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Cooler Care Tips: कूलर की घास जल्दी खराब होने से ऐसे बचाएं, कूलिंग भी रहेगी जबरदस्त
 

Cooler Care Tips: कूलर की घास जल्दी खराब होने से ऐसे बचाएं, कूलिंग भी रहेगी जबरदस्त

गर्मियों में घर को ठंडा रखने के लिए कूलर काफी उपयोगी साबित होता है. लेकिन लंबे समय तक अच्छी कूलिंग के लिए सिर्फ कूलर चलाना पर्याप्त नहीं है. इसकी नियमित सफाई और रखरखाव भी जरूरी है. कूलर के अंदर जमा धूल, गंदगी, काई और पानी में मौजूद मिनरल्स कूलिंग पैड यानी कूलर की घास पर जम सकते हैं.

जब पैड के छेद गंदगी से भरने लगते हैं तो पानी का प्रवाह प्रभावित हो सकता है और कूलर की हवा पहले जैसी ठंडी नहीं रहती. कुछ आसान सावधानियां अपनाकर कूलिंग पैड के साथ-साथ कूलर के दूसरे हिस्सों की लाइफ भी बढ़ाई जा सकती है.

Cooling Pad की सफाई है सबसे जरूरी
कूलिंग पैड पर धूल और पानी से जमा होने वाली परत को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से उसकी क्षमता कम हो सकती है. इसलिए समय-समय पर पैड निकालकर साफ पानी से धोना उपयोगी रहता है.
अगर आपके इलाके में हार्ड वाटर की समस्या है तो पैड पर मिनरल्स जल्दी जमा हो सकते हैं. ऐसे स्थानों पर सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए. करीब 2 से 3 सप्ताह के अंतराल पर पैड की स्थिति जांचना मददगार हो सकता है.
अगर पैड काफी पुराना हो गया है, उसमें काई ज्यादा जम गई है या उसकी सतह खराब होने लगी है, तो उसे बदलना बेहतर विकल्प हो सकता है. हनीकॉम्ब पैड भी नियमित सफाई के बाद लंबे समय तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
Motor और Fan की भी करें जांच
कूलर की कूलिंग केवल पैड पर निर्भर नहीं करती. मोटर और पंखा भी इसके महत्वपूर्ण हिस्से हैं. कूलर से असामान्य आवाज आने, पंखे की गति कम होने या किसी हिस्से में कंपन महसूस होने पर जांच करानी चाहिए.
जहां निर्माता की गाइडलाइन के मुताबिक जरूरत हो, वहां मोटर के संबंधित हिस्सों में लुब्रिकेशन कराया जा सकता है. साथ ही स्क्रू, बेल्ट और दूसरे पार्ट्स को भी समय-समय पर चेक करें. घिसी हुई बेल्ट या ढीले पार्ट्स को समय रहते ठीक कराने से कूलर के संचालन में मदद मिल सकती है.

Water Pump की सफाई न भूलें
कूलर की पानी की पंप टैंक से पानी को कूलिंग पैड तक पहुंचाती है. अगर पंप या पाइप में गंदगी जमा हो जाए तो पैड तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाएगा. इसका असर कूलिंग पर दिखाई दे सकता है.
अगर पंप से असामान्य आवाज आ रही है या पैड पर पानी समान रूप से नहीं पहुंच रहा है तो पंप और पानी की लाइन की जांच करें. महीने में कम से कम एक बार इन हिस्सों की स्थिति देखना उपयोगी हो सकता है.
धूल से बचाने के लिए अपनाएं ये तरीका
धूल वाले इलाकों में कूलर के अंदर गंदगी अपेक्षाकृत जल्दी जमा हो सकती है. एयर फिल्टर और दूसरे हिस्सों पर धूल जमने से हवा के प्रवाह पर असर पड़ सकता है.
कूलर के बाहरी हिस्से को कुछ दिनों के अंतराल पर मुलायम गीले कपड़े से साफ किया जा सकता है. एयर फिल्टर को भी जरूरत के अनुसार साफ करें. इस्तेमाल न होने के दौरान कूलर के लूवर्स बंद रखने से अंदर धूल जाने की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है.

गर्मी खत्म होने पर कूलर ऐसे रखें
सीजन खत्म होने के बाद कूलर को पानी भरे हुए टैंक के साथ स्टोर करना सही नहीं है. टैंक और पैड में नमी बनी रहने से फफूंदी, दुर्गंध और जंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
कूलर को स्टोर करने से पहले टैंक पूरी तरह खाली करें और कूलिंग पैड समेत अंदर के हिस्सों को अच्छी तरह सूखने दें. कूलर को ढकने के लिए ऐसा कवर इस्तेमाल करना बेहतर है जिसमें हवा का कुछ आवागमन बना रहे, ताकि अंदर नमी फंसने की संभावना कम हो.
Cooler की कूलिंग लंबे समय तक बनाए रखने के आसान तरीके
अगर आप कूलर की घास और बाकी पार्ट्स को लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रखना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें:

•    कूलिंग पैड की नियमित सफाई करें.
•    पानी की पंप और पाइप में गंदगी जमा न होने दें.
•    मोटर और पंखे से आने वाली असामान्य आवाज को नजरअंदाज न करें.
•    एयर फिल्टर को समय-समय पर साफ करें.
•    हार्ड वाटर वाले इलाकों में मिनरल जमा होने की समस्या पर नजर रखें.
•    गर्मी खत्म होने पर कूलर को खाली और पूरी तरह सुखाकर स्टोर करें.
•    बहुत पुराने या खराब कूलिंग पैड को जरूरत पड़ने पर बदल दें.
इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से कूलर की सफाई बेहतर रखी जा सकती है और उसकी कूलिंग क्षमता को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
 

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