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क्या डायबिटीज पेशेंट के लिए खाना चाहिये घी,इस समय पर करना चाहिये घी का परहेज 

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 लाइफस्टाइल न्यूज़ डेस्क,घी भारतीय घरों में मिलने वाली एक कॉमन चीज है। दिन भर में तैयार होने वाले खाने में इसका इस्तेमाल जरूर किया जाता है। इसका इस्तेमाल रोटी, पराठे से लेकर दाल-चावल तक में किया जाता है। ना सिर्फ खाने में बल्कि पूजा पाठ में भी घी का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या मधुमेह पेशेंट घी खा सकते हैं?

क्या डायबिटीज पेशेंट घी खा सकते हैं?
डायबिटीज पेशेंट को अपना खाना चुनते समय सबसे बड़ी चिंता ग्लाइसेमिक इंडेक्स को लेकर होती है। हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली खाने की चीजों से ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है, जिसकी वजह से समस्या हो सकती है। वहीं कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला खाना ग्लूकोज रिलीज को स्लो कर देता है और ब्लड शुगर लेवल को बढ़ने से रोकता है। बात अगर घी की करें तो इसमें खूब पोषक तत्व होते हैं। कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि घी मिलाने से खाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो जाता है। इससे डायबिटीज पेशेंट को उनके ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में क्या डायबिटीज पेशेंट घी खा सकते हैं का जवाब हां है।

डायबिटीज में घी का इस्तेमाल कैसे करें
घी खाने के स्वाद को बढ़ाता है, ऐसे में लोग खाने में इसकी बहुत ज्यादा मात्रा शामिल कर लेते हैं। लेकिन अगर आपको डायबिटीज है तो आपको ये जानना चाहिए की आप घी का इस्तेमाल कैसे करें। दाल या चावल में एक चम्मच से ज्यादा घी नहीं मिलाना चाहिए। हाई कार्ब्स वाले किसी भी खाने में केवल एक चम्मच घी मिलाया जा सकता है। कोशिश करें कि आप शुद्ध घी का ही इस्तेमाल करें हो सके तो घर में बनाएं।

कब करना चाहिए घी से परहेज
अगर प्रेगनेंसी के दौरान आपका वजन ज्यादा है तो घी कम खाएं। इसके अलावा किडनी, दिल या लीवर की बीमारी जैसे सिरोसिस, स्प्लेनोमेगाली, हेपेटोमेगाली, हेपेटाइटिस है तो घी से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा अपच और पेट की समस्याओं से पीड़ित हैं तो घी ना खाएं।

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