दिल्ली में 4 महीने Work From Home: 50% कर्मचारियों को राहत, जानें क्या हैं नए नियम
दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार ने विंटर पॉल्यूशन प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत दिल्ली के सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करने की व्यवस्था लागू की जाएगी।यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। यानी करीब चार महीने तक दफ्तरों में आधे कर्मचारी ऑफिस से काम करेंगे, जबकि बाकी 50 फीसदी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर सकेंगे।
किन कर्मचारियों को मिलेगा Work From Home?
सरकार की योजना के तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में ऑफिस आने वाले कर्मचारियों की संख्या को आधा करने का प्रावधान है। कंपनियों और संस्थानों को अपने कर्मचारियों के लिए ऐसी व्यवस्था करनी होगी कि एक समय में करीब 50 फीसदी स्टाफ ऑफिस में रहे और बाकी कर्मचारी घर से काम करें।हालांकि, जरूरी और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े काम इस तरह की सामान्य व्यवस्था से अलग हो सकते हैं। इसलिए कर्मचारियों को अपने विभाग या कंपनी की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को फॉलो करना होगा।
दिल्ली में बदल जाएगा दफ्तरों का टाइमिंग
वर्क फ्रॉम होम के साथ दिल्ली में सरकारी दफ्तरों के काम करने के समय में भी बदलाव किया गया है।
दिल्ली नगर निगम यानी MCD के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेंगे। वहीं दिल्ली सरकार यानी GNCTD के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे। अलग-अलग समय रखने का मकसद ऑफिस आने-जाने के समय ट्रैफिक और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
पार्किंग चार्ज भी होंगे दोगुने
दिल्ली के विंटर पॉल्यूशन प्लान में सिर्फ वर्क फ्रॉम होम ही नहीं, बल्कि निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए पार्किंग चार्ज बढ़ाने का भी फैसला किया गया है।
1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। हालांकि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी DMRC की अपनी पार्किंग इस बढ़ोतरी से बाहर रखी गई है।
निर्माण कार्यों पर भी लगेगी रोक
प्रदूषण बढ़ाने वाली धूल और निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए भी कई प्रतिबंध लगाए जाएंगे। 1 नवंबर से धूल पैदा करने वाली कुछ डिमोलिशन गतिविधियों और आउटडोर सिविल कंस्ट्रक्शन पर रोक रहेगी।
इसके बाद 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक निर्माण और डिमोलिशन गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाएगा।
'नो PUCC, नो फ्यूल' समेत कई कदम
सरकार के विंटर पॉल्यूशन प्लान में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 'नो PUCC, नो फ्यूल' जैसे नियम भी शामिल हैं। इसके अलावा धूल प्रबंधन, कचरे के वैज्ञानिक निपटारे और हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि इन सभी उपायों का उद्देश्य सर्दियों के दौरान प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को कम करना है।
यानी दिल्ली में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए इस बार सर्दियों में ऑफिस जाने का तरीका बदलने वाला है। अगर आप दिल्ली के किसी सरकारी या निजी दफ्तर में काम करते हैं, तो 1 नवंबर से लागू होने वाली अपनी कंपनी या विभाग की WFH और ऑफिस टाइमिंग व्यवस्था जरूर चेक कर लें।

