Samachar Nama
×

Cat-Mouse Story: आखिर बिल्ली और चूहे में इतनी दुश्मनी क्यों है? वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
 

Cat-Mouse Story: आखिर बिल्ली और चूहे में इतनी दुश्मनी क्यों है? वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

बिल्ली और चूहे का रिश्ता दुनिया की सबसे मशहूर ‘दुश्मनियों’ में गिना जाता है। बचपन की कहानियों से लेकर कार्टून तक, दोनों को हमेशा एक-दूसरे के पीछे भागते हुए देखा गया है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर बिल्ली चूहे का पीछा क्यों करती है और इन दोनों के बीच यह दुश्मनी इतनी मशहूर कैसे हो गई?
इस सवाल का जवाब सिर्फ विज्ञान में नहीं मिलता। इसके पीछे अलग-अलग देशों की लोककथाएं और पौराणिक कहानियां भी जुड़ी हुई हैं। चीन की एक प्रसिद्ध कथा तो इस दुश्मनी की शुरुआत को एक दिलचस्प दौड़ से जोड़ती है।
चीनी लोककथा में छिपी है दुश्मनी की वजह
चीनी लोककथा के मुताबिक, एक समय सम्राट ने 12 साल के राशि चक्र के लिए 12 जानवरों का चयन करने का फैसला किया। इसके लिए जानवरों के बीच एक दौड़ आयोजित की गई। जो 12 जीव सबसे पहले मंजिल तक पहुंचते, उन्हें राशि चक्र में स्थान मिलना था।
कहानी में बिल्ली और चूहा उस समय एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बताए जाते हैं। दोनों ने दौड़ में शामिल होने की तैयारी की, लेकिन उन्हें सुबह जल्दी उठने की आदत नहीं थी। इसलिए उन्होंने बैल से उन्हें जगाने की मदद मांगी।


नदी पार करते समय हुआ बड़ा खेल
दौड़ के दिन बैल ने दोनों को अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार करानी शुरू कर दी। मंजिल नजदीक आते ही चूहे ने कथित तौर पर चाल चली और बिल्ली को पानी में गिरा दिया। इसके बाद वह बैल की पीठ से कूदकर सबसे पहले मंजिल तक पहुंच गया।
चूहा पहले स्थान पर रहा, जबकि बैल दूसरे नंबर पर पहुंचा। इस तरह चीनी राशि चक्र में चूहे को पहला स्थान मिला। बिल्ली जब तक नदी पार करके पहुंची, तब तक 12 स्थान भर चुके थे।
लोककथा के अनुसार, दोस्त के इस धोखे से बिल्ली बेहद नाराज हुई और तभी से दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हो गई।
चीनी राशि चक्र में कौन-कौन से जानवर हैं?
चीनी राशि चक्र में कुल 12 जानवरों को शामिल किया गया है। इनका क्रम चूहे से शुरू होता है और सूअर पर समाप्त होता है।
चूहा, बैल, बाघ, खरगोश, ड्रैगन, सांप, घोड़ा, बकरी, बंदर, मुर्गा, कुत्ता और सूअर इसके 12 प्रतीक हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में बिल्ली को जगह नहीं मिली।


विज्ञान क्या कहता है?
लोककथा अपनी जगह है, लेकिन विज्ञान के मुताबिक बिल्ली और चूहे के बीच संबंध काफी स्वाभाविक है। बिल्लियां शिकारी स्वभाव वाली होती हैं और छोटे जीवों का पीछा करना उनकी प्राकृतिक प्रवृत्ति का हिस्सा है।
चूहा छोटा आकार और तेज गति वाला जीव है, इसलिए वह बिल्ली जैसे शिकारी के लिए संभावित शिकार बन सकता है। इसी वजह से बिल्ली के चूहे का पीछा करने और उसे पकड़ने की कोशिश करने को प्राकृतिक शिकारी व्यवहार माना जाता है।
दूसरी ओर, चूहों में भी संभावित शिकारी की गंध और मौजूदगी को पहचानकर सतर्क होने की क्षमता होती है। खतरा महसूस होते ही वे छिपने या तेजी से भागने की कोशिश करते हैं।
भारतीय ग्रंथों में भी मिलता है जिक्र
बिल्ली और चूहे के संबंधों का उल्लेख केवल चीनी लोककथाओं तक सीमित नहीं है। भारतीय प्राचीन साहित्य में भी दोनों जीवों से जुड़े प्रसंग मिलते हैं। ऐसे किस्सों में अक्सर उनके बीच के स्वभाव, डर, चालाकी और परिस्थितियों के अनुसार बदलते रिश्तों का वर्णन किया गया है।
इस तरह बिल्ली और चूहे की कहानी में एक तरफ लोककथाओं का रोमांच है, तो दूसरी ओर प्रकृति का साधारण नियम भी। बिल्ली के लिए चूहा संभावित शिकार है और चूहे के लिए बिल्ली संभावित खतरा। शायद यही प्राकृतिक संबंध सदियों से चली आ रही इस मशहूर ‘दुश्मनी’ को आज तक जिंदा रखे हुए है।
 

Share this story

Tags