Agniveer Jobs: पूर्व अग्निवीरों के लिए MP में 20% और महाराष्ट्र में 10% आरक्षण, कई सरकारी नौकरियों में मिलेगा मौका
अग्निपथ योजना के तहत सेना में शामिल हुए पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने का समय नजदीक आ रहा है। सेवा अवधि पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए अलग-अलग राज्य सरकारें सरकारी नौकरियों में अवसर देने के फैसले कर रही हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने भी पूर्व अग्निवीरों को लेकर अहम घोषणाएं की हैं।
मध्य प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों के लिए कई वर्दी वाली सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी गई है। वहीं महाराष्ट्र में ग्रुप-सी की वर्दी वाली सरकारी और अर्ध-सरकारी सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया गया है।
MP में इन पदों पर 20% आरक्षण
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वनरक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी है।
गृह विभाग के तहत जनरल ड्यूटी आरक्षक और विशेष सशस्त्र बल की भर्ती में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इन पदों पर होमगार्ड के लिए 10 प्रतिशत और पूर्व सैनिकों के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था भी जारी रहेगी।
जेल प्रहरी और वनरक्षक के पदों पर अग्निवीरों को 20 प्रतिशत, होमगार्ड को 15 प्रतिशत और पूर्व सैनिकों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। आबकारी आरक्षक की भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
महाराष्ट्र में लिखित परीक्षा से छूट का प्रावधान
महाराष्ट्र कैबिनेट ने राज्य के मूल निवासी पूर्व अग्निवीरों के लिए ग्रुप-सी की वर्दी वाली सरकारी और अर्ध-सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार पात्र पूर्व अग्निवीरों को दोबारा लिखित परीक्षा से छूट देने का प्रावधान किया गया है।
अग्निवीरों को चार साल की सैन्य सेवा के दौरान मिली ट्रेनिंग को भी मान्यता दी जाएगी। इसके चलते उन्हें सामान्य शुरुआती प्रशिक्षण से छूट मिल सकती है। हालांकि किसी पद के लिए आवश्यक विशेष प्रशिक्षण की शर्त लागू रह सकती है।
इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में चार साल की छूट देने का भी प्रावधान किया गया है।
पुलिस से फायर सर्विस तक अवसर
महाराष्ट्र में पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस कांस्टेबल, ड्राइवर कांस्टेबल, जेल कांस्टेबल, फायरमैन, रेस्क्यूअर और होमगार्ड जैसे पदों पर अवसर का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्टेट इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट में कांस्टेबल, सेलर तथा राज्य आबकारी विभाग में जवान और जवान-कम-ड्राइवर के पद भी शामिल हैं।
वनरक्षक के पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों को अवसर दिया जाएगा। भारतीय नौसेना से सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को राज्य की तटीय सुरक्षा शाखा में शामिल करने को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। जरूरत पड़ने पर उनके लिए अतिरिक्त पद सृजित करने का विकल्प भी रखा गया है।
क्या है अग्निपथ योजना?
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल निर्धारित है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, सेवा पूरी करने वाले बैच में से 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में आगे बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि बाकी अग्निवीर सेवा पूरी करने के बाद बाहर आते हैं। पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि पूरी होने के साथ राज्यों में उनके लिए रोजगार के नए विकल्पों को लेकर फैसले किए जा रहे हैं।

