खाने के बाद करें ये आसान योगासन, पाचन से लेकर शरीर को रिलैक्स करने तक मिल सकते हैं कई फायदे
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खराब खान-पान, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि की वजह से पाचन से जुड़ी परेशानियां आम हो गई हैं। ऐसे में योग को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इन्हीं आसान योगासनों में से एक है वज्रासन, जिसे शुरुआती लोग भी आसानी से कर सकते हैं।
वज्रासन को संस्कृत के ‘वज्र’ शब्द से जोड़ा जाता है, जिसका अर्थ हीरा या वज्र यानी मजबूत माना जाता है। इस मुद्रा में घुटनों के बल बैठकर शरीर को सीधा रखा जाता है। योग के इस आसन से शरीर को स्थिर रखने और कुछ लोगों में तनाव व पाचन संबंधी परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके सभी बताए जाने वाले स्वास्थ्य लाभों को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।
खाने के बाद वज्रासन क्यों किया जाता है?
वज्रासन को उन योग मुद्राओं में गिना जाता है जिन्हें भोजन के बाद भी आराम से किया जा सकता है। हल्की गतिविधि और योग कुछ लोगों में पाचन संबंधी असहजता, गैस या पेट फूलने जैसी समस्याओं में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसे किसी पाचन रोग का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
अगर आपका लक्ष्य वजन या जांघों की चर्बी कम करना है, तो केवल वज्रासन पर निर्भर रहना सही नहीं होगा। वजन कम करने के लिए संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि ज्यादा महत्वपूर्ण है।
वज्रासन करने का सही तरीका
सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं और दोनों पैरों को पीछे की तरफ रखें। अब धीरे-धीरे एड़ियों पर बैठें और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
दोनों हाथों को जांघों पर रखें और सामान्य तरीके से सांस लेते रहें। शुरुआत में थोड़े समय के लिए इस मुद्रा में बैठें और आराम महसूस होने पर धीरे-धीरे समय बढ़ा सकते हैं। किसी भी तरह का दर्द होने पर आसन को जबरदस्ती न करें।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
अगर घुटनों में दर्द या चोट है, हाल ही में घुटने की सर्जरी हुई है या रीढ़ की गंभीर समस्या है, तो वज्रासन करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लें। हर्निया जैसी कुछ स्थितियों में भी सावधानी जरूरी है। गर्भावस्था के दौरान भी इसे विशेषज्ञ की सलाह से ही करना बेहतर है।
याद रखें—योग शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है, लेकिन किसी बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।

