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क्रेडिट कार्ड के EMI मायाजाल में ना फंसें! पहले समझें इसके फायदे और नुकसान

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आज के डिजिटल युग में जहां हर चीज़ स्मार्ट होती जा रही है, वहीं पेमेंट का तरीका भी पूरी तरह बदल चुका है। अब लोग कैश लेकर घूमने के बजाय वॉलेट, डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान करना ज्यादा पसंद करते हैं। खास तौर से क्रेडिट कार्ड अब केवल बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि छोटे कस्बों और गांवों तक अपनी पहुंच बना चुका है। लेकिन जहां एक ओर यह सुविधा लोगों की ज़िंदगी आसान बना रही है, वहीं दूसरी ओर इसके दुरुपयोग से लोग भारी कर्ज़ में भी डूब सकते हैं। खासकर जब बात आती है क्रेडिट कार्ड की ईएमआई (EMI) सुविधा की, तो इसके फायदे और नुकसान दोनों पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

क्या है क्रेडिट कार्ड की EMI?

क्रेडिट कार्ड कंपनियां उपभोक्ताओं को यह सुविधा देती हैं कि वे किसी भी बड़े खर्च को एकमुश्त चुकाने की बजाय मासिक किश्तों यानी EMI में बदल सकते हैं। इस सुविधा के अंतर्गत आप किसी भी उत्पाद जैसे मोबाइल, फ्रिज, टीवी, लैपटॉप आदि को खरीदते समय उसके भुगतान को आसान किश्तों में बांट सकते हैं।

हालांकि, यह सुविधा पहली नजर में बहुत आकर्षक लगती है, लेकिन इसके पीछे छिपे खर्च और शर्तों को जानना बेहद जरूरी है।

EMI के फायदे

1. बड़े खर्च को छोटे हिस्सों में बांटना

EMI का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह किसी बड़े बिल को छोटे मासिक भुगतान में बांट देता है। इससे तुरंत भारी रकम खर्च करने की जरूरत नहीं होती, और आप अपनी मासिक आय के अनुसार खर्च को मैनेज कर सकते हैं।

2. ब्याज दरें कम हो सकती हैं

कुछ कंपनियां नो-कॉस्ट EMI का ऑफर देती हैं, जिसमें किसी भी तरह का अतिरिक्त ब्याज नहीं देना होता। वहीं अन्य योजनाओं में भी EMI पर लगने वाली ब्याज दरें अक्सर मिनिमम पेमेंट के बाद बची राशि पर लगने वाले भारी शुल्क से कम होती हैं।

3. क्रेडिट स्कोर पर सकारात्मक असर

अगर आप समय पर अपनी EMI का भुगतान करते हैं, तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को सुधारता है। अच्छा क्रेडिट स्कोर भविष्य में लोन या अन्य क्रेडिट फैसिलिटी लेने में मदद करता है।

4. बजट की योजना बनाना आसान

फिक्स्ड EMI अमाउंट के कारण मासिक बजट बनाना आसान हो जाता है। आपको यह पता होता है कि हर महीने कितनी रकम ईएमआई के रूप में जाएगी।

EMI के नुकसान

1. कर्ज़ का जाल

EMI की सुविधा इतनी आसान होती है कि लोग अक्सर इसका गलत इस्तेमाल कर लेते हैं। वे बार-बार अलग-अलग चीजें EMI पर खरीदते हैं और धीरे-धीरे ईएमआई का बोझ इतना बढ़ जाता है कि सैलरी का एक बड़ा हिस्सा वहीं चला जाता है।

2. लंबी अवधि में ज्यादा भुगतान

भले ही EMI पर तुरंत रकम का दबाव न हो, लेकिन अगर इसमें ब्याज जुड़ा है, तो आप किसी प्रोडक्ट की कीमत से कहीं ज्यादा पैसा चुका रहे होते हैं। कई बार लोग केवल एक महीने की EMI देखकर खरीदारी कर लेते हैं और कुल भुगतान की गणना नहीं करते।

3. डिफॉल्ट का खतरा

अगर किसी महीने आप EMI नहीं भर पाते, तो भारी जुर्माना और ब्याज देना पड़ सकता है। इससे न केवल आपकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब होती है बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ता है।

4. आर्थिक आज़ादी पर असर

अगर आपकी सैलरी का बड़ा हिस्सा EMI में चला जाता है तो आप दूसरे जरूरी खर्चों को लेकर दबाव महसूस कर सकते हैं। यह आपकी आर्थिक आज़ादी को सीमित करता है।

कंपनियों को कहां होता है फायदा?

कई लोग सोचते हैं कि जब ग्राहकों को नो-कॉस्ट EMI जैसी सुविधाएं मिलती हैं तो कंपनियों को क्या फायदा होता है। असल में, कंपनियां इस प्रक्रिया में ग्राहकों से ब्याज तो नहीं लेतीं, लेकिन वे उस ब्याज को विक्रेता या बैंक से वसूल लेती हैं। इसके अलावा, ग्राहक बार-बार EMI की आदत में फंसकर अधिक खर्च करता है, जिससे कंपनियों को ज्यादा मुनाफा होता है।

EMI में खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान

  1. समझें कुल लागत
    EMI में प्रोडक्ट खरीदते समय यह जरूर देखें कि आपको कुल कितना भुगतान करना पड़ेगा। क्या यह उस प्रोडक्ट की कीमत से ज्यादा है?

  2. नो-कॉस्ट EMI का झांसा
    कई बार नो-कॉस्ट EMI के नाम पर प्रोडक्ट की MRP बढ़ा दी जाती है। इसलिए प्रोडक्ट की असल कीमत और EMI वाली कीमत की तुलना जरूर करें।

  3. इनकम और EMI का संतुलन
    यह देखें कि आपकी कुल सैलरी में से EMI का हिस्सा कितना है। कोशिश करें कि यह 30% से ज्यादा न हो।

  4. क्रेडिट कार्ड की लिमिट का ध्यान रखें
    अगर आप लगातार EMI लेते रहेंगे तो आपकी क्रेडिट लिमिट जल्दी भर जाएगी, जिससे कार्ड इस्तेमाल करना मुश्किल हो सकता है।

क्या करें?

  • EMI का इस्तेमाल केवल जरूरत की चीजों के लिए करें।

  • हमेशा पहले से बजट बनाकर ही खरीदारी करें।

  • टाइम से EMI का भुगतान करें ताकि क्रेडिट स्कोर प्रभावित न हो।

  • एक से ज्यादा EMI ना लें, जब तक पुरानी पूरी न हो जाए।

निष्कर्ष

क्रेडिट कार्ड की EMI सुविधा एक शानदार टूल है, लेकिन इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। यह आपको आर्थिक रूप से सक्षम भी बना सकती है और कर्ज़ के दलदल में भी धकेल सकती है। अगर आप EMI को समझदारी से हैंडल करते हैं, तो यह आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। लेकिन लापरवाही से किया गया एक छोटा सा फैसला आपके वित्तीय भविष्य पर भारी पड़ सकता है।

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