HTET Rule Haryana: हरियाणा के 12 हजार शिक्षकों पर बढ़ी चिंता, जानें किसे देनी होगी HTET और किसे मिलेगी राहत
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत उन शिक्षकों के लिए नई चुनौती सामने आई है, जिन्होंने अभी तक हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी HTET पास नहीं की है. हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने 14 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन को लेकर नोटिस जारी किया है. विभाग ने शिक्षकों की HTET पात्रता से जुड़े मामलों में आगे की कार्रवाई के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं.
इस मामले में शिक्षकों के लिए सबसे अहम तारीख 1 सितंबर 2025 रखी गई है. इसी तारीख को आधार मानकर यह तय किया जाएगा कि किन शिक्षकों को HTET पास करना जरूरी होगा और किन्हें पात्रता से छूट मिलेगी.
5 साल से ज्यादा सेवा बाकी तो HTET जरूरी
विभागीय निर्देशों के अनुसार, जिन शिक्षकों की 1 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्ति में पांच साल से अधिक समय बाकी था और उन्होंने अभी तक संबंधित विषय का HTET पास नहीं किया है, उन्हें पात्रता हासिल करनी होगी.
ऐसे शिक्षकों के लिए HTET पास करना सेवा में बने रहने से जुड़ा महत्वपूर्ण मानदंड होगा. निर्धारित शर्तों के मुताबिक पात्रता हासिल नहीं करने की स्थिति में सेवा समाप्ति या अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसी कार्रवाई का प्रावधान लागू हो सकता है.
5 साल या उससे कम समय बाकी वालों को छूट
वहीं, जिन शिक्षकों की 1 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्ति में पांच साल या उससे कम समय बचा था, उन्हें HTET पास करने से छूट दी गई है.
ऐसे शिक्षक अपनी निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा में बने रह सकते हैं. हालांकि, यदि वे आगे पदोन्नति चाहते हैं तो उन्हें संबंधित विषय का HTET पास करना होगा. बिना HTET के उन्हें प्रमोशन नहीं दिया जाएगा.
इस तरह शिक्षकों के लिए सेवानिवृत्ति की तारीख और HTET योग्यता के बीच सीधा संबंध बनाया गया है.
साल में दो बार आयोजित होगी HTET
शिक्षकों को पात्रता हासिल करने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकें, इसके लिए विभाग ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी को HTET साल में दो बार आयोजित करने के निर्देश दिए हैं.
इस व्यवस्था का उद्देश्य उन शिक्षकों को परीक्षा देने के ज्यादा अवसर उपलब्ध कराना है, जिन्हें सेवा संबंधी शर्त पूरी करने के लिए HTET क्वालिफाई करना जरूरी है.
जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में संबंधित शिक्षकों तक इस निर्णय की जानकारी पहुंचाएं.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से जुड़ा है मामला
हरियाणा शिक्षा विभाग का यह कदम सुप्रीम कोर्ट के Civil Appeal No. 1385/2025, Anjuman Ishaat-E-Taleem Trust बनाम State of Maharashtra & Others मामले में 1 सितंबर 2025 को दिए फैसले से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड में यह फैसला 2025 INSC 1063 के रूप में दर्ज है.
इस मामले में बाद में समीक्षा याचिकाओं से जुड़े आदेश भी सामने आए. हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने 14 सितंबर 2026 के नोटिस में 29 मई 2026 के रिव्यू आदेश को भी संदर्भ के तौर पर शामिल किया है.
शिक्षकों के लिए क्या बदलेगा?
नए निर्देशों के बाद HTET नहीं पास करने वाले शिक्षकों की स्थिति मुख्य रूप से उनकी 1 सितंबर 2025 की सेवानिवृत्ति स्थिति पर निर्भर करेगी.
अगर 1 सितंबर 2025 को रिटायरमेंट में 5 साल से ज्यादा समय बाकी था:
संबंधित शिक्षक को HTET पास करना होगा. पात्रता पूरी नहीं करने पर विभागीय निर्देशों के अनुसार सेवा समाप्ति या अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई हो सकती है.
अगर रिटायरमेंट में 5 साल या उससे कम समय बचा था:
ऐसे शिक्षक निर्धारित सेवानिवृत्ति तक सेवा में रह सकते हैं, लेकिन प्रमोशन के लिए संबंधित विषय का HTET पास करना जरूरी होगा.
शिक्षक संगठन फिर उठा सकते हैं कानूनी मुद्दा
HTET की अनिवार्यता को लेकर प्रभावित शिक्षकों के बीच चिंता बनी हुई है. शिक्षक संगठनों की ओर से इस मामले को लेकर आगे कानूनी विकल्पों पर विचार किए जाने की बात सामने आई है.
ऐसे में आने वाले समय में HTET की अनिवार्यता, सेवा की शर्तों और पदोन्नति से जुड़े मुद्दों पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है. फिलहाल हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में अपनी ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं.
शिक्षकों के लिए जरूरी बात
HTET से जुड़े शिक्षक अपने मामले में 1 सितंबर 2025 की सेवानिवृत्ति स्थिति, संबंधित विषय की HTET योग्यता और विभागीय निर्देश को ध्यान से देखें. किसी शिक्षक पर सेवा समाप्ति या अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई वास्तव में कैसे लागू होगी, यह संबंधित सेवा रिकॉर्ड और विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.

