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लिंफ नोड्स की सूजन कब बनती है कैंसर का संकेत? जानें कितने दिनों बाद तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी

लिंफ नोड्स की सूजन कब बनती है कैंसर का संकेत? जानें कितने दिनों बाद तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी

गर्दन में अचानक छोटी सी गांठ महसूस होना काफी आम बात है। कई बार इसकी वजह सर्दी-जुकाम, गले का इंफेक्शन, दांतों की समस्या या कोई वायरल-बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकती है। ऐसे मामलों में शरीर की इम्यून सिस्टम प्रतिक्रिया के तौर पर लिंफ नोड्स यानी लिम्फ ग्रंथियां सूज सकती हैं और इंफेक्शन ठीक होने के साथ इनकी सूजन भी कम हो जाती है।

लेकिन अगर गर्दन में मौजूद गांठ कई हफ्तों तक बनी रहे, उसका आकार लगातार बढ़ता जाए या उसके साथ कुछ दूसरे लक्षण भी दिखाई देने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो सकता है। कुछ मामलों में लगातार बनी रहने वाली गांठ किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है, हालांकि सिर्फ गांठ होने का मतलब कैंसर होना नहीं है।

कब चिंता की वजह बन सकती है गर्दन की गांठ?

अगर गर्दन में सूजी हुई लिंफ नोड्स हैं, तो कुछ खास संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।

अगर गांठ 2 से 4 हफ्तों के बाद भी बनी रहती है, उसका आकार धीरे-धीरे बढ़ रहा है, गांठ में दर्द नहीं है या वह छूने पर काफी सख्त महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

इसी तरह अगर गांठ आसानी से हिलती नहीं है या शरीर के एक से ज्यादा हिस्सों में लिंफ नोड्स सूज गए हैं, तो भी इसकी मेडिकल जांच करानी चाहिए।

इसके अलावा अगर गांठ के साथ बिना किसी स्पष्ट वजह के वजन कम हो रहा है, लगातार बुखार रहता है, रात में बहुत ज्यादा पसीना आता है, भूख कम हो गई है या लंबे समय से थकान बनी हुई है, तो इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इनमें से कई लक्षण सामान्य संक्रमण और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये लिंफोमा जैसे कैंसर से जुड़े हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर खुद से कोई निष्कर्ष निकालना सही नहीं है।

लिंफ नोड्स आखिर क्या होती हैं?

लिंफ नोड्स शरीर के इम्यून सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। ये शरीर में मौजूद संक्रमण और दूसरी समस्याओं से लड़ने में मदद करती हैं।

सर्दी-जुकाम, गले का संक्रमण, दांतों या मसूड़ों की समस्या, त्वचा का संक्रमण और कई वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के दौरान लिंफ नोड्स में सूजन आ सकती है।

इंफेक्शन के दौरान गांठ में दर्द या छूने पर संवेदनशीलता भी महसूस हो सकती है। आमतौर पर जैसे-जैसे इंफेक्शन ठीक होता है, वैसे-वैसे सूजन भी कम होने लगती है।

कितने समय तक इंतजार करना ठीक है?

गर्दन में गांठ महसूस होने पर तुरंत घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर इंफेक्शन ठीक होने के बाद भी गांठ बनी हुई है या लगातार बढ़ रही है, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी हो सकता है।

खासतौर पर बिना दर्द वाली, सख्त या लगातार बढ़ने वाली गांठ की जांच कराना बेहतर है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई लिंफ नोड्स का सूजना भी डॉक्टर से सलाह लेने की वजह हो सकता है।

ध्यान रखें कि इन संकेतों का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कैंसर ही है। लंबे समय तक लिंफ नोड्स में सूजन इंफेक्शन या दूसरी गैर-कैंसर वाली स्थितियों के कारण भी हो सकती है।

ऑन्कोलॉजिस्ट को कब दिखाना पड़ सकता है?

हर गांठ के लिए सीधे ऑन्कोलॉजिस्ट के पास जाने की जरूरत नहीं होती। आमतौर पर शुरुआत में डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री देखते हैं और गांठ की जांच करते हैं।

अगर गांठ का कारण किसी सामान्य संक्रमण से जुड़ा लगता है, तो डॉक्टर उसी हिसाब से इलाज या निगरानी की सलाह दे सकते हैं। लेकिन अगर गांठ लंबे समय तक बनी रहती है, बढ़ती जाती है या उसकी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आती, तो डॉक्टर आगे की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या दूसरी इमेजिंग जांच कराई जा सकती है। कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर बायोप्सी की सलाह भी दे सकते हैं। बायोप्सी से गांठ के अंदर मौजूद कोशिकाओं की जांच करके उसकी वजह समझने में मदद मिलती है।

खुद से एंटीबायोटिक लेना भी सही नहीं

गर्दन में गांठ महसूस होने पर कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए।

अगर सूजन का कारण बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं है, तो एंटीबायोटिक से फायदा नहीं होगा। उल्टा गलत तरीके से दवा लेने से दूसरी समस्याएं हो सकती हैं और असली वजह की जांच में देरी हो सकती है।

इसलिए गांठ को लेकर दो गलतियां नहीं करनी चाहिए—पहली, बिना वजह घबराना और दूसरी, लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करते रहना।

अगर गर्दन की गांठ कई हफ्तों तक बनी रहती है, बढ़ती जाती है, सख्त या बिना दर्द की है, या उसके साथ बिना वजह वजन कम होना, लगातार बुखार और रात में ज्यादा पसीना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

समय पर जांच कराने से कई बार पता चल जाता है कि गांठ की वजह सामान्य इंफेक्शन है या किसी दूसरी स्थिति के कारण सूजन हुई है। और अगर कोई गंभीर समस्या मौजूद है, तो उसकी पहचान भी जल्दी हो सकती है।

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