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 Collar Cleaning: गर्दन के पास ही क्यों जम जाती है इतनी गंदगी? समझिए पूरी वजह 
 

 Collar Cleaning: गर्दन के पास ही क्यों जम जाती है इतनी गंदगी? समझिए पूरी वजह

शर्ट को धोने के बाद पूरा कपड़ा भले ही चमकदार और साफ नजर आए, लेकिन कॉलर पर जमे पीले या गहरे निशान कई बार पूरी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। खासकर सफेद और हल्के रंग की शर्ट में ये दाग आसानी से दिखाई देते हैं। सामान्य धुलाई के बाद भी अगर कॉलर साफ नहीं हो रहा है, तो इसकी वजह केवल पसीना नहीं है।

दरअसल, गर्दन के संपर्क में रहने वाले कॉलर पर पसीने के साथ त्वचा का तेल, धूल-मिट्टी और डियोड्रेंट या परफ्यूम जैसे उत्पाद भी जमा होते रहते हैं। समय के साथ इन पदार्थों की परत कपड़े के रेशों में बैठ जाती है और दाग गहरे नजर आने लगते हैं


Collar Stains: गर्दन के पास ही क्यों जमती है गंदगी?
कॉलर दिनभर गर्दन की त्वचा से चिपका रहता है। शरीर से निकलने वाला पसीना और त्वचा का प्राकृतिक तेल सीधे कॉलर के संपर्क में आता है। इसके अलावा गर्दन और कपड़े के बीच लगातार होने वाला घर्षण भी गंदगी को रेशों में पहुंचाने का काम करता है।
शुरुआत में ये निशान बहुत हल्के होते हैं और आसानी से दिखाई नहीं देते। लेकिन एक ही शर्ट को बार-बार पहनने पर पसीने और तेल की परत धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। यही कारण है कि कुछ समय बाद कॉलर पीला, भूरा या धूसर दिखाई देने लगता है।


Sweat: सिर्फ पसीना नहीं है इसकी वजह
पसीने को अक्सर कॉलर पर पड़ने वाले दाग का मुख्य कारण माना जाता है, लेकिन मामला इससे थोड़ा अलग है। पसीने में पानी के अलावा नमक, प्रोटीन और दूसरे पदार्थ भी मौजूद होते हैं। जब पसीना सूखता है तो पानी वाष्पित हो जाता है, लेकिन बाकी पदार्थ कपड़े के रेशों पर रह सकते हैं।


अगर इस प्रक्रिया के साथ त्वचा का तेल भी मिल जाए तो ये अवशेष कपड़े पर और मजबूती से चिपक सकते हैं। यही वजह है कि कई बार सामान्य वॉशिंग मशीन में धोने के बाद भी कॉलर पूरी तरह साफ नहीं दिखता।


Skin Oil: त्वचा का तेल भी बिगाड़ सकता है कॉलर का रंग
हमारी त्वचा से निकलने वाला प्राकृतिक तेल यानी सीबम त्वचा को सुरक्षित रखने में मदद करता है। लेकिन जब यही तेल कॉलर पर पहुंचता है तो यह धूल और पसीने के अवशेषों को अपने साथ पकड़ सकता है।
बार-बार पहनने और धोने के बावजूद अगर यह जमा परत पूरी तरह नहीं निकलती, तो समय के साथ कॉलर का रंग बदलने लगता है। सफेद शर्ट पर इसका असर सबसे ज्यादा स्पष्ट दिखाई देता है।


Perfume और Deodorant भी बन सकते हैं वजह
कॉलर के निशानों के लिए केवल शरीर से निकलने वाले पदार्थ जिम्मेदार नहीं होते। डियोड्रेंट, परफ्यूम, आफ्टरशेव, सनस्क्रीन, फेस क्रीम और बालों में इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ उत्पाद भी कपड़े के संपर्क में आ सकते हैं।
इन उत्पादों के अवशेष जब पसीने और त्वचा के तेल के साथ मिलते हैं, तो कॉलर पर जमा होने वाली परत और ज्यादा मजबूत हो सकती है। यही कारण है कि पुरानी शर्ट में दाग कई बार बार-बार धोने के बाद भी दिखाई देते रहते हैं।


Yellow Stains: सफेद कॉलर पीला क्यों दिखने लगता है?
कपड़े के रेशों में जमा पसीने, तेल और दूसरे अवशेष लंबे समय तक पड़े रहने पर हवा, गर्मी और समय के प्रभाव से रंग बदल सकते हैं। इसका नतीजा खासतौर पर सफेद कॉलर पर पीले या गहरे निशानों के रूप में दिखाई देता है।
अगर गंदगी रेशों के अंदर तक पहुंच चुकी है, तो केवल सामान्य धुलाई से उसे निकालना मुश्किल हो सकता है। वहीं, दाग हटाने के लिए बहुत गर्म पानी या अत्यधिक कठोर तरीका अपनाने से कपड़े के रेशों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी रहता है।


Washing: सिर्फ मशीन में डालना काफी नहीं
कपड़े को वॉशिंग मशीन में डालने से सतह पर मौजूद गंदगी और पसीने के कुछ अवशेष निकल जाते हैं। लेकिन तेल और दूसरे पदार्थ अगर रेशों में गहराई तक पहुंच गए हों, तो सामान्य वॉश हर बार उन्हें पूरी तरह नहीं निकाल पाता।
इसी वजह से शर्ट धोने के तुरंत बाद साफ नजर आ सकती है, लेकिन कुछ समय बाद कॉलर पर पुराने निशान दोबारा उभरते हुए दिखाई दे सकते हैं। अगर कॉलर की सफाई पर अलग से ध्यान दिया जाए तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


Fabric: कपड़े का मटेरियल भी करता है असर
कपड़े का प्रकार भी पसीने और तेल के जमा होने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। उदाहरण के तौर पर सूती कपड़े नमी को अच्छी तरह सोखते हैं, इसलिए उनमें पसीने और त्वचा के तेल के अवशेष जमा हो सकते हैं।
कॉलर का लगातार गर्दन से संपर्क और घर्षण इस समस्या को और बढ़ा सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सिंथेटिक या दूसरे फैब्रिक पर दाग नहीं पड़ते।


Shirt Care: कॉलर को साफ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
कॉलर पर निशान बहुत पुराने हो जाने के बाद उन्हें हटाने की कोशिश करने के बजाय शुरुआत से ही सावधानी रखना बेहतर है। शर्ट उतारने के बाद अगर कॉलर पर पसीना या गंदगी दिखाई दे तो उसे लंबे समय तक गंदे कपड़ों के ढेर में न रखें।
जरूरत पड़ने पर धोने से पहले कॉलर की सफाई पर अलग से ध्यान दें। इसके अलावा गर्दन पर परफ्यूम, क्रीम या दूसरे उत्पाद लगाने के बाद उन्हें अच्छी तरह सूखने दें। इससे कपड़े के सीधे संपर्क में आने वाले उत्पादों की मात्रा कम हो सकती है।
कुल मिलाकर, कॉलर पर पड़ने वाले पीले या गहरे निशान किसी एक वजह से नहीं बनते। पसीना, त्वचा का तेल, धूल और रोजाना इस्तेमाल होने वाले उत्पाद मिलकर धीरे-धीरे कपड़े के रेशों पर परत बना सकते हैं। इसलिए समय पर सफाई और सही कपड़ा देखभाल से कॉलर को लंबे समय तक साफ रखा जा सकता है।
 

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