Besan Storage Tips: बेसन में आने लगी है बदबू तो ऐसे पहचानें खराब हुआ है या नहीं
भारतीय घरों में बेसन का इस्तेमाल चिल्ला, कढ़ी, पकौड़े और लड्डू समेत कई तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है. अक्सर बेसन का पैकेट लंबे समय तक किचन में रखा रहता है. लेकिन कुछ समय बाद इसे खोलने पर अजीब गंध आने लगती है या इससे बने खाने का स्वाद बदल जाता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि बेसन इस्तेमाल करने लायक है या नहीं.
चने से तैयार होने वाले बेसन में प्राकृतिक तेल मौजूद होता है. लंबे समय तक हवा, गर्मी और नमी के संपर्क में रहने पर इसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. इसलिए इस्तेमाल से पहले बेसन की खुशबू, रंग, बनावट और उसमें नमी या कीड़े के संकेत जरूर देखें.
Smell Test: बदली हुई खुशबू को नजरअंदाज न करें
ताजा बेसन में चने जैसी हल्की प्राकृतिक खुशबू होती है. अगर इसमें खट्टी, सीलन भरी, बासी या असामान्य गंध आने लगे, तो यह खराब होने का संकेत हो सकता है.
सिर्फ पकाने के बाद बदबू कम होने की उम्मीद में ऐसे बेसन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर गंध बहुत तेज और असामान्य है, तो उसे इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है.
रंग में बदलाव भी देता है संकेत
अच्छे बेसन का रंग आमतौर पर हल्का पीला या बटर जैसा होता है. अगर लंबे समय तक रखे रहने के बाद इसका रंग धूसर, बहुत फीका या असामान्य नजर आने लगे, तो इसकी गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए.
हालांकि, केवल रंग देखकर ही बेसन के खराब होने का फैसला नहीं करना चाहिए. खुशबू और बनावट की भी जांच करें.
Texture Check: हाथ से रगड़कर देखें
थोड़ा सा बेसन लेकर अंगूठे और उंगली के बीच रगड़ें. सामान्य बेसन मुलायम महसूस होता है और उसमें हल्का दानेदारपन हो सकता है.
अगर इसकी बनावट बहुत अलग महसूस हो या यह असामान्य रूप से चिकना लगे, तो आगे इसकी खुशबू और रंग भी जांचें. किसी एक टेस्ट के आधार पर बेसन को खराब मानना जरूरी नहीं है.
पानी से जांचने का आसान तरीका
एक चम्मच बेसन में थोड़ी मात्रा में पानी मिलाकर देखें. बेसन की सामान्य खुशबू और बनावट बनी रहनी चाहिए. अगर पानी मिलाने के बाद भी तेज खट्टी या बासी गंध महसूस हो, तो बेसन इस्तेमाल करने से पहले दोबारा जांच लें.
खासकर कढ़ी, लड्डू या पकौड़े जैसे व्यंजनों में बेसन का स्वाद और खुशबू आसानी से महसूस होती है. इसलिए खराब गुणवत्ता वाला बेसन पूरे खाने का स्वाद बिगाड़ सकता है.
गांठ, जाला या कीड़े दिखें तो फेंक दें
बेसन में नमी पहुंचने पर गांठें बन सकती हैं. हल्की गांठें हमेशा खराब होने का संकेत नहीं होतीं, लेकिन अगर बेसन में बहुत सख्त गांठें, सीलन, सफेद परत, महीन जाला या छोटे कीड़े दिखाई दें, तो इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
नमी के कारण बेसन में फफूंद लगने का खतरा भी बढ़ सकता है. ऐसे मामलों में केवल ऊपर की परत हटाकर बाकी बेसन इस्तेमाल करना सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता.
Besan Storage Tips: ऐसे लंबे समय तक रखें सुरक्षित
बेसन का पैकेट खोलने के बाद उसे अच्छी तरह बंद होने वाले एयरटाइट कंटेनर में रखें. कांच या स्टील का साफ और सूखा डिब्बा इस्तेमाल किया जा सकता है.
इसे गैस, चूल्हे या सिंक के पास रखने से बचें, क्योंकि वहां गर्मी और नमी ज्यादा हो सकती है. बेसन निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें.
बेसन को ठंडी और सूखी जगह पर रखने से उसमें नमी जाने का खतरा कम होता है और उसकी गुणवत्ता लंबे समय तक बेहतर बनी रह सकती है.

