बालकनी में उगाएं पालक-मेथी की हरी जोड़ी, बिना खेत के मिलेगी ताजी ऑर्गेनिक सब्जी
शहरों में घर की बालकनी, छत या छोटी सी खाली जगह में सब्जियां उगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खासकर पालक और मेथी जैसी पत्तेदार सब्जियां कम जगह में आसानी से तैयार हो जाती हैं। इन्हें उगाने के लिए बड़े खेत की जरूरत नहीं होती और थोड़ी देखभाल के साथ घर पर ही ताजी हरी सब्जी मिल सकती है।
पालक और मेथी को एक ही चौड़े कंटेनर में साथ-साथ उगाया जा सकता है। दोनों की जरूरतें काफी मिलती-जुलती हैं, इसलिए शुरुआती लोगों के लिए भी यह तरीका आसान है।
6-8 इंच गहरे गमले में करें शुरुआत
पालक और मेथी की जड़ें बहुत गहराई तक नहीं जातीं। इसलिए 6 से 8 इंच गहरे और चौड़े रेक्टेंगुलर टब या ग्रो बैग बेहतर रहेंगे। कंटेनर में नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त ड्रेनेज होल जरूर होने चाहिए।
मिट्टी तैयार करने के लिए 50 फीसदी सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 फीसदी अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद और 20 फीसदी रेत मिला सकते हैं। इससे मिट्टी भुरभुरी रहेगी और अतिरिक्त पानी जमा नहीं होगा।
बीज बोने से पहले अपनाएं ये तरीका
मेथी के बीजों को बोने से पहले करीब 4 से 6 घंटे गुनगुने पानी में भिगोना अंकुरण के लिए मददगार हो सकता है। पालक के बीजों को हल्का सा रगड़कर बोया जा सकता है।
कंटेनर में करीब आधा इंच गहरी समानांतर लाइनें बनाएं। एक लाइन में पालक और अगली लाइन में मेथी के बीज डालें। दोनों लाइनों के बीच करीब 4 से 5 इंच की दूरी रखें। बीजों को मिट्टी की पतली परत से ढकने के बाद स्प्रे बोतल से हल्का पानी दें।
सही परिस्थितियों में करीब 4 से 6 दिनों में पौध निकलना शुरू हो सकता है।
धूप और पानी का रखें खास ध्यान
पौध निकलने के बाद पालक और मेथी को रोजाना करीब 4 से 5 घंटे धूप मिलना फायदेमंद रहेगा। सुबह की धूप वाली जगह इसके लिए अच्छी हो सकती है।
पानी देते समय मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। लगातार पानी जमा रहने से जड़ों में समस्या और पत्तियों के पीले पड़ने का खतरा बढ़ सकता है।
जब पौधे करीब 20 से 25 दिन के हो जाएं, तब जरूरत के अनुसार जैविक खाद दी जा सकती है। सरसों की खली का पतला घोल भी खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
जड़ से नहीं, पत्तियां काटकर करें हार्वेस्टिंग
पालक और मेथी की कटाई करते समय पूरे पौधे को जड़ समेत न उखाड़ें। तेज और साफ कैंची से पत्तियों को नीचे से करीब 1 से 1.5 इंच ऊपर काटें। इससे पौधे को दोबारा नई पत्तियां निकालने का मौका मिलता है।
उचित देखभाल और मौसम के अनुकूल परिस्थितियों में एक ही कंटेनर से कई बार पत्तियों की कटाई की जा सकती है।
कम जगह में तैयार होगी हरी सब्जी
अगर आपके घर में बड़ा गार्डन नहीं है, तब भी पालक और मेथी उगाने के लिए बालकनी या छत की थोड़ी सी जगह पर्याप्त हो सकती है। सही कंटेनर, अच्छी मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियंत्रित पानी के साथ घर पर ही ताजी पत्तेदार सब्जियां उगाने की शुरुआत की जा सकती है।

