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एसिडिटी और सीने में जलन से हैं परेशान? भूलकर भी न करें खाने से जुड़ी ये 8 आम गलतियां

एसिडिटी और सीने में जलन से हैं परेशान? भूलकर भी न करें खाने से जुड़ी ये 8 आम गलतियां

क्या आपको बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार या खाना खाने के बाद पेट भारी होने की शिकायत रहती है? अगर हां, तो इसकी वजह सिर्फ गैस नहीं हो सकती। एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स की समस्या कई बार हमारी रोजमर्रा की खान-पान की आदतों से भी जुड़ी होती है।

कई लोग बार-बार होने वाली एसिडिटी को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, अगर समस्या लगातार बनी रहती है, तो इसके कारणों पर ध्यान देना जरूरी है। कुछ आदतों में बदलाव करके कई लोगों को एसिडिटी के लक्षणों से राहत मिल सकती है।

1. जरूरत से ज्यादा खाना
एक बार में बहुत ज्यादा खाना खाने से पेट पर दबाव बढ़ सकता है। इससे पेट की सामग्री के ऊपर की ओर आने और एसिड रिफ्लक्स की संभावना बढ़ सकती है।

इसलिए कोशिश करें कि एक बार में पेट को पूरी तरह भरने के बजाय संतुलित मात्रा में भोजन करें और जरूरत के अनुसार छोटे मील ले सकते हैं।

2. खाना खाते ही लेटना
खाना खाने के तुरंत बाद लेटना एसिड रिफ्लक्स की समस्या को बढ़ा सकता है। खासकर रात में डिनर करने के तुरंत बाद सोने से सीने में जलन और खट्टी डकार की परेशानी हो सकती है।

रात का खाना सोने से करीब 2 से 3 घंटे पहले करने की कोशिश करें।

3. तला-भुना खाना
समोसा, पकौड़े, फ्राइड फूड और बहुत ज्यादा तेल वाला भोजन कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ा सकता है।

अगर आपको अक्सर एसिडिटी होती है, तो ध्यान दें कि तला-भुना खाना खाने के बाद आपकी परेशानी बढ़ती है या नहीं। ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना मददगार हो सकता है।

4. खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी
चाय और कॉफी हर व्यक्ति में एसिडिटी की समस्या पैदा नहीं करतीं। लेकिन कुछ लोगों में कैफीन सीने में जलन और रिफ्लक्स के लक्षणों को बढ़ा सकता है।

खासकर अगर आपको चाय या कॉफी पीने के बाद बार-बार एसिडिटी होती है, तो इसकी मात्रा कम करने और खाली पेट इसका सेवन न करने पर विचार करें।

5. बहुत ज्यादा मसालेदार खाना
मिर्च और ज्यादा मसाले वाला खाना कुछ लोगों के लिए एसिडिटी का ट्रिगर हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति में इसका असर एक जैसा नहीं होता।

इसलिए मसाले पूरी तरह बंद करने के बजाय अपनी समस्या को समझें और देखें कि किन खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद आपके लक्षण बढ़ते हैं।

6. देर रात भारी डिनर
देर रात भरपेट खाना और उसके तुरंत बाद सो जाना रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकता है। रात में भोजन जितना देर से और भारी होगा, कुछ लोगों में परेशानी की संभावना उतनी बढ़ सकती है।

कोशिश करें कि रात का खाना हल्का रखें और सोने से पर्याप्त समय पहले भोजन कर लें।

7. जल्दी-जल्दी खाना
भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग खाना भी जल्दबाजी में खाते हैं। भोजन को बिना अच्छी तरह चबाए जल्दी-जल्दी खाने से पेट में भारीपन और असहजता महसूस हो सकती है।

इसलिए भोजन आराम से करें और खाने को अच्छी तरह चबाने की आदत डालें।

8. अपने ट्रिगर फूड्स को न पहचानना
हर व्यक्ति में एसिडिटी के ट्रिगर अलग हो सकते हैं। किसी व्यक्ति को बहुत खट्टा खाना परेशान कर सकता है, जबकि किसी अन्य व्यक्ति को चॉकलेट, तला-भुना या मसालेदार भोजन खाने के बाद समस्या हो सकती है।

इसलिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि किन चीजों के सेवन के बाद आपको बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार या रिफ्लक्स की शिकायत होती है।

एसिडिटी बढ़ाने वाली 8 आदतें
जरूरत से ज्यादा खाना
खाना खाने के तुरंत बाद लेटना
बहुत ज्यादा तला-भुना खाना
खाली पेट ज्यादा चाय या कॉफी पीना
बहुत मसालेदार भोजन करना
देर रात भारी डिनर करना
जल्दी-जल्दी खाना
अपने ट्रिगर फूड्स की पहचान न करना
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर एसिडिटी कभी-कभार होती है, तो खान-पान और दिनचर्या में बदलाव से राहत मिल सकती है। लेकिन अगर सीने में जलन बार-बार होती है या इसके साथ कुछ अन्य लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इन लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है:

बार-बार या लगातार सीने में जलन
निगलने में परेशानी
लगातार उल्टी होना
बिना वजह वजन कम होना
काला मल आना
बार-बार एंटासिड या एसिडिटी की दवा लेने की जरूरत पड़ना
एसिडिटी को लंबे समय तक सिर्फ सामान्य गैस समझकर खुद से दवा लेते रहना सही नहीं है। बार-बार होने वाली समस्या के पीछे सही कारण का पता लगाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से उचित जांच और उपचार कराना जरूरी है।

सवाल: एसिडिटी बार-बार क्यों होती है?
खान-पान की गलत आदतें, जरूरत से ज्यादा खाना, देर रात भोजन करना, खाने के तुरंत बाद लेटना और कुछ विशेष ट्रिगर फूड्स एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।
सवाल: क्या खाली पेट चाय या कॉफी पीने से एसिडिटी हो सकती है?
कुछ लोगों में चाय या कॉफी, खासकर कैफीन का सेवन, सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स के लक्षण बढ़ा सकता है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है।

सवाल: एसिडिटी में किन चीजों से बचना चाहिए?
बहुत ज्यादा तला-भुना, अत्यधिक मसालेदार या ऐसे खाद्य पदार्थ जिनसे आपको व्यक्तिगत रूप से एसिडिटी के लक्षण बढ़ते हैं, उनका सेवन कम करना बेहतर हो सकता है।

सवाल: एसिडिटी होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर समस्या बार-बार होती है या इसके साथ निगलने में परेशानी, लगातार उल्टी, बिना वजह वजन घटना या काला मल आने जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए।

एक्सपर्ट के बारे में
डॉ. पियूष विश्वकर्मा गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लिवर रोगों के विशेषज्ञ हैं। उन्हें पाचन तंत्र, लिवर और पेट से जुड़ी बीमारियों के निदान और उपचार का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

वर्तमान में वह आरजी हॉस्पिटल में कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने एआईजी हॉस्पिटल, हैदराबाद, हिंदुजा हॉस्पिटल, मुंबई और बीजे मेडिकल कॉलेज, पुणे जैसे संस्थानों में प्रशिक्षण और कार्य किया है। उन्हें जटिल गैस्ट्रो और लिवर रोगों के उपचार के साथ आधुनिक चिकित्सा प्रक्रियाओं का भी अनुभव है।

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