उठने-बैठने की गलत आदतें बढ़ा रहीं कमर दर्द की समस्या, एक्सपर्ट्स ने बताए बचाव के आसान तरीके
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत ने कमर दर्द की समस्या को बेहद आम बना दिया है। पहले जहां यह परेशानी बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखने को मिलती थी, वहीं अब युवा भी इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि उठने-बैठने का गलत तरीका, खराब पोस्चर और लगातार एक ही स्थिति में बैठे रहना कमर दर्द का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक झुककर मोबाइल चलाना, लैपटॉप पर गलत तरीके से काम करना या कुर्सी पर गलत मुद्रा में बैठना रीढ़ की हड्डी और मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। धीरे-धीरे यह आदत कमर दर्द, गर्दन दर्द और मसल्स स्ट्रेन जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कई लोग बिना ध्यान दिए दिनभर गलत पोस्चर में बैठे रहते हैं। खासकर ऑफिस में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठने वाले लोगों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। यदि बैठते समय पीठ सीधी न हो, कंधे झुके हों या स्क्रीन आंखों के स्तर से नीचे हो, तो रीढ़ पर लगातार दबाव पड़ता है।
गलत तरीके से उठना भी बन सकता है वजह
केवल बैठने का तरीका ही नहीं, बल्कि गलत तरीके से उठना या भारी सामान उठाना भी कमर दर्द का कारण बन सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अचानक झुककर वजन उठाने से रीढ़ और कमर की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है, जिससे चोट या तेज दर्द की समस्या हो सकती है।
एक्सपर्ट्स ने दिए बचाव के आसान टिप्स
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ आसान आदतें अपनाकर कमर दर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है।
- बैठते समय हमेशा पीठ सीधी रखें और कुर्सी का सहारा लें।
- कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन आंखों के स्तर पर रखें।
- हर 30-40 मिनट बाद थोड़ा चलें या स्ट्रेचिंग करें।
- भारी सामान उठाते समय कमर की बजाय घुटनों को मोड़ें।
- सोते समय बहुत नरम गद्दे से बचें।
- नियमित योग और हल्की एक्सरसाइज करें।
फिजिकल एक्टिविटी है जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बैठे रहने की आदत शरीर की मांसपेशियों को कमजोर कर देती है। ऐसे में रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक, योग या स्ट्रेचिंग बेहद जरूरी है। खासकर “भुजंगासन”, “मार्जरी आसन” और “ताड़ासन” जैसे योगासन कमर को मजबूत बनाने में मददगार माने जाते हैं।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि कमर दर्द लगातार बना रहे, पैरों में झनझनाहट हो या उठने-बैठने में ज्यादा परेशानी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कई बार लगातार दर्द स्लिप डिस्क या नसों से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।

