अगर रात में बार-बार जागते हैं तो हो जाएं अलर्ट! इन गंभीर बीमारियों का हो सकते है शिकार, देखे लिस्ट
अच्छी सेहत के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत ज़रूरी है, लेकिन अगर आपकी नींद रात में बार-बार टूटती है, तो इसे छोटी-मोटी समस्या समझकर नज़रअंदाज़ न करें। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन में पब्लिश हुई नई रिसर्च के अनुसार, रात में बार-बार नींद टूटने का दिल की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है। अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे कई खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। रिसर्च के अनुसार, हर व्यक्ति को रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद की ज़रूरत होती है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन में पब्लिश स्टडी में बताया गया है कि जिन लोगों की नींद लगातार टूटती है, उन्हें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है। नींद टूटने से शरीर खुद को पूरी तरह से रिपेयर नहीं कर पाता है, जिससे दिल के काम पर असर पड़ता है। रिसर्च में यह भी सामने आया है कि बार-बार नींद टूटने से दिमाग पर भी असर पड़ सकता है।
नींद टूटना दिल के लिए खतरनाक क्यों है?
रात में गहरी नींद के दौरान दिल आराम करता है और ब्लड प्रेशर नॉर्मल लेवल पर रहता है। हालांकि, जब नींद बार-बार टूटती है, तो दिल पर दबाव बढ़ जाता है। इससे सूजन हो सकती है, जिससे बाद में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। जो लोग हर रात 2-3 बार जागने की शिकायत करते हैं, उनमें दिल की बीमारी का खतरा 30 प्रतिशत ज़्यादा होता है।
राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि अगर आप रात में कई बार जागते हैं, तो इसका मतलब है कि सोने के बाद भी आपका दिमाग ज़्यादा एक्टिव रहता है। इसका एक बड़ा कारण यह है कि आप बहुत ज़्यादा सोचते हैं या मानसिक तनाव में हैं। अगर मानसिक तनाव है, तो ज़ाहिर है इसका असर दिल पर भी पड़ेगा, क्योंकि मानसिक तनाव हार्ट अटैक का एक कारण है। इसलिए, अपनी सेहत का ख्याल रखना ज़रूरी है, और अगर आपको रात में बार-बार नींद टूटने की समस्या है, तो आपको डॉक्टर से ज़रूर सलाह लेनी चाहिए। कुछ लोगों को खासकर ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है।
किन्हें ज़्यादा खतरा है?
स्लीप एपनिया से पीड़ित लोग
मानसिक तनाव वाले लोग
जो लोग रात में मोबाइल फोन या टीवी देखते हैं
इस खतरे से कैसे बचें? सोने से पहले मोबाइल फोन और स्क्रीन से बचें।
सोने-जागने का रेगुलर शेड्यूल बनाएं।
रात में चाय या कॉफी पीने से बचें।
मानसिक तनाव से बचें।
तनाव को मैनेज करने के लिए योग करें।

