कुत्ते के काटने से पहले ही पहचान लें ये संकेत! ये लक्षण दिखें तो रहें सावधान, काटने के बाद तुरंत करें ये काम
कुत्ते के काटने की घटना सामने आते ही सबसे बड़ी चिंता रेबीज को लेकर होती है। रेबीज एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित जानवर की लार के जरिए काटने या खरोंचने से फैल सकती है। इसलिए अगर किसी कुत्ते के व्यवहार में अचानक असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो उससे दूरी बनाना बेहद जरूरी है।हालांकि सिर्फ देखकर किसी कुत्ते के रेबीज से संक्रमित होने की पक्की पुष्टि नहीं की जा सकती। फिर भी कुछ ऐसे व्यवहार और लक्षण हैं, जिन्हें संभावित चेतावनी संकेत के तौर पर देखा जा सकता है।
किस तरह के कुत्ते से रहें सावधान?
1. अचानक आक्रामक होना
अगर सामान्य रूप से शांत रहने वाला कुत्ता अचानक बिना किसी उकसावे के लोगों या दूसरे जानवरों पर हमला करने लगे या काटने की कोशिश करे, तो उससे दूरी बनाएं।
2. व्यवहार में अचानक बदलाव
कुत्ता अचानक बहुत बेचैन, चिड़चिड़ा, डरा हुआ या असामान्य रूप से उत्तेजित दिखाई दे सकता है। व्यवहार में अचानक आया बदलाव संभावित चेतावनी संकेत हो सकता है।
3. असामान्य तरीके से इधर-उधर भागना
संक्रमित जानवर सामान्य व्यवहार से अलग तरीके से लगातार दौड़ सकता है या बिना किसी स्पष्ट वजह के असामान्य गतिविधियां कर सकता है।
4. मुंह से ज्यादा लार या झाग आना
मुंह से अत्यधिक लार निकलना या झाग दिखाई देना रेबीज के संभावित लक्षणों में शामिल है। हालांकि केवल झाग आने का मतलब यह नहीं है कि कुत्ता रेबीज से संक्रमित है।
5. आवाज में बदलाव
कुत्ते के भौंकने या गुर्राने की आवाज अचानक बदल सकती है। उसकी आवाज भारी या असामान्य हो सकती है और कुछ मामलों में आवाज निकालने में भी परेशानी हो सकती है।
6. निगलने में परेशानी
रेबीज तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में संक्रमित जानवर को निगलने में दिक्कत हो सकती है और उसके खाने-पीने के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे सकता है।
7. असामान्य चीजें चबाना
कुछ मामलों में संक्रमित जानवर ऐसी चीजों को काटने या चबाने की कोशिश कर सकता है, जिन्हें वह सामान्य तौर पर नहीं खाता।
8. चलने और संतुलन में परेशानी
बीमारी बढ़ने पर कुत्ते में कमजोरी, लड़खड़ाना और शरीर का संतुलन बिगड़ने जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
9. शरीर में कमजोरी या लकवा
रेबीज के कुछ मामलों में जानवर की कमजोरी धीरे-धीरे बढ़ सकती है और शरीर के कुछ हिस्सों में पैरालिसिस यानी लकवे की स्थिति भी आ सकती है।
10. दौरे या भ्रम जैसी स्थिति
गंभीर अवस्था में कुत्ते को दौरे पड़ सकते हैं, वह भ्रमित नजर आ सकता है और उसका व्यवहार सामान्य से पूरी तरह अलग हो सकता है।
कुत्ता काट ले या खरोंच दे तो क्या करें?
सबसे जरूरी बात ये है कि कुत्ते के काटने के बाद लक्षणों का इंतजार बिल्कुल न करें।
घाव को तुरंत साबुन और बहते हुए पानी से करीब 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं। इसके बाद जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। डॉक्टर घाव की स्थिति और एक्सपोजर के आधार पर रेबीज वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।
कुत्ता पालतू हो या आवारा, काटने या खरोंचने की घटना को हल्के में न लें। समय पर घाव की सफाई और मेडिकल सलाह लेना रेबीज से बचाव में बेहद महत्वपूर्ण है।

