यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या खाएं और किससे बचें? जानें एक्सपर्ट डॉक्टर की महत्वपूर्ण सलाह
शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकता है। अगर इसे लंबे समय तक नियंत्रित न किया जाए, तो गाउट, जोड़ों में दर्द और कुछ मामलों में किडनी स्टोन जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए हाई यूरिक एसिड वाले लोगों के लिए दवाओं के साथ-साथ खान-पान पर ध्यान देना भी जरूरी माना जाता है।
डाइट में मौजूद कुछ खाद्य पदार्थों में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। शरीर प्यूरीन को तोड़ता है, जिससे यूरिक एसिड बनता है। ऐसे में हाई यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे लोगों को कुछ चीजों का सेवन सीमित करने या उनसे बचने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टर शुभम वत्स ने भी सोशल मीडिया पर साझा जानकारी में हाई यूरिक एसिड के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
1. रेड मीट और ऑर्गन मीट
मटन, बीफ और पोर्क जैसे रेड मीट के अलावा लिवर और किडनी जैसे ऑर्गन मीट में प्यूरीन की मात्रा अधिक हो सकती है। इनके ज्यादा सेवन से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा रहता है।
हाई यूरिक एसिड या गाउट की समस्या वाले लोगों को ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार सीमित करना चाहिए।
2. कुछ सी-फूड से रहें सावधान
झींगा, केकड़ा, सार्डिन, मैकेरल और एंकोवी जैसी कुछ मछलियों और सी-फूड में प्यूरीन की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है। इसलिए यूरिक एसिड बढ़ा हुआ होने पर इनका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए।
हर व्यक्ति की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए पूरी तरह इन्हें छोड़ने का फैसला डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना बेहतर है।
3. शराब और बीयर का सेवन करें कम
हाई यूरिक एसिड वाले लोगों के लिए शराब और खासतौर पर बीयर का सेवन परेशानी बढ़ा सकता है। अल्कोहल शरीर में यूरिक एसिड के मेटाबॉलिज्म और उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
गाउट या यूरिक एसिड की समस्या में शराब से दूरी बनाना कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
4. मीठे और हाई-फ्रक्टोज ड्रिंक्स से बचें
कोल्ड ड्रिंक्स, मीठे पैकेज्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक्स और अन्य शुगर वाले पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन भी यूरिक एसिड के स्तर को प्रभावित कर सकता है।
खासकर फ्रक्टोज से भरपूर पेय पदार्थ यूरिक एसिड बढ़ने से जुड़े हुए हैं। इसलिए हाई यूरिक एसिड वाले लोगों को ऐसे ड्रिंक्स की जगह पानी और बिना शुगर वाले पेय पदार्थों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
5. कुछ दालें और सब्जियां सीमित मात्रा में लें
दालें और सब्जियां सामान्य तौर पर संतुलित डाइट का हिस्सा होती हैं। हालांकि, कुछ खाद्य पदार्थों में प्यूरीन की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है।
उड़द, चना और राजमा जैसी दालों के साथ पालक, मशरूम, फूलगोभी और कटहल को लेकर भी मात्रा का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि, प्यूरीन वाली हर वनस्पति को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं होता। डाइट में बदलाव व्यक्ति की स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।
6. मैदा और ज्यादा रिफाइंड कार्ब्स से दूरी
केक, बिस्कुट, सफेद ब्रेड और मैदे से बने अन्य प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन भी सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता। इनमें अक्सर रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और अतिरिक्त शुगर की मात्रा अधिक होती है।
हाई यूरिक एसिड वाले लोगों के लिए संतुलित डाइट अपनाना, वजन को नियंत्रित रखना और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को सीमित करना मददगार हो सकता है।
सिर्फ डाइट नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान
यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए केवल कुछ खाद्य पदार्थों को छोड़ना ही पर्याप्त नहीं है। पर्याप्त पानी पीना, स्वस्थ वजन बनाए रखना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं को सही तरीके से लेना भी महत्वपूर्ण है।
अगर बार-बार जोड़ों में तेज दर्द, सूजन या गाउट के लक्षण दिखाई देते हैं, तो खुद से डाइट या दवा में बदलाव करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। यूरिक एसिड या गाउट से जुड़ी समस्या में अपनी डाइट, दवा या इलाज में कोई बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह जरूर लें। हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है, इसलिए किसी एक डाइट प्लान को सभी के लिए उपयुक्त नहीं माना जा सकता।

