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World Patient Safety Day: अस्पताल जाते वक्त न करें ये 5 गलतियां, जानें जरूरी नियम

World Patient Safety Day: अस्पताल जाते वक्त न करें ये 5 गलतियां, जानें जरूरी नियम

हर साल 17 सितंबर को World Patient Safety Day यानी विश्व मरीज सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य इलाज के दौरान मरीजों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।

अस्पताल में सही इलाज मिलना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी दवाओं, जांच, संक्रमण और मेडिकल रिकॉर्ड से जुड़ी सावधानियां बरतना भी है।

हम सभी को कभी न कभी डॉक्टर या अस्पताल की जरूरत पड़ती है। चाहे सामान्य बुखार और खांसी हो या कोई बड़ा ऑपरेशन, इलाज के दौरान मरीज और उसके परिवार की जागरूकता काफी महत्वपूर्ण होती है।

मरीज को अपने इलाज के बारे में जानकारी हासिल करने और जरूरी सवाल पूछने में हिचकिचाना नहीं चाहिए। आखिर इलाज उसके शरीर और स्वास्थ्य से जुड़ा है।

World Patient Safety Day क्यों मनाया जाता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान होने वाली गलतियों और असुरक्षित प्रक्रियाओं से मरीजों को नुकसान पहुंच सकता है।

गलत दवा, गलत मरीज की रिपोर्ट, संक्रमण या इलाज से जुड़ी दूसरी गलतियां मरीज की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं।

इसीलिए मरीज और उसके परिवार का जागरूक होना बेहद जरूरी है।

1. डॉक्टर से सवाल पूछने में बिल्कुल न झिझकें

कई लोग डॉक्टर से ज्यादा सवाल पूछने में संकोच करते हैं, लेकिन मरीज को अपने इलाज की जानकारी हासिल करनी चाहिए।

जब डॉक्टर कोई दवा लिखें तो पूछें कि:

  • यह दवा किस बीमारी या समस्या के लिए है?
  • इसे दिन में कितनी बार लेना है?
  • दवा खाने के पहले लेनी है या बाद में?
  • इसके कोई सामान्य साइड इफेक्ट हो सकते हैं क्या?
  • अगर दवा से एलर्जी हो तो क्या करना है?

अगर बीमारी गंभीर है या इलाज को लेकर मन में कोई सवाल है, तो किसी दूसरे योग्य डॉक्टर से सेकंड ओपिनियन लेना भी एक विकल्प हो सकता है।

2. दवा लेते समय एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें

दवा खरीदते समय जल्दबाजी न करें। दवा का नाम, उसकी मात्रा और एक्सपायरी डेट जरूर देखें।

अगर आपको पहले किसी दवा या उसके किसी घटक से एलर्जी हुई है, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें।

घर में रखी पुरानी दवाओं को अपनी मर्जी से दोबारा इस्तेमाल करने से बचें। किसी भी दवा को दोबारा लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।

3. अस्पताल में संक्रमण से बचने के लिए सावधान रहें

अस्पतालों में अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित मरीज आते हैं। ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है।

मरीज से मिलने से पहले और बाद में हाथों को साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

मरीज के कमरे और आसपास की चीजों को बिना जरूरत बार-बार छूने से बचें।

अगर किसी प्रक्रिया के दौरान स्वच्छता या संक्रमण नियंत्रण को लेकर कोई सवाल हो, तो अस्पताल के स्टाफ से पूछ सकते हैं।

साथ ही, मरीज से मिलने के लिए अनावश्यक भीड़ लगाने से बचना चाहिए।

4. मेडिकल रिपोर्ट और रिकॉर्ड संभालकर रखें

मरीज की पुरानी रिपोर्ट, दवाओं की पर्ची, टेस्ट रिपोर्ट, एक्स-रे, स्कैन और डिस्चार्ज समरी को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है।

नए अस्पताल या डॉक्टर के पास जाते समय पुरानी मेडिकल हिस्ट्री साथ ले जाएं। इससे डॉक्टर को मरीज की पिछली बीमारी और इलाज के बारे में जानकारी मिल सकती है।

नई रिपोर्ट मिलने के बाद यह भी देख लें कि उस पर मरीज का नाम और दूसरी जरूरी जानकारी सही दर्ज है या नहीं।

5. इलाज के दौरान किसी बदलाव को नजरअंदाज न करें

अगर कोई दवा लेने के बाद शरीर पर लाल चकत्ते, सांस लेने में परेशानी, तेज चक्कर या कोई दूसरी गंभीर प्रतिक्रिया दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज न करें।

तुरंत डॉक्टर या अस्पताल के स्टाफ को इसकी जानकारी दें।

इसी तरह अगर आपको लगे कि कोई दवा, जांच या इलाज से जुड़ी जानकारी स्पष्ट नहीं है, तो सवाल जरूर पूछें।

मरीज की आवाज और उसकी जागरूकता इलाज को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

भारत में मरीजों के कुछ महत्वपूर्ण अधिकार

मरीजों को अपने इलाज के बारे में जानकारी पाने, उपलब्ध इलाज के विकल्पों के बारे में सवाल पूछने और जरूरत पड़ने पर दूसरी चिकित्सकीय राय लेने जैसे अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए।

मरीज अपने मेडिकल रिकॉर्ड और रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी भी मांग सकता है। साथ ही, मरीज की व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की गोपनीयता का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

याद रखें, मरीज की सुरक्षा सिर्फ डॉक्टर की जिम्मेदारी नहीं

मरीज की सुरक्षा में डॉक्टर, नर्स और अस्पताल के स्टाफ के साथ-साथ मरीज और उसके परिवार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

दवा की जानकारी लेना, मेडिकल रिकॉर्ड संभालना, डॉक्टर से जरूरी सवाल पूछना और किसी असामान्य लक्षण की तुरंत जानकारी देना जैसी छोटी-छोटी सावधानियां इलाज को ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद कर सकती हैं।

इसलिए अगली बार जब आप खुद या अपने किसी करीबी को अस्पताल लेकर जाएं, तो डरने के बजाय जागरूक रहें और इलाज से जुड़ी जरूरी जानकारी जरूर हासिल करें।

FAQs

World Patient Safety Day कब मनाया जाता है?
हर साल 17 सितंबर को World Patient Safety Day यानी विश्व मरीज सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।

मरीज की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी क्या है?
दवाओं की सही जानकारी, डॉक्टर से स्पष्ट बातचीत, संक्रमण से बचाव और मेडिकल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना जरूरी है।

क्या मरीज डॉक्टर से सवाल पूछ सकता है?
हां, मरीज को अपनी बीमारी, जांच और इलाज से जुड़ी जानकारी हासिल करने का अधिकार है।

अस्पताल में संक्रमण से कैसे बचें?
हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें, अनावश्यक भीड़ से बचें और अस्पताल के संक्रमण नियंत्रण संबंधी निर्देशों का पालन करें।

सेकंड ओपिनियन क्या होता है?
किसी बीमारी या इलाज को लेकर दूसरे योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ से राय लेना सेकंड ओपिनियन कहलाता है।

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