Bridal Vidaai Tips: विदाई के वक्त नहीं आ रहे आंसू? इन आसान तरीकों से आएगा नेचुरल इमोशन
शादी का दिन हर दुल्हन की जिंदगी के सबसे यादगार दिनों में से एक होता है। रस्मों, हंसी-मजाक और खुशियों के बीच जब विदाई का समय आता है तो माहौल अचानक भावुक हो जाता है। परिवार के सदस्यों की आंखें नम हो जाती हैं और दुल्हन भी अपने मायके से जुड़ी यादों को लेकर भावुक हो जाती है।
लेकिन हर दुल्हन की भावनाएं एक जैसी नहीं होतीं। कई बार मन में इमोशन होने के बावजूद आंखों से आंसू नहीं निकलते। खासकर जब सामने कैमरा हो और आसपास मौजूद लोग लगातार दुल्हन के एक्सप्रेशन पर नजर रख रहे हों। ऐसे में अगर आप भी विदाई के समय रो नहीं पा रही हैं, तो इसे लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है।
पुरानी यादों को करें याद
विदाई के समय अगर आंखों में आंसू नहीं आ रहे हैं तो बचपन की यादों को याद करना एक आसान तरीका हो सकता है। माता-पिता के साथ बिताए पल, भाई-बहन के साथ की गई मस्ती या घर में बिताए किसी खास दिन के बारे में सोचें।
शादी से पहले की पुरानी तस्वीरें या परिवार के साथ बिताए यादगार लम्हे भी देख सकती हैं। इन यादों से भावनाएं स्वाभाविक रूप से सामने आ सकती हैं और कैमरे में भी एक्सप्रेशन बनावटी नहीं बल्कि नेचुरल दिखाई देंगे।
उबासी से आ सकती है आंखों में नमी
कुछ लोगों की आंखों में उबासी लेते समय स्वाभाविक रूप से पानी आ जाता है। इसलिए अगर विदाई से पहले आंखों में नमी नहीं आ रही है तो एक-दो बार सामान्य तरीके से उबासी लेने से मदद मिल सकती है।
हालांकि इस दौरान सावधानी रखें कि कैमरे के सामने उबासी वाला एक्सप्रेशन कैद न हो जाए। इसका उद्देश्य सिर्फ आंखों में स्वाभाविक नमी लाना है, न कि जबरदस्ती रोने जैसा दिखना।
कुछ सेकंड कम झपकाएं पलकें
आंखों में हल्की नमी बनाए रखने के लिए कुछ सेकंड तक पलकें कम झपकाने की कोशिश भी की जा सकती है। इसके बाद कैमरे की ओर देखकर सामान्य और भावुक एक्सप्रेशन दिया जा सकता है।
लेकिन इस तरीके को ज्यादा देर तक करने की जरूरत नहीं है। अगर आंखों में जलन, दर्द या ज्यादा सूखापन महसूस हो तो तुरंत सामान्य तरीके से पलकें झपकाएं।
प्याज या दूसरी चीजों से आंसू लाने की कोशिश न करें
विदाई में आंसू लाने के लिए प्याज, मिर्च, परफ्यूम या किसी अन्य चीज का इस्तेमाल करना बिल्कुल सही तरीका नहीं है। इससे आंखों में जलन और लालिमा हो सकती है। इसके अलावा मेकअप खराब होने का खतरा भी रहता है।
खासकर शादी के दिन आंखों के आसपास किसी ऐसी चीज का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए जो जलन पैदा कर सकती है। आखिर कुछ आंसुओं के लिए पूरा मेकअप खराब करना समझदारी नहीं है।
रोना न आए तो भी बिल्कुल परेशान न हों
सबसे जरूरी बात यह है कि विदाई के समय रोना कोई जरूरी नियम नहीं है। हर व्यक्ति अपनी भावनाओं को अलग तरीके से जाहिर करता है। कोई खूब रोता है तो कोई भावुक होने के बावजूद मुस्कुराता रहता है।
इसलिए अगर आपकी आंखों से आंसू नहीं निकल रहे हैं, तो खुद पर रोने का दबाव न बनाएं। परिवार के साथ उस खास पल को महसूस करें, कैमरे के सामने सहज रहें और अपनी भावनाओं को स्वाभाविक तरीके से व्यक्त करें। विदाई की खूबसूरती सिर्फ आंसुओं में नहीं, बल्कि उस पल से जुड़ी यादों और भावनाओं में होती है।

