगा सकते हैं।
धीरे-धीरे बेल को इस सहारे पर चढ़ने दें। बेल को पर्याप्त जगह मिलने से उसका फैलाव बेहतर होता है और फूल व फलियां बनने की संभावना भी बढ़ती है।
महीने में एक बार दें प्राकृतिक खाद
पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए महीने में एक बार दो मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट मिट्टी में हल्की गुड़ाई के बाद डाल सकते हैं।
अगर पौधे पर एफिड्स जैसे छोटे कीड़े दिखाई दें तो रासायनिक कीटनाशकों की जगह नीम तेल का हल्का घोल बनाकर स्प्रे किया जा सकता है।
कब होगी पहली तुड़ाई?
बीज लगाने के करीब 45 से 60 दिनों के बीच पौधे पर फूल आना शुरू हो सकते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे फलियां बनने लगती हैं।
आमतौर पर रोपाई के लगभग 70 से 80 दिनों बाद सेम की हरी फलियां तुड़ाई के लिए तैयार हो सकती हैं।
फलियों को उस समय तोड़ना बेहतर होता है जब वे हरी, ताजी और मुलायम हों। ज्यादा पकने पर फलियां सख्त हो सकती हैं और स्वाद भी प्रभावित हो सकता है।
एक बार बेल चल पड़ी तो मिलती रहेगी ताजी सब्जी
अगर पौधे को पर्याप्त धूप, सही मात्रा में पानी और समय-समय पर प्राकृतिक खाद मिलती रहे, तो सेम की बेल पूरे सीजन लगातार फलियां दे सकती है।
घर पर उगाई गई ताजी सेम न सिर्फ किचन गार्डन को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि बाजार से सब्जियां खरीदने की जरूरत को भी कुछ हद तक कम कर सकती है।

