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एलोवेरा में भर-भरकर मिलेगा 99% तक जेल! माली ने बताया सफेद पाउडर का यह जादुई नुस्खा

एलोवेरा में भर-भरकर मिलेगा 99% तक जेल! माली ने बताया सफेद पाउडर का यह जादुई नुस्खा

घर में लगा एलोवेरा सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने वाला पौधा नहीं है, बल्कि इसकी मोटी पत्तियों के अंदर मौजूद जेल के लिए भी इसे काफी पसंद किया जाता है। हालांकि कई बार घर में एलोवेरा का पौधा तो अच्छी तरह बढ़ता है, लेकिन उसकी पत्तियां पतली रहती हैं और उनमें जेल कम बनता है। ऐसे में पौधे की सही देखभाल करना बेहद जरूरी है।

मिट्टी सूखने के बाद ही दें पानी

एलोवेरा की पत्तियों में पहले से ही काफी मात्रा में पानी मौजूद होता है, इसलिए इसे बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती। जब गमले की ऊपर वाली मिट्टी अच्छी तरह सूख जाए, तभी पौधे को पानी दें। सामान्य तौर पर 7 से 8 दिन में एक बार पानी देना पर्याप्त हो सकता है, हालांकि मौसम और मिट्टी के हिसाब से अंतर हो सकता है।

बहुत ज्यादा पानी देने से एलोवेरा की जड़ें सड़ सकती हैं और पत्तियां भी खराब होने लगती हैं। इससे पौधे की ग्रोथ और पत्तियों में बनने वाले जेल पर भी असर पड़ सकता है।

रोजाना कुछ घंटे की धूप जरूरी

एलोवेरा की अच्छी ग्रोथ के लिए पर्याप्त रोशनी जरूरी है। इसे ऐसी जगह रखना बेहतर होता है जहां रोजाना करीब 3 से 4 घंटे धूप मिल सके। सुबह की हल्की धूप पौधे के लिए अच्छी मानी जाती है।

हालांकि बहुत तेज धूप में लंबे समय तक रखने से पत्तियों पर असर पड़ सकता है। वहीं, पूरी तरह छांव वाली जगह पर रखने से पौधे की ग्रोथ धीमी हो सकती है।

चौड़े गमले में लगाएं पौधा

एलोवेरा का पौधा सिर्फ ऊपर की तरफ नहीं बढ़ता, बल्कि इसके आसपास छोटे-छोटे नए पौधे भी निकलते रहते हैं। इसलिए इसके लिए बहुत संकरा गमला इस्तेमाल करने से बचें।

चौड़े मुंह वाले गमले में पौधे की जड़ों और नए निकलने वाले बेबी प्लांट्स को फैलने के लिए ज्यादा जगह मिलती है। इससे मुख्य पौधे के विकास में भी मदद मिलती है।

मिट्टी में पोषक तत्वों का ध्यान रखें

एलोवेरा को बहुत ज्यादा खाद की जरूरत नहीं होती, लेकिन अच्छी मिट्टी और जरूरी पोषक तत्व पौधे की ग्रोथ में मदद कर सकते हैं। जैविक खाद का सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की कमी होने पर पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसी भी खाद या सप्लीमेंट को जरूरत के मुताबिक और उचित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए।

अंडों के छिलकों का पाउडर कर सकते हैं इस्तेमाल

घर में उपलब्ध अंडों के सूखे छिलकों को अच्छी तरह धोकर सुखाने के बाद बारीक पीसकर मिट्टी में मिलाया जा सकता है। इससे मिट्टी में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि सिर्फ कैल्शियम डालने से एलोवेरा की पत्तियों में जेल निश्चित रूप से बढ़ जाएगा, ऐसा जरूरी नहीं है। पौधे की रोशनी, पानी, मिट्टी और ड्रेनेज जैसी सभी चीजें उसकी ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

गमले में पानी जमा न होने दें

एलोवेरा के लिए सबसे जरूरी बातों में से एक है अच्छी ड्रेनेज। गमले में पानी जमा रहने से इसकी जड़ें खराब हो सकती हैं। इसलिए गमले के नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद जरूर होने चाहिए।

मिट्टी में रेत या अन्य अच्छी ड्रेनेज वाली सामग्री मिलाने से अतिरिक्त पानी बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। जब पानी गमले में नहीं रुकेगा, तो एलोवेरा की जड़ों को पर्याप्त हवा मिलेगी और पौधे को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी।

अगर आप चाहते हैं कि एलोवेरा की पत्तियां मोटी, हरी और रसीली रहें, तो सबसे पहले सही पानी, पर्याप्त रोशनी, अच्छी ड्रेनेज और उचित गमले पर ध्यान दें। यही चार चीजें पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए सबसे अहम हैं।

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